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स्कूलों में अब गैस सिलेंडर पर बनेगा एमडीएम
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:01 PM IST
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अब गैस चूल्हे पर बनेगा एमडीएम
सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में अब एमडीएम बनाने में लकड़ी का ईंधन जुटाने की जरूरत नहीं होगी। अब स्कूलों में गैस सिलेंडर खरीदे जाएंगे।
सीतापुर में भी 2215 विद्यालयों में गैस सिलेंडर क्रय होंगे। इसके लिए शासन ने 93.11 लाख बजट आवंटित कर दिया है।
बता देें कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की गई है। इसके तहत नौनिहालों को स्कूल में ही पका पकाया भोजन दिया जाता है।
भोजन पकाने की जिम्मेदारी रसोईयों की होती है। इस योजना को प्रारंभ हुए दस बरस से अधिक का समय हो गया है। लेकिन अभी तक विभाग सभी स्कूलों में गैस चूल्हा नहीं उपलब्ध करा सका है।
सीतापुर जनपद में 4265 परिषदीय स्कूल में है। इनमें 2050 विद्यालयों में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। इन विद्यालयों में मध्याहन भोजन गैस सिलेंडर पर बनता है।
जबकि यहां पर 2215 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें आज तक गैस चूल्हा नहीं है। ऐसे में यहां के स्कूलों में चूल्हे पर ही भोजन पकाया जाता है।
जिस कारण एक तो भोजन पकाने में काफी विलंब होता है, दूसरे रसोईयों को चूल्हे पर एमडीएम बनाने में लकड़ी के ईंधन की तलाश करनी पड़ती है।
इस पर विभाग ने शासन को 2215 विद्यालयों में गैस सिलेंडर मुहैया की डिमांड भेजी थी। विभागीय डिमांड पर अब शासन ने अपनी मुहर लगा दी है।
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सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में अब एमडीएम बनाने में लकड़ी का ईंधन जुटाने की जरूरत नहीं होगी। अब स्कूलों में गैस सिलेंडर खरीदे जाएंगे।
सीतापुर में भी 2215 विद्यालयों में गैस सिलेंडर क्रय होंगे। इसके लिए शासन ने 93.11 लाख बजट आवंटित कर दिया है।
बता देें कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की गई है। इसके तहत नौनिहालों को स्कूल में ही पका पकाया भोजन दिया जाता है।
भोजन पकाने की जिम्मेदारी रसोईयों की होती है। इस योजना को प्रारंभ हुए दस बरस से अधिक का समय हो गया है। लेकिन अभी तक विभाग सभी स्कूलों में गैस चूल्हा नहीं उपलब्ध करा सका है।
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सीतापुर जनपद में 4265 परिषदीय स्कूल में है। इनमें 2050 विद्यालयों में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। इन विद्यालयों में मध्याहन भोजन गैस सिलेंडर पर बनता है।
जबकि यहां पर 2215 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें आज तक गैस चूल्हा नहीं है। ऐसे में यहां के स्कूलों में चूल्हे पर ही भोजन पकाया जाता है।
जिस कारण एक तो भोजन पकाने में काफी विलंब होता है, दूसरे रसोईयों को चूल्हे पर एमडीएम बनाने में लकड़ी के ईंधन की तलाश करनी पड़ती है।
इस पर विभाग ने शासन को 2215 विद्यालयों में गैस सिलेंडर मुहैया की डिमांड भेजी थी। विभागीय डिमांड पर अब शासन ने अपनी मुहर लगा दी है।