{"_id":"5c606b2fbdec2273a2563961","slug":"161549822767-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...यानी आबकारी अफसरों की सरपरस्ती में चलता कच्ची शराब का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...यानी आबकारी अफसरों की सरपरस्ती में चलता कच्ची शराब का कारोबार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। जिले में अभी तक कच्ची शराब के धंधे से अंजान आबकारी व पुलिस महकमे के अफसर अब सीधे धधक रहीं भट्ठियों पर पहुंच रहे हैं। महज कुछ घंटों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बरामद कर ली जा रही है। बड़ी संख्या में मौत के सौदागर गिरफ्तार किए जा रहे हैं। अफसरों की यह तेजी व सटीक कार्रवाई देख सवाल उठना लाजिमी है। ...तो क्या कच्ची शराब का धंधा अफसरों की सरपरस्ती में चल रहा है। बहरहाल, शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान से अवैध शराब के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
यूपी के कुशीनगर और सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से कई मौतों के बाद जागे शासन-प्रशासन की ओर से कच्ची शराब कारोबार के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। मुहिम के तहत शनिवार की रात जिले भर में कच्ची शराब की 19 भट्ठियों पर छापेमारी की गई। पुलिस, आबकारी व राजस्व की टीमें सीधे धधक रहीं भट्ठियों पर पहुंचीं और कार्रवाई करते हुए 1093 लीटर शराब बरामद की।
इस दौरान 3.70 क्विंटल लहन मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि धंधे में संलिप्त 96 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 84 अभियोग दर्ज किए गए हैं। इस मुहिम के दौरान की जाने वाली कार्रवाई ही अफसरों को कठघरे में खड़ा कर रही है।
विज्ञापन
एक पुलिस अफसर नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार करते हैं कि शराब के अवैध कारोबार की जानकारी विभाग को रहती है। निजी फायदे के लिए अनदेखी की जाती है। जब ऊपर से निर्देश मिलते हैं तो मरता क्या न करता की तर्ज पर अभियान चलाकर अपनी गर्दन बचाने के लिए कार्रवाई की जाती है।
देशी शराब की दुकानों पर भी की जांच
संयुक्त टीमों ने शनिवार की रात अभियान के दौरान 11 देशी शराब की दुकानों की पड़ताल की। इसी क्रम में अफसरों ने अंग्रेजी शराब की आठ तथा बीयर की छह दुकानों का निरीक्षण भी किया गया।
वर्जन
कच्ची शराब भटिठयों की जानकारी अपने सूत्रों से हासिल करने के बाद छापेमारी की जाती है। पुलिस, आबकारी व राजस्व द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अभियान में कार्रवाई के अलावा शराब दुकानों, हाईवे के किनारे ढाबों व टैंकरों की चेकिंग भी की जा रही है।
- सुनील कुमार दुबे, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
यूपी के कुशीनगर और सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से कई मौतों के बाद जागे शासन-प्रशासन की ओर से कच्ची शराब कारोबार के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। मुहिम के तहत शनिवार की रात जिले भर में कच्ची शराब की 19 भट्ठियों पर छापेमारी की गई। पुलिस, आबकारी व राजस्व की टीमें सीधे धधक रहीं भट्ठियों पर पहुंचीं और कार्रवाई करते हुए 1093 लीटर शराब बरामद की।
विज्ञापन
इस दौरान 3.70 क्विंटल लहन मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि धंधे में संलिप्त 96 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 84 अभियोग दर्ज किए गए हैं। इस मुहिम के दौरान की जाने वाली कार्रवाई ही अफसरों को कठघरे में खड़ा कर रही है।
विज्ञापन
एक पुलिस अफसर नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार करते हैं कि शराब के अवैध कारोबार की जानकारी विभाग को रहती है। निजी फायदे के लिए अनदेखी की जाती है। जब ऊपर से निर्देश मिलते हैं तो मरता क्या न करता की तर्ज पर अभियान चलाकर अपनी गर्दन बचाने के लिए कार्रवाई की जाती है।
देशी शराब की दुकानों पर भी की जांच
संयुक्त टीमों ने शनिवार की रात अभियान के दौरान 11 देशी शराब की दुकानों की पड़ताल की। इसी क्रम में अफसरों ने अंग्रेजी शराब की आठ तथा बीयर की छह दुकानों का निरीक्षण भी किया गया।
वर्जन
कच्ची शराब भटिठयों की जानकारी अपने सूत्रों से हासिल करने के बाद छापेमारी की जाती है। पुलिस, आबकारी व राजस्व द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अभियान में कार्रवाई के अलावा शराब दुकानों, हाईवे के किनारे ढाबों व टैंकरों की चेकिंग भी की जा रही है।
- सुनील कुमार दुबे, जिला आबकारी अधिकारी