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Sitapur News: डायरिया का शिकार 15 बच्चे, 36 बेड पर 50 भर्ती
Sat, 01 Jun 2024 09:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 01 Jun 2024 09:04 PM IST
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सीतापुर। भीषण गर्मी में बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में 15 बच्चे भर्ती हैं। इन बच्चों को उल्टी-दस्त के साथ ही बुखार आ रहा है। अचानक बीमार बच्चों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं।
एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती हैं। 36 बेड पर 50 बच्चों का इलाज चल रहा है। गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। इसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे लू की चपेट में आ रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया। इस वार्ड में 36 बेड हैं। इन पर 50 बच्चों को भर्ती किया गया है। बेड की कमी आड़े आ रही है तो एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं।
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चिकित्सकों ने बताया कि रोजाना पांच से सात बच्चे भर्ती हो रहे हैं। अधिकतर बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार के हैं। एक सप्ताह के अंदर इस वार्ड में विभिन्न बीमारियों के चलते तीन बच्चों की मौत हो चुकी है।
डायरिया के ये हैं लक्षण
दिन में कई बार दस्त आएं और पेट में दर्द व ऐंठन हो। उल्टी-दस्त, बुखार आ रहा हो। बच्चों का मुंह और त्वचा सूखी नजर आने लगे। अगर यह लक्षण बच्चे में दिखाई दे रहे हैं तो उसे डायरिया हो सकता है। तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर इलाज करवाएं।
बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव मिश्रा बताते हैं कि बच्चों में बार-बार दस्त आने से पानी की कमी हो जाती है। अगर दिन में कई बार दस्त आए है तो बच्चों को ओआरएस का घोल दें। अगर यह घर पर नहीं है तो पानी, नमक व चीनी का घोल बनाकर उसे पिलाते रहे। बुखार आने पर हाथ पैर को एक रूमाल को ठंडे पानी में भिगोकर पूरे शरीर को पोंछ दे। धूप में बच्चों को न निकलने देें। फास्ट फूड के बजाए उन्हें लिक्विड अधिक देने का प्रयास करें।
बढ़ी है संख्या
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे हैं। दवाएं पर्याप्त है। बेड की कमी बनी हुई है। मजबूरी में एक बेड पर दो बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैं।
डॉ. इंदर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती हैं। 36 बेड पर 50 बच्चों का इलाज चल रहा है। गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। इसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे लू की चपेट में आ रहे हैं।
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शनिवार को जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया। इस वार्ड में 36 बेड हैं। इन पर 50 बच्चों को भर्ती किया गया है। बेड की कमी आड़े आ रही है तो एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं।
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चिकित्सकों ने बताया कि रोजाना पांच से सात बच्चे भर्ती हो रहे हैं। अधिकतर बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार के हैं। एक सप्ताह के अंदर इस वार्ड में विभिन्न बीमारियों के चलते तीन बच्चों की मौत हो चुकी है।
डायरिया के ये हैं लक्षण
दिन में कई बार दस्त आएं और पेट में दर्द व ऐंठन हो। उल्टी-दस्त, बुखार आ रहा हो। बच्चों का मुंह और त्वचा सूखी नजर आने लगे। अगर यह लक्षण बच्चे में दिखाई दे रहे हैं तो उसे डायरिया हो सकता है। तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर इलाज करवाएं।
बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव मिश्रा बताते हैं कि बच्चों में बार-बार दस्त आने से पानी की कमी हो जाती है। अगर दिन में कई बार दस्त आए है तो बच्चों को ओआरएस का घोल दें। अगर यह घर पर नहीं है तो पानी, नमक व चीनी का घोल बनाकर उसे पिलाते रहे। बुखार आने पर हाथ पैर को एक रूमाल को ठंडे पानी में भिगोकर पूरे शरीर को पोंछ दे। धूप में बच्चों को न निकलने देें। फास्ट फूड के बजाए उन्हें लिक्विड अधिक देने का प्रयास करें।
बढ़ी है संख्या
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे हैं। दवाएं पर्याप्त है। बेड की कमी बनी हुई है। मजबूरी में एक बेड पर दो बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैं।
डॉ. इंदर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल