{"_id":"5b9ff456867a557ff0706db6","slug":"141537209430-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर की पटरी कटने से 50 बीघा फसल जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर की पटरी कटने से 50 बीघा फसल जलमग्न
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
लहरपुर (सीतापुर)। तेंदुआ माइनर की पटरी कट जाने से करीब 50 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। नहर विभाग के अधिकारी क्षतिग्रस्त पटरी जल्द दुरुस्त कराने की बात कह रहे हैं। तहसील क्षेत्र से तेंदुआ माइनर निकली है। किसानों के मुताबिक कई वर्षों से माइनर के सिल्ट की सफाई नहीं कराई गई है।
नतीजतन माइनर के भीतर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। उसमें जब पानी छोड़ा जाता है तो झाड़ियों और सिल्ट के कारण आगे नहीं बढ़ पाता जिससे नहर की कमजोर पटरी कट जाती है। सोमवार को बरगदहा पुल के पूरब की पटरी पानी के दबाव से कट गई जिससे माइनर का पानी आसपास के खेतों में भरने लगा।
पटरी कटने से करीब 50 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई है। किसान अशोक कुमार, गोबरेलाल, राम भूखन, इश्तियाक, सोनेलाल व हरद्वारी लाल के अनुसार माइनर का पानी आगे ड्रेन में गिरने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते माइनर की पटरी आए दिन कटती रहती है।
विज्ञापन
इससे जहां फसलों का नुकसान होता है वहीं पानी आगे नहीं पहुंचता। उदयभानपुर, रसूलपुर, ठेकेदार पुरवा, जवाहरपुर व इटारी आदि गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। नहर विभाग के जेई नारायण सिंह ने बताया कि पटरी कटने की जानकारी नहीं है। पता कर रहा हूं। जल्द ही क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराई जाएगी।
विज्ञापन
नतीजतन माइनर के भीतर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। उसमें जब पानी छोड़ा जाता है तो झाड़ियों और सिल्ट के कारण आगे नहीं बढ़ पाता जिससे नहर की कमजोर पटरी कट जाती है। सोमवार को बरगदहा पुल के पूरब की पटरी पानी के दबाव से कट गई जिससे माइनर का पानी आसपास के खेतों में भरने लगा।
विज्ञापन
पटरी कटने से करीब 50 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई है। किसान अशोक कुमार, गोबरेलाल, राम भूखन, इश्तियाक, सोनेलाल व हरद्वारी लाल के अनुसार माइनर का पानी आगे ड्रेन में गिरने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते माइनर की पटरी आए दिन कटती रहती है।
विज्ञापन
इससे जहां फसलों का नुकसान होता है वहीं पानी आगे नहीं पहुंचता। उदयभानपुर, रसूलपुर, ठेकेदार पुरवा, जवाहरपुर व इटारी आदि गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। नहर विभाग के जेई नारायण सिंह ने बताया कि पटरी कटने की जानकारी नहीं है। पता कर रहा हूं। जल्द ही क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराई जाएगी।