{"_id":"5c97d1a8bdec22147057a56a","slug":"131553453480-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"27 फीसदी गरीबों के नहीं बन सके आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
27 फीसदी गरीबों के नहीं बन सके आवास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। गरीबों को पक्की छत मुहैया कराना केंद्र व राज्य सरकार दोनों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में पीएम ग्रामीण आवास योजना में गरीबों को छत मुहैया कराने का पर्याप्त लक्ष्य भी है। इसके बावजूद लक्ष्य के सापेक्ष सौ फीसदी आवास बन नहीं पाए। 27 प्रतिशत गरीबों के आवासों का निर्माण अभी बाकी है। जबकि वित्तीय बरस के समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह शेष है।
इस वित्तीय बरस में शासन ने जिले में गरीबों को आवास देने के लिए 19655 का लक्ष्य तय किया था। बाढ़ की मार झेल रहे गांजरी क्षेत्र के ब्लॉक रेउसा में सर्वाधिक 2171 आवास का लक्ष्य है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक लक्ष्य के सापेक्ष 14369 पीएम आवास पूर्ण हो चुके हैं। इस प्रकार अपूर्ण आवासों का प्रतिशत 26.90 है।
दूसरी किस्त के सापेक्ष तीसरी किस्त का बीडीओ की ओर से 4014 लाभार्थियों का एफटीओ पेंडिंग है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह शेष रह गया है। ऐसे में लक्ष्य का पूर्ण होना संभव नहीं लगता। लाभार्थियों को सभी किस्तें प्राप्त करने के लिए जिम्मेदारों की गणेश परिक्रमा करनी पड़ रही है। समय से किस्तों के न मिलने से आवास निर्माण में बाधाएं आ रही हैं।
विज्ञापन
पांच ब्लॉक आवास निर्माण कार्य में फिसड्डी
जिले में ब्लॉकवार आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस लक्ष्य को पूर्ण करने में पांच ब्लॉक फिसड्डी रहे। गांजरी क्षेत्र के ब्लॉक रेउसा मेें आवास बनाने का सर्वाधिक 2171 का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष मात्र 1117 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। यह जिलेभर में सबसे फिसड्डी हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर मछरेहटा ब्लॉक है। यहां लक्ष्य 1736 आवासों के सापेक्ष 952 आवास पूर्ण हुए हैं। मिश्रिख में 846 पीएम आवास बनने हैं। जबकि अभी तक 67.38 प्रतिशत आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। पिसावां ब्लॉक में 1464 आवास के सापेक्ष 1024 आवास बने हैं। इसी प्रकार फिसड्डी ब्लॉकों में पांचवें स्थान पर पहला ब्लॉक है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 30.58 प्रतिशत आवास नहीं बन सके हैं।
प्रधान उपलब्ध कराते हैं निर्माण सामग्री
जिले में कई आवास लाभार्थियों का कहना है कि वह अपनी इच्छा से निर्माण सामग्री नहीं ले सकते हैं। प्रधान की मर्जी से सामग्री मिलती है। उनकी मर्जी पर है कि कब और कितना सामान मिलेगा। इससे आवास बनाने में गरीबों को दिक्कतें आ रही हैं।
बीते दो बरस के भी नहीं बन पाए आवास
जिले में पीएम ग्रामीण आवास लक्ष्य के सापेक्ष पूर्ण करने की स्थिति काफी खराब है। यहां बीते दो वित्तीय बरस का लक्ष्य भी पूर्ण नहीं हो सका है। वित्तीय बरस 2016-17 में 41911 आवास बनाने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 3.20 प्रतिशत आवास अभी भी नहीं बन पाए हैं। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में 36438 आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 90 प्रतिशत ही आवास बन सके हैं।
वर्जन
वर्तमान वित्तीय बरस में लक्ष्य के सापेक्ष आवासों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। बीते दो बरस के ऐसे लाभार्थियों के आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं, जिनके द्वारा किस्त प्राप्त करने के बाद उसका उपभोग नहीं किया। ऐसी स्थिति में उन्हें अगली किस्त नहीं दी गई है।
- अरुण कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
विज्ञापन
इस वित्तीय बरस में शासन ने जिले में गरीबों को आवास देने के लिए 19655 का लक्ष्य तय किया था। बाढ़ की मार झेल रहे गांजरी क्षेत्र के ब्लॉक रेउसा में सर्वाधिक 2171 आवास का लक्ष्य है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक लक्ष्य के सापेक्ष 14369 पीएम आवास पूर्ण हो चुके हैं। इस प्रकार अपूर्ण आवासों का प्रतिशत 26.90 है।
विज्ञापन
दूसरी किस्त के सापेक्ष तीसरी किस्त का बीडीओ की ओर से 4014 लाभार्थियों का एफटीओ पेंडिंग है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह शेष रह गया है। ऐसे में लक्ष्य का पूर्ण होना संभव नहीं लगता। लाभार्थियों को सभी किस्तें प्राप्त करने के लिए जिम्मेदारों की गणेश परिक्रमा करनी पड़ रही है। समय से किस्तों के न मिलने से आवास निर्माण में बाधाएं आ रही हैं।
विज्ञापन
पांच ब्लॉक आवास निर्माण कार्य में फिसड्डी
जिले में ब्लॉकवार आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस लक्ष्य को पूर्ण करने में पांच ब्लॉक फिसड्डी रहे। गांजरी क्षेत्र के ब्लॉक रेउसा मेें आवास बनाने का सर्वाधिक 2171 का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष मात्र 1117 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। यह जिलेभर में सबसे फिसड्डी हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर मछरेहटा ब्लॉक है। यहां लक्ष्य 1736 आवासों के सापेक्ष 952 आवास पूर्ण हुए हैं। मिश्रिख में 846 पीएम आवास बनने हैं। जबकि अभी तक 67.38 प्रतिशत आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। पिसावां ब्लॉक में 1464 आवास के सापेक्ष 1024 आवास बने हैं। इसी प्रकार फिसड्डी ब्लॉकों में पांचवें स्थान पर पहला ब्लॉक है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 30.58 प्रतिशत आवास नहीं बन सके हैं।
प्रधान उपलब्ध कराते हैं निर्माण सामग्री
जिले में कई आवास लाभार्थियों का कहना है कि वह अपनी इच्छा से निर्माण सामग्री नहीं ले सकते हैं। प्रधान की मर्जी से सामग्री मिलती है। उनकी मर्जी पर है कि कब और कितना सामान मिलेगा। इससे आवास बनाने में गरीबों को दिक्कतें आ रही हैं।
बीते दो बरस के भी नहीं बन पाए आवास
जिले में पीएम ग्रामीण आवास लक्ष्य के सापेक्ष पूर्ण करने की स्थिति काफी खराब है। यहां बीते दो वित्तीय बरस का लक्ष्य भी पूर्ण नहीं हो सका है। वित्तीय बरस 2016-17 में 41911 आवास बनाने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 3.20 प्रतिशत आवास अभी भी नहीं बन पाए हैं। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में 36438 आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 90 प्रतिशत ही आवास बन सके हैं।
वर्जन
वर्तमान वित्तीय बरस में लक्ष्य के सापेक्ष आवासों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। बीते दो बरस के ऐसे लाभार्थियों के आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं, जिनके द्वारा किस्त प्राप्त करने के बाद उसका उपभोग नहीं किया। ऐसी स्थिति में उन्हें अगली किस्त नहीं दी गई है।
- अरुण कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए