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तुगलकी फरमान सुनाने के मामले में दो गिरफ्तार
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पंचायत ने एक दलित परिवार का बंद करा दिया था हुक्का-पानी
महमूदाबाद (सीतापुर)। सदरपुर थाना क्षेत्र में एक दलित परिवार का हुक्का पानी बंद करने व एक लाख जुर्माना थोपने के मामले में नौ लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मालूम हो कि सदरपुर के पोखराकला गांव में रहने वाले प्रेम भार्गव के दरवाजे से 6 दिसंबर 2018 की रात दो भैंसें चोरी हो गई थीं। प्रेम को गांव के कुछ लोगों पर शक हुआ तो पंचायत को इसकी जानकारी दी। पंचायत में यह तय किया गया कि आरोपी गांव के ब्रह्मचारी बाबा के पवित्र स्थान पर कसम खाए। अगर उन्होंने चोरी की होगी तो सात दिनों में असर स्वरूप कुछ बुरा होगा।
कसम खाने के सात बाद तक जब आरोपियों के साथ कुछ गलत नहीं हुआ तो पंचायत ने मान लिया कि प्रेम ने झूठा आरोप लगाया है। लिहाजा, पंचायत ने प्रेम के परिवार का हुक्का-पानी बंद करते हुए एक लाख के जुर्माने तथा सात जवार (गांव व बिरादरी) को खाना खिलाने का तुगलकी फरमान सुना दिया।
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यह फरमान बाकायदा लिखित में जारी किया गया। सीतापुर के अलावा आसपास के कई जिलों में बिरादरी तक यह चिट्ठी पहुंचाई गई। पंचायत का यह तुगलकी फरमान गुरुवार को अखबारों की सुर्खियां बना तो पुलिस व प्रशासन हरकत में आया।
सदरपुर पुलिस ने पीड़ित प्रेम की तहरीर पर तुगलकी फरमान सुनाने वाली पंचायत में शामिल इंदर, हरीसन व नरेन्द्र निवासीगण पोखराकला, देवराम रावत निवासी बनवारीपुर, नेकराम निवासी आमा, लालबहादुर निवासी कोठिला, मैकूलाल निवासी रायपुर थाना रामपुर मथुरा, अभिषेक रावत निवासी बिरैचा थाना मानपुर तथा बिशम्भर निवासी भगौली थाना बड्डूपुर जिला बाराबंकी के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने इनमें से दो आरोपियों देवराम व नेकराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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महमूदाबाद (सीतापुर)। सदरपुर थाना क्षेत्र में एक दलित परिवार का हुक्का पानी बंद करने व एक लाख जुर्माना थोपने के मामले में नौ लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मालूम हो कि सदरपुर के पोखराकला गांव में रहने वाले प्रेम भार्गव के दरवाजे से 6 दिसंबर 2018 की रात दो भैंसें चोरी हो गई थीं। प्रेम को गांव के कुछ लोगों पर शक हुआ तो पंचायत को इसकी जानकारी दी। पंचायत में यह तय किया गया कि आरोपी गांव के ब्रह्मचारी बाबा के पवित्र स्थान पर कसम खाए। अगर उन्होंने चोरी की होगी तो सात दिनों में असर स्वरूप कुछ बुरा होगा।
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कसम खाने के सात बाद तक जब आरोपियों के साथ कुछ गलत नहीं हुआ तो पंचायत ने मान लिया कि प्रेम ने झूठा आरोप लगाया है। लिहाजा, पंचायत ने प्रेम के परिवार का हुक्का-पानी बंद करते हुए एक लाख के जुर्माने तथा सात जवार (गांव व बिरादरी) को खाना खिलाने का तुगलकी फरमान सुना दिया।
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यह फरमान बाकायदा लिखित में जारी किया गया। सीतापुर के अलावा आसपास के कई जिलों में बिरादरी तक यह चिट्ठी पहुंचाई गई। पंचायत का यह तुगलकी फरमान गुरुवार को अखबारों की सुर्खियां बना तो पुलिस व प्रशासन हरकत में आया।
सदरपुर पुलिस ने पीड़ित प्रेम की तहरीर पर तुगलकी फरमान सुनाने वाली पंचायत में शामिल इंदर, हरीसन व नरेन्द्र निवासीगण पोखराकला, देवराम रावत निवासी बनवारीपुर, नेकराम निवासी आमा, लालबहादुर निवासी कोठिला, मैकूलाल निवासी रायपुर थाना रामपुर मथुरा, अभिषेक रावत निवासी बिरैचा थाना मानपुर तथा बिशम्भर निवासी भगौली थाना बड्डूपुर जिला बाराबंकी के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने इनमें से दो आरोपियों देवराम व नेकराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।