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बदली व सर्द हवा ने छुड़ाई कंपकंपी
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:01 AM IST
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सूरज और बादलों के बीच दिनभर चलता रहा लुकाछिपी का खेल, 10 डिग्री रहा रात का तापमान
सीतापुर। मौसम के तेवर बुधवार को अचानक बदल गए। आसमान पर बादल घिर आए और सर्द हवा चलने लगीं। सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए मगर खुलकर अपनी चमक नहीं बिखेर सके। दिनभर धूप-छांव का खेल चलता रहा। बदली व सर्द हवा ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी।
अचानक ठंड में इजाफे से लोगों के शरीर पर गर्म कपड़ों का बोझ भी बढ़ गया। दिन में कई बार विजिबिलटी इतनी घट गई कि वाहनों को हेड लाइट जलानी पड़ी। न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम रहा। पहाड़ों पर हुई बूंदाबांदी और बर्फ बारी के बाद मैदानी क्षेत्रों में भी हवा का रुख सर्द हो गया है।
बुधवार को सुबह की शुरुआत ठिठुरन भरी ठंड से हुई। प्ले स्कूल और स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी सुबह-सुबह दिक्कत हुई। सर्द हवा चलने के कारण अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं हो सका। सुबह करीब 10:30 बजे सूर्यदेव ने दर्शन दिए मगर छाए बादलों के कारण खुलकर अपनी चमक नहीं बिखेर पाए।
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धूप बेहद हल्की रहने से उसमें गर्माहट महसूस नहीं हुई। दिनभर सूरज व बदलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। मौसम के तीखे तेवर देख लोग जैकेट, टोपी आदि गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकले। दिन में 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सर्द हवा दोपहर बाद तेज होने से सर्दी का सितम और बढ़ गया।
आलम यह रहा कि गर्म कपड़ों का बोझ शरीर पर लादे रहने के बाद भी लोगों ने ठिठुरन महसूस की। ठंड के प्रकोप देख सांझ ढलते ही लोग घरों में दुबक गए। रात नौ बजे के बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बुधवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले 48 घंटों में पारे में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने के आसार हैं।
ठंड का प्रकोप शुरू, नहीं जले अलाव
महमूदाबाद। ठंड का प्रकोप शुरू होने के बाद भी पालिका प्रशासन ने अभी तक अलाव जलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराना मुनासिब नहीं समझा है। हर वर्ष रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, तहसील, बजाजा चौराहा, रामकुण्ड, काली मंदिर, संकटा देवी मंदिर, सीएचसी, महिला अस्पताल आदि स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती रही है।
इस बार दिसंबर का दूसरा सप्ताह चलने के बावजूद अभी तक अलाव नहीं जलवाए गए है। जिससे गरीब व निराश्रित ठंड में ठिठुरने को विवश हैं। स्थानीय नागरिकों ने पालिका प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग की है। उधर, अधिशाषी अधिकारी शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि जल्द ही सभी चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जाएंगे।
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सीतापुर। मौसम के तेवर बुधवार को अचानक बदल गए। आसमान पर बादल घिर आए और सर्द हवा चलने लगीं। सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए मगर खुलकर अपनी चमक नहीं बिखेर सके। दिनभर धूप-छांव का खेल चलता रहा। बदली व सर्द हवा ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी।
अचानक ठंड में इजाफे से लोगों के शरीर पर गर्म कपड़ों का बोझ भी बढ़ गया। दिन में कई बार विजिबिलटी इतनी घट गई कि वाहनों को हेड लाइट जलानी पड़ी। न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम रहा। पहाड़ों पर हुई बूंदाबांदी और बर्फ बारी के बाद मैदानी क्षेत्रों में भी हवा का रुख सर्द हो गया है।
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बुधवार को सुबह की शुरुआत ठिठुरन भरी ठंड से हुई। प्ले स्कूल और स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी सुबह-सुबह दिक्कत हुई। सर्द हवा चलने के कारण अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं हो सका। सुबह करीब 10:30 बजे सूर्यदेव ने दर्शन दिए मगर छाए बादलों के कारण खुलकर अपनी चमक नहीं बिखेर पाए।
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धूप बेहद हल्की रहने से उसमें गर्माहट महसूस नहीं हुई। दिनभर सूरज व बदलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। मौसम के तीखे तेवर देख लोग जैकेट, टोपी आदि गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकले। दिन में 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सर्द हवा दोपहर बाद तेज होने से सर्दी का सितम और बढ़ गया।
आलम यह रहा कि गर्म कपड़ों का बोझ शरीर पर लादे रहने के बाद भी लोगों ने ठिठुरन महसूस की। ठंड के प्रकोप देख सांझ ढलते ही लोग घरों में दुबक गए। रात नौ बजे के बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बुधवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले 48 घंटों में पारे में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने के आसार हैं।
ठंड का प्रकोप शुरू, नहीं जले अलाव
महमूदाबाद। ठंड का प्रकोप शुरू होने के बाद भी पालिका प्रशासन ने अभी तक अलाव जलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराना मुनासिब नहीं समझा है। हर वर्ष रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, तहसील, बजाजा चौराहा, रामकुण्ड, काली मंदिर, संकटा देवी मंदिर, सीएचसी, महिला अस्पताल आदि स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती रही है।
इस बार दिसंबर का दूसरा सप्ताह चलने के बावजूद अभी तक अलाव नहीं जलवाए गए है। जिससे गरीब व निराश्रित ठंड में ठिठुरने को विवश हैं। स्थानीय नागरिकों ने पालिका प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग की है। उधर, अधिशाषी अधिकारी शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि जल्द ही सभी चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जाएंगे।