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तेज बारिश व ओले ने बढ़ाई ठंडक
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काली घटाओं के चलते दोपहर में छाया अंधेरा, हेडलाइट जलाकर गुजरते रहे वाहन
सीतापुर। मौसम का मिजाज शुक्रवार को दिनभर बदलता रहा। सुबह हल्की ठंडी, उसके बाद दोपहर में अचानक तेज बारिश व कई जगहों पर ओले पड़ने से ठंड बढ़ गई। दोपहर में इतना अंधेरा छा गया कि सड़क पर लोग वाहनों की लाइट जलाकर निकले।
एक समय ऐसा लगा कि ठंडक अपने रौद्र रुप में आ गई है। लेकिन उसके बाद धूप ने पूरा माहौल ही बदल दिया। शाम के समय धूप गायब हो गई। इससे एक बार फिर से ठंड बढ़ गई। शुक्रवार का मौसम दिनभर करवट बदलता रहा। सुबह जहां हल्का कोहरा पड़ा। उसके बाद सुबह नौ बजे धूप निकल आई।
इससे मौसम में कोई खास ठंडी नहीं बची थी। दोपहर के समय अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज गर्जना के साथ बारिश शुरु हो गई। यह बारिश पूरे जिले में करीब एक घंटे तक हुई। परसेंडी व रेउसा इलाके में कई जगहों पर ओले भी पड़े। साथ ही सड़कों पर अंधेरा छा गया।
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अधिकतर वाहन लाइट जलाकर निकले। ऐसा लग रहा था कि आज बहुत ठंडी पड़ेगी। मौसम नहीं खुलेगा। लेकिन करीब दो बजे बारिश बंद हो गई। तीन बजे कड़प धूप निकल आई। इससे चारों तरफ उजाला ही उजाला फैल गया। शाम के समय मौसम ने फिर से करवट बदली। धूप गायब होते ही ठंडी बढ़ गई।
भीगते हुए घर पहुंचे नौनिहाल
शुक्रवार को दोपहर में तेज बारिश शुरु हो गई। इस दौरान कई स्कूलों में छुट्टी हो गई। बारिश तेज होने व मौसम खराब होने की वजह से बच्चे भी जल्दी घर पहुंचने की फिराक में थे। इस दौरान सड़क पर वह भीगते हुए निकले। कई बच्चे पॉलीथिन से सिर ढककर अपने आप को बचाने का प्रयास करते तो कई बच्चे इस बारिश का लुत्फ उठाने से भी नहीं चूके। वह बरसात का बराबर मजा ले रहे थे।
मोहल्लों में हुआ जलभराव
इस बारिश की वजह से खूबपुर, विकास नगर व भार्गव कॉलोनी में निकलना दूभर हो गया। पहले से ही यहां पर जलनिकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव बना हुआ था। घरों का गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ है। जब बारिश हुई तो हालत बहुत ही खराब हो गए।
मार्गों पर पानी भरा होने से लोग इस पानी के बीच से होकर निकलने को मजबूर हुए। मोहल्लेवासियों का कहना है कि अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई हैं। उसके बाद गड्ढे तो पाट दिए गए, लेकिन सफाई कर्मी न आने से नालियां चोक हो गई है। इसकी वजह से हालात और खराब हो गए है।
फसलों को हुआ फायदा
बारिश से फसलों को फायदा पहुंचा है। किसान रामकृष्ण, अमित व सौरभ का कहना है कि इस समय गेहूं व सरसों की फसल को पानी की जरुरत पड़ रही है। अब बारिश हो गई तो इसका फायदा मिलेगा। फसलों की अब सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च बच गया है।
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सीतापुर। मौसम का मिजाज शुक्रवार को दिनभर बदलता रहा। सुबह हल्की ठंडी, उसके बाद दोपहर में अचानक तेज बारिश व कई जगहों पर ओले पड़ने से ठंड बढ़ गई। दोपहर में इतना अंधेरा छा गया कि सड़क पर लोग वाहनों की लाइट जलाकर निकले।
एक समय ऐसा लगा कि ठंडक अपने रौद्र रुप में आ गई है। लेकिन उसके बाद धूप ने पूरा माहौल ही बदल दिया। शाम के समय धूप गायब हो गई। इससे एक बार फिर से ठंड बढ़ गई। शुक्रवार का मौसम दिनभर करवट बदलता रहा। सुबह जहां हल्का कोहरा पड़ा। उसके बाद सुबह नौ बजे धूप निकल आई।
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इससे मौसम में कोई खास ठंडी नहीं बची थी। दोपहर के समय अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज गर्जना के साथ बारिश शुरु हो गई। यह बारिश पूरे जिले में करीब एक घंटे तक हुई। परसेंडी व रेउसा इलाके में कई जगहों पर ओले भी पड़े। साथ ही सड़कों पर अंधेरा छा गया।
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अधिकतर वाहन लाइट जलाकर निकले। ऐसा लग रहा था कि आज बहुत ठंडी पड़ेगी। मौसम नहीं खुलेगा। लेकिन करीब दो बजे बारिश बंद हो गई। तीन बजे कड़प धूप निकल आई। इससे चारों तरफ उजाला ही उजाला फैल गया। शाम के समय मौसम ने फिर से करवट बदली। धूप गायब होते ही ठंडी बढ़ गई।
भीगते हुए घर पहुंचे नौनिहाल
शुक्रवार को दोपहर में तेज बारिश शुरु हो गई। इस दौरान कई स्कूलों में छुट्टी हो गई। बारिश तेज होने व मौसम खराब होने की वजह से बच्चे भी जल्दी घर पहुंचने की फिराक में थे। इस दौरान सड़क पर वह भीगते हुए निकले। कई बच्चे पॉलीथिन से सिर ढककर अपने आप को बचाने का प्रयास करते तो कई बच्चे इस बारिश का लुत्फ उठाने से भी नहीं चूके। वह बरसात का बराबर मजा ले रहे थे।
मोहल्लों में हुआ जलभराव
इस बारिश की वजह से खूबपुर, विकास नगर व भार्गव कॉलोनी में निकलना दूभर हो गया। पहले से ही यहां पर जलनिकासी की व्यवस्था न होने से जलभराव बना हुआ था। घरों का गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ है। जब बारिश हुई तो हालत बहुत ही खराब हो गए।
मार्गों पर पानी भरा होने से लोग इस पानी के बीच से होकर निकलने को मजबूर हुए। मोहल्लेवासियों का कहना है कि अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई हैं। उसके बाद गड्ढे तो पाट दिए गए, लेकिन सफाई कर्मी न आने से नालियां चोक हो गई है। इसकी वजह से हालात और खराब हो गए है।
फसलों को हुआ फायदा
बारिश से फसलों को फायदा पहुंचा है। किसान रामकृष्ण, अमित व सौरभ का कहना है कि इस समय गेहूं व सरसों की फसल को पानी की जरुरत पड़ रही है। अब बारिश हो गई तो इसका फायदा मिलेगा। फसलों की अब सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च बच गया है।