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हरकत में आया प्रशासन, बांध की मरम्मत का शुरू
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:35 PM IST
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हरकत में आया प्रशासन, बांध की मरम्मत शुरू
चहलारी पुल के निकट के 100 गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
रेउसा (सीतापुर)। चहलारी पुल के निकट मौजूद बांध के क्षतिग्रस्त होने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रशासन ने बांध के आसपास मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। इससे तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने राहत की सांस ली है।
चहलारी घाट के निकट मौजूद बांध में हाल ही में हुई बारिश के चलते दरारें पड़ गई हैं। इस बांध का निर्माण तटीय क्षेत्र के गांवों को घाघरा के कहर से बचाने के लिए किया गया था, लेकिन घाघरा के उफनाने से पहले ही बरसात के कारण बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। इस खबर को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह बांध तटीय क्षेत्र के करीब 100 गांवों को बाढ़ व कटान से बचाने में सहायक है, लेकिन जब बांध ही जर्जर हो गया, तो तटीय क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ व कटान का संकट मंडराने लगा। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने इस पूरे मामले को संज्ञान लिया। जिसके बाद एसडीएम दीपेंद्र यादव मौके पर गए और क्षतिग्रस्त बांध का निरीक्षण कर जिम्मेदारों को बांध दुरुस्त करने के निर्देश दिए। प्रशासन के निर्देश के बाद गुरुवार को जिम्मेदारों ने बांध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। समय रहते अगर इस बांध को दुरुस्त कर लिया गया तो तटीय क्षेत्र के लोगों को घाघरा के कहर से बचाने में मदद मिलेगी।
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चहलारी पुल के निकट के 100 गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
रेउसा (सीतापुर)। चहलारी पुल के निकट मौजूद बांध के क्षतिग्रस्त होने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रशासन ने बांध के आसपास मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। इससे तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने राहत की सांस ली है।
चहलारी घाट के निकट मौजूद बांध में हाल ही में हुई बारिश के चलते दरारें पड़ गई हैं। इस बांध का निर्माण तटीय क्षेत्र के गांवों को घाघरा के कहर से बचाने के लिए किया गया था, लेकिन घाघरा के उफनाने से पहले ही बरसात के कारण बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। इस खबर को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह बांध तटीय क्षेत्र के करीब 100 गांवों को बाढ़ व कटान से बचाने में सहायक है, लेकिन जब बांध ही जर्जर हो गया, तो तटीय क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ व कटान का संकट मंडराने लगा। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने इस पूरे मामले को संज्ञान लिया। जिसके बाद एसडीएम दीपेंद्र यादव मौके पर गए और क्षतिग्रस्त बांध का निरीक्षण कर जिम्मेदारों को बांध दुरुस्त करने के निर्देश दिए। प्रशासन के निर्देश के बाद गुरुवार को जिम्मेदारों ने बांध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। समय रहते अगर इस बांध को दुरुस्त कर लिया गया तो तटीय क्षेत्र के लोगों को घाघरा के कहर से बचाने में मदद मिलेगी।
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