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आठ सौ लोगों ने चुनाव डयूटी न करने की दी अर्जी
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पांच सौ से अधिक कार्मिकों की कट चुकी ड्यूटी
सीतापुर। लोकसभा चुनाव में आठ सौ कार्मिकों की चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने की जिम्मेदारों के पास अर्जियां आईं। सभी ने चुनावी ड्यूटी न करने का कोई न कोई बहाना दिया। जांच के बाद अब तक पांच सौ से ज्यादा कर्मचारी ड्यूटी से कार्यमुक्त किए जा चुके हैं। बावजूद इसके बहुतायत में दिव्यांग कर्मचारी आज भी अपनी चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए जिम्मेदारों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।
जिले की नौ विधानसभा क्षेत्रों में चार लोकसभा सीटों के लिए मतदान होता है। मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। सीतापुर, धौरहरा एवं मोहनलालगंज लोकसभा के लिए मतदान छह मई को होगा। चुनाव कराने के लिए 19949 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के सबसे अधिक कार्मिकों की ड्यूटी लगी है।
इसमें पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम एवं द्वितीय हैं। जिले में इस बार ड्यूटी काटने के लिए नवीन व्यवस्था अपनाई गई। प्रथम ड्यूटी वितरण के पूर्व ही मेडिकल बोर्ड का गठन कर ऐसे कार्मिकों को एक ही दिन बुला लिए गया, जिन्हें कार्यालयाध्यक्ष ने विभिन्न कारणों (दिव्यांग, बीमारी, प्रसूतावकाश आदि) से ड्यूटी से मुक्त करने के लिए संस्तुति की थी।
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इससे दिव्यांगों एवं गंभीर रोगियों को बहुत ही कठिनाई उठानी पड़ी। कई गंभीर रोगी ऐसे आए जिनका इलाज पीजीआई सहित अन्य अस्पतालों एवं वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा था। इनमें से कुछ की ड्यूटी नहीं कट सकी है। यह अब भी जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। दिव्यांगों की भी ड्यूटी लगी है।
वह भी इसे कटवाने के लिए प्रयासरत हैं। मंगलवार को नगर पालिका परिषद बिसवां में कार्यरत कर्मचारी दिव्यांग मो. इरफान जिला विकास अधिकारी राकेश कुमार पांडे के समक्ष प्रस्तुत हुआ। उसने अपनी दिव्यांगता का हवाले देते हुए ड्यूटी काटने का अनुरोध किया।
इसी प्रकार पूर्व में कई दिव्यांग आ चुके हैं। जिन्हें ड्यूटी करने के लिए आदेश मिल चुका है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक लगभग आठ सौ की अर्जी चुनाव ड्यूटी न करने के लिए प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से पांच सौ अधिक की ड्यूटी कट चुकी हैं।
मेडिकल बोर्ड द्वारा अनफिट, मृत्यु, सेवानिवृत्त, प्रसूतावकाश आदि कारणों से चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया गया है। इस संबंध सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि जो कार्मिक वास्तविक रूप से ड्यूटी करने में सक्षम नहीं हैं। उनको चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।
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सीतापुर। लोकसभा चुनाव में आठ सौ कार्मिकों की चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने की जिम्मेदारों के पास अर्जियां आईं। सभी ने चुनावी ड्यूटी न करने का कोई न कोई बहाना दिया। जांच के बाद अब तक पांच सौ से ज्यादा कर्मचारी ड्यूटी से कार्यमुक्त किए जा चुके हैं। बावजूद इसके बहुतायत में दिव्यांग कर्मचारी आज भी अपनी चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए जिम्मेदारों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।
जिले की नौ विधानसभा क्षेत्रों में चार लोकसभा सीटों के लिए मतदान होता है। मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। सीतापुर, धौरहरा एवं मोहनलालगंज लोकसभा के लिए मतदान छह मई को होगा। चुनाव कराने के लिए 19949 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के सबसे अधिक कार्मिकों की ड्यूटी लगी है।
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इसमें पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम एवं द्वितीय हैं। जिले में इस बार ड्यूटी काटने के लिए नवीन व्यवस्था अपनाई गई। प्रथम ड्यूटी वितरण के पूर्व ही मेडिकल बोर्ड का गठन कर ऐसे कार्मिकों को एक ही दिन बुला लिए गया, जिन्हें कार्यालयाध्यक्ष ने विभिन्न कारणों (दिव्यांग, बीमारी, प्रसूतावकाश आदि) से ड्यूटी से मुक्त करने के लिए संस्तुति की थी।
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इससे दिव्यांगों एवं गंभीर रोगियों को बहुत ही कठिनाई उठानी पड़ी। कई गंभीर रोगी ऐसे आए जिनका इलाज पीजीआई सहित अन्य अस्पतालों एवं वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा था। इनमें से कुछ की ड्यूटी नहीं कट सकी है। यह अब भी जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। दिव्यांगों की भी ड्यूटी लगी है।
वह भी इसे कटवाने के लिए प्रयासरत हैं। मंगलवार को नगर पालिका परिषद बिसवां में कार्यरत कर्मचारी दिव्यांग मो. इरफान जिला विकास अधिकारी राकेश कुमार पांडे के समक्ष प्रस्तुत हुआ। उसने अपनी दिव्यांगता का हवाले देते हुए ड्यूटी काटने का अनुरोध किया।
इसी प्रकार पूर्व में कई दिव्यांग आ चुके हैं। जिन्हें ड्यूटी करने के लिए आदेश मिल चुका है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक लगभग आठ सौ की अर्जी चुनाव ड्यूटी न करने के लिए प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से पांच सौ अधिक की ड्यूटी कट चुकी हैं।
मेडिकल बोर्ड द्वारा अनफिट, मृत्यु, सेवानिवृत्त, प्रसूतावकाश आदि कारणों से चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया गया है। इस संबंध सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि जो कार्मिक वास्तविक रूप से ड्यूटी करने में सक्षम नहीं हैं। उनको चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।