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22 हजार जनधन खातों में 10 करोड़ जमा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:09 PM IST
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केंद्र सरकार के नोटबंदी के फरमान के बाद जनधन खातों में अचानक भारी मात्रा में रकम जमा हो गई। 22 हजार जनधन खातों में बीते 16 दिनों में 10 करोड़ रुपये जमा हो गए। अब रिजर्व बैंक ने इन खातों में जमा रकम का ब्योरा तलब किया है। इन खाता धारकों पर आयकर विभाग की गाज भी गिरना तय मानी जा रही है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले की बैंकों में करीब 22 हजार खाता धारकों के जनधन खाते हैं। ये खाते खुलने के बाद अभी तक जीरो, 100 व 500 रुपये के आसपास बैलेंस था। पर नोटबंदी के बाद से इनमें तेजी से रकम जमा होने लगी।
माना जा रहा है कि जिले में कालाधन के जमाखोरों ने अपनी रकम सफेद करने के लिए इन खातों का इस्तेमाल किया है। स्टेट बैंक के मैनेजर अभय श्रीवास्तव ने बताया कि नोटबंदी के फरमान के बाद जनधन के खातों में तेजी से रकम जमा की गई है।
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इन दिनों कैश की किल्लत है, इसलिए हर खाते से न्यूनतम कैश ही भुगतान किया गया है। इस संबंध में अभी आरबीआई के कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुए हैं। एलडीएम सिद्धार्थो पाल ने बताया कि जिले में अनुमानित करीब 22 हजार की संख्या में जनधन खाते हैं। यह सच है कि नोटबंदी के फरमान के बाद इन खातों में तेजी से बड़ी रकम जमा हुई है।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले की बैंकों में करीब 22 हजार खाता धारकों के जनधन खाते हैं। ये खाते खुलने के बाद अभी तक जीरो, 100 व 500 रुपये के आसपास बैलेंस था। पर नोटबंदी के बाद से इनमें तेजी से रकम जमा होने लगी।
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माना जा रहा है कि जिले में कालाधन के जमाखोरों ने अपनी रकम सफेद करने के लिए इन खातों का इस्तेमाल किया है। स्टेट बैंक के मैनेजर अभय श्रीवास्तव ने बताया कि नोटबंदी के फरमान के बाद जनधन के खातों में तेजी से रकम जमा की गई है।
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इन दिनों कैश की किल्लत है, इसलिए हर खाते से न्यूनतम कैश ही भुगतान किया गया है। इस संबंध में अभी आरबीआई के कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुए हैं। एलडीएम सिद्धार्थो पाल ने बताया कि जिले में अनुमानित करीब 22 हजार की संख्या में जनधन खाते हैं। यह सच है कि नोटबंदी के फरमान के बाद इन खातों में तेजी से बड़ी रकम जमा हुई है।