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विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ रहने के लिए जीवन शैली में करें सुधार
Sun, 07 Apr 2024 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 07 Apr 2024 11:17 PM IST
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खराब जीवन शैली से कम हो रही हैं लोगों की उम्र
25 से 30 वर्ष के युवा हो रहे हैं गंभीर बीमारी के शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनरग। खराब जीवनशैली का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रह है। बेतरतीब जीवन शैली लोगों की उम्र भी कम कर रही है। 25 से 30 वर्ष के युवा भी गंभीर रोग के शिकार हो जा रहे हैं। खराब होती जीवनशैली 90 फीसदी रोगों का कारण बन रही हैं।
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. आशीष त्रिपाठी ने कहा कि पिछले 20 सालों में खराब जीवनशैली ने लोगों की उम्र घटा दी है। अब 25-30 साल के युवा भी तेजी से गंभीर रोगों के शिकार हो रहे हैं। यह आंकड़ा पहले 40 साल के ऊपर हुआ करता था। उनका कहना है कि यदि जीवनशैली को सुधारा जाता है, तो 90 फीसदी तक समस्याओं को दूर कर सकते हैं।
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10 फीसदी रोग के दूसरे कारण
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अफजल ने बताया कि अस्पताल में आने वाले रोगी में 90 फीसदी कारण खराब जीवनशैली है। इसके कारण शरीर की क्रिया पर बुरा असर पड़ रहा है। यही कारण है कि पिछले 20 सालों में 25-35 साल की उम्र के युवा भी दिल के दौरे के शिकार हो रहे हैं।
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रोगों के लिए खराब जीवनशैली बड़ा कारण
डॉ संजय गुप्ता ने बताया कि रोगों के लिए खराब जीवनशैली बड़ा कारण है। इसे सुधारना हमारे हाथ में है। यदि हम खराब खाने-पीने की आदत, तनाव, चिंता व अन्य से दूर रहते हैं तो शरीर में रोग की घर करने की आशंका काफी कम हो जाती है। इसके अलावा बढ़ता प्रदूषण स्तर, खराब होता वातावरण भी रोग के लिए बड़ा कारण है। इनके कारण कैंसर जैसे घातक रोग बढ़े हैं, लेकिन यह हमारे हाथ में नहीं है। इन्हें रोकने के लिए केवल प्रयास कर सकते हैं।
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बढ़ रहे थायराइड व मधुमेह के मामले
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ गौरव दुबे ने बताया कि खराब जीवनशैली, खानपान की आदत व दूसरे कारणों से लोगों में तनाव, थायराइड, मधुमेह, बीपी सहित दूसरी समस्या बढ़ गई है। इस कारण पिछले कुछ सालों में ब्रेन स्ट्रोक सहित न्यूरो संबंधित रोगों में बढ़त दर्ज हुई है। कम उम्र के युवाओं में आ रहे ब्रेन स्ट्रोक के मामले चिंताजनक हैं।
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खराब जीवन शैली से कम हो रही हैं लोगों की उम्र
25 से 30 वर्ष के युवा हो रहे हैं गंभीर बीमारी के शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनरग। खराब जीवनशैली का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रह है। बेतरतीब जीवन शैली लोगों की उम्र भी कम कर रही है। 25 से 30 वर्ष के युवा भी गंभीर रोग के शिकार हो जा रहे हैं। खराब होती जीवनशैली 90 फीसदी रोगों का कारण बन रही हैं।
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. आशीष त्रिपाठी ने कहा कि पिछले 20 सालों में खराब जीवनशैली ने लोगों की उम्र घटा दी है। अब 25-30 साल के युवा भी तेजी से गंभीर रोगों के शिकार हो रहे हैं। यह आंकड़ा पहले 40 साल के ऊपर हुआ करता था। उनका कहना है कि यदि जीवनशैली को सुधारा जाता है, तो 90 फीसदी तक समस्याओं को दूर कर सकते हैं।
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10 फीसदी रोग के दूसरे कारण
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अफजल ने बताया कि अस्पताल में आने वाले रोगी में 90 फीसदी कारण खराब जीवनशैली है। इसके कारण शरीर की क्रिया पर बुरा असर पड़ रहा है। यही कारण है कि पिछले 20 सालों में 25-35 साल की उम्र के युवा भी दिल के दौरे के शिकार हो रहे हैं।
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रोगों के लिए खराब जीवनशैली बड़ा कारण
डॉ संजय गुप्ता ने बताया कि रोगों के लिए खराब जीवनशैली बड़ा कारण है। इसे सुधारना हमारे हाथ में है। यदि हम खराब खाने-पीने की आदत, तनाव, चिंता व अन्य से दूर रहते हैं तो शरीर में रोग की घर करने की आशंका काफी कम हो जाती है। इसके अलावा बढ़ता प्रदूषण स्तर, खराब होता वातावरण भी रोग के लिए बड़ा कारण है। इनके कारण कैंसर जैसे घातक रोग बढ़े हैं, लेकिन यह हमारे हाथ में नहीं है। इन्हें रोकने के लिए केवल प्रयास कर सकते हैं।
बढ़ रहे थायराइड व मधुमेह के मामले
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ गौरव दुबे ने बताया कि खराब जीवनशैली, खानपान की आदत व दूसरे कारणों से लोगों में तनाव, थायराइड, मधुमेह, बीपी सहित दूसरी समस्या बढ़ गई है। इस कारण पिछले कुछ सालों में ब्रेन स्ट्रोक सहित न्यूरो संबंधित रोगों में बढ़त दर्ज हुई है। कम उम्र के युवाओं में आ रहे ब्रेन स्ट्रोक के मामले चिंताजनक हैं।