फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   work on progress

मॉड्यूलर ओटी : तीन माह में होना था तैयार, दस माह बाद भी चल रहा काम

Fri, 08 Oct 2021 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 Oct 2021 11:42 PM IST
विज्ञापन
work on progress
मॉड्यूलर ओटी : तीन माह में होना था तैयार, दस माह बाद भी चल रहा काम
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में एक ऑपरेशन थियेटर के भरोसे 11 डॉक्टरों सर्जरी कर रहे हैं। ऐेसे में मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण निर्माणाधीन दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का निर्माण समय से पूरा नहीं होना है। जिस कार्य को तीन माह में पूरा होना था, दस माह बाद भी वह निर्माण की प्रक्रिया में है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में पांच ऑपरेशन थियेटर हैं। स्त्री रोग विभाग और नेत्र विभाग की एक-एक ओटी है। एक अन्य ओटी में सर्जरी, आर्थोपेडिक एवं ईएनटी के डॉक्टर सर्जरी कर रहे हैं। दो ओटी में मरम्मत कार्य जारी है, इस कारण वहां सर्जरी नहीं हो पा रही है। दिसंबर 2020 में ओटी को मॉड्यूलर बनाने का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार की ओर से कार्य पूरा कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
विज्ञापन

जेई बोले, एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा काम
जिला प्रशासन के माध्यम से जिला चिकित्सालय की दो ओटी को 45 लाख रुपये के बजट से मॉड्यूलर बनाने का कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार माड्यूलर ओटी में सर्जरी करने में ज्यादा सुविधा होती है। इसमें इंफेक्शन की आशंका बहुत कम हो जाती है। यह ओटी में डिजीटल डोर, डिस्प्ले सिस्टम, सेंट्रलाइज ओटी होती है। बेहतर लाइट सिस्टम, इसकी दीवारों पर एंटी माइक्रोबियल कोटिंग होती है। पीडब्ल्यूडी के जेई लालचंद पटेल ने बताया कि ओटी का कार्य अंतिम चरण में है। सिर्फ लाइट का कार्य शेष है, एक सप्ताह में ओटी का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

100 से अधिक सर्जरी वेटिंग में
संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्जरी और आर्थो के 4-4 और ईएनटी के तीन डॉक्टर हैं। डॉक्टरों के अनुसार 100 से अधिक सर्जरी में वेटिंग में है। ईएनटी के सर्जन डॉ. एके झा ने बताया कि एक सर्जरी होने के कारण डॉक्टर और मरीज दोनों को परेशान होना पड़ रहा है। सर्जन डॉ. डीसी चौधरी ने बताया कि इकलौती ओटी है, मरीजों का हित देखते हुए जब ओटी खाली मिलती है सर्जरी की जाती है। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि मॉड्यूलर ओटी के कार्य में देरी के कारण सर्जरी में दिक्कत आ रही है। ओटी की मरम्मत में तीन माह का वक्त था। लेकिन दस माह बाद भी काम अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed