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अनशन पर बैठीं महिला प्रशिक्षु
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Jan 2016 11:54 PM IST
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डायट प्राचार्य के रवैया के विरोध में मासूम बच्चों समेत 20 महिला प्रशिक्षु शिक्षिकाएं शुक्रवार से कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गईं।
शिक्षिकाओं ने प्राचार्य पर आरोप लगाया कि हठधर्मिता के आगे उच्च न्यायालय का आदेश मानने से इनकार कर रहे हैं। डायट परीक्षा का प्रवेश पत्र भी नहीं जारी किया। कटऑफ लिस्ट में नाम होने के बाद भी शिक्षिकाओं को परीक्षा देने से महरूम किया गया है।
नाराज शिक्षिकाओं ने कहा कि वह प्रशिक्षु शिक्षक चयन वर्ष 2011 में चयनित हैं। नौकरी की तलाश में मुरादाबाद, लखनऊ, बाराबंकी, वाराणसी, फैजाबाद आदि जिलों से यहां पहुंची। पिछले 11 माह से तैनाती विद्यालयों पर कार्यरत हैं। जिसमें 3 माह क्रियात्मक व 3 माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण भी शामिल है।
बावजूद बिना कोई लिखित कारण बताएं उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। उच्च न्यायालय के जारी निर्देश में कहा कि 22 व 23 जनवरी को होने वाली परीक्षा में सम्मिलित किया जाए। आदेश की प्रतिलिपि 18 जनवरी को डीएम के निर्देश पर डायट प्राचार्य को उपलब्ध करा दिया गया।
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इसके बाद प्रवेश पत्र लेने के लिए 20 जनवरी को डायट पर पहुंची तो अगले दिन आने के लिए कहा। गुरुवार को डायट पर पहुंचने के बाद प्राचार्य ने शाम को मिलने की बात कही लेकिन पूरी रात वह नहीं आए।
गोद में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर रात गुजार दिया पर प्रवेश पत्र नहीं मिल सका। आमरण अनशन पर बैठने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों में अभिनव, आंचल, दीपिका, प्रियंका, आरती, शिवांगी, ज्योति, प्रांजलि, निधि, पूजा, सुषमा, माला, कल्पना आदि शामिल रहीं।
इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि महिला प्रशिक्षुओं के मामले में कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए डायट प्राचार्य को कहा गया था। अब क्या परिस्थिति है, इस बारे में पता कर जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
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शिक्षिकाओं ने प्राचार्य पर आरोप लगाया कि हठधर्मिता के आगे उच्च न्यायालय का आदेश मानने से इनकार कर रहे हैं। डायट परीक्षा का प्रवेश पत्र भी नहीं जारी किया। कटऑफ लिस्ट में नाम होने के बाद भी शिक्षिकाओं को परीक्षा देने से महरूम किया गया है।
नाराज शिक्षिकाओं ने कहा कि वह प्रशिक्षु शिक्षक चयन वर्ष 2011 में चयनित हैं। नौकरी की तलाश में मुरादाबाद, लखनऊ, बाराबंकी, वाराणसी, फैजाबाद आदि जिलों से यहां पहुंची। पिछले 11 माह से तैनाती विद्यालयों पर कार्यरत हैं। जिसमें 3 माह क्रियात्मक व 3 माह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण भी शामिल है।
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बावजूद बिना कोई लिखित कारण बताएं उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। उच्च न्यायालय के जारी निर्देश में कहा कि 22 व 23 जनवरी को होने वाली परीक्षा में सम्मिलित किया जाए। आदेश की प्रतिलिपि 18 जनवरी को डीएम के निर्देश पर डायट प्राचार्य को उपलब्ध करा दिया गया।
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इसके बाद प्रवेश पत्र लेने के लिए 20 जनवरी को डायट पर पहुंची तो अगले दिन आने के लिए कहा। गुरुवार को डायट पर पहुंचने के बाद प्राचार्य ने शाम को मिलने की बात कही लेकिन पूरी रात वह नहीं आए।
गोद में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर रात गुजार दिया पर प्रवेश पत्र नहीं मिल सका। आमरण अनशन पर बैठने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों में अभिनव, आंचल, दीपिका, प्रियंका, आरती, शिवांगी, ज्योति, प्रांजलि, निधि, पूजा, सुषमा, माला, कल्पना आदि शामिल रहीं।
इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि महिला प्रशिक्षुओं के मामले में कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए डायट प्राचार्य को कहा गया था। अब क्या परिस्थिति है, इस बारे में पता कर जल्द ही समाधान कराया जाएगा।