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Siddharthnagar News: आज सुहागिनें पति की दीर्घायु के लिए रखेंगी तीज व्रत
Mon, 18 Sep 2023 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 18 Sep 2023 01:44 AM IST
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खरीदारी करती महिला
सिद्धार्थनगर। अखंड सुहाग की कामना के लिए सुहागिनें सोमवार को तीज व्रत रखेंगी। इस व्रत को लेकर सुहागिनें तैयारियों में जुटी रहीं। कपड़ा, जेवर, सुहाग की अन्य सामग्रियों के अलावा पूजन सामग्री के खरीद में लगी रहीं।
हाथों पर मेंहदी रचाने, तरह-तरह के पकवान बनाने के लिए रविवार को महिलाएं तैयारी करती दिखी। तीज व्रत की पूर्व संध्या पर शहर के बाजारों में महिलाओं की भीड़ देखते ही बन रही थी। कस्बे के मोहाना बाजार, पुरानी नौगढ़ आदि बाजारों में खरीदारी करते महिलाएं देखी गईं।
सोमवार को सूर्योदय के साथ ही महिलाओं का यह व्रत शुरु हो जाएगा। निर्जला व्रत का पारण मंगलवार सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में करेंगी। 24 घंटे का यह व्रत बेहद कठिन माना जाता है, मगर सुहागिनें इसे लेकर काफी उत्साहित हैं।
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सोलह श्रृंगार कर पति की लंबी उम्र की कामना करने को लेकर तीज व्रत रखना मन को आनंदित कर रहा है। पति से बढ़कर कोई पूंजी नहीं होती।
पूजा चौधरी
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तीज व्रत की तैयारी में कोई कोर कसर नहीं रहेगी। हाथों में मेहंदी, सजना संवरना सुखद लगता है। पति की दीर्घायु के लिए व्रत रहना सौभाग्य की बात है।
-गीता चौधरी
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सुबह से ही निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा, हर बार की तरह दिन भर व्रत रखने के बाद शाम को मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी है।
-सत्यवती विश्वकर्मा
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कई दिनों से तीज की तैयारी चल रही है। नए कपड़े, श्रृंगार सामग्री आदि की खरीदारी हो चुकी है। सोमवार सुबह से व्रत शुरू होगा, दूसरे दिन पारण होगा।
-शिल्पा मोदनवाल
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व्रत-पूजन का मुहूर्त
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि इस वर्ष तृतीया तिथि का अभाव नहीं है, इसलिए पूजन दिन में और सायंकाल प्रदोष बेला में संपन्न किया जा सकता है। लेकिन सर्वोत्तम मुहूर्त इस प्रकार है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी व्रत रखने वाली महिलाएं भी इसी दिन व्रत रहेंगी। लेकिन गणेश चतुर्थी व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्र दर्शन नहीं करेंगी। मंगलवार को महिलाएं ऋषि पंचमी का व्रत रखेंगी। उन्होंने बताया कि हरितालिका व्रत रखने वाली महिलाएं सोमवार की रात 12 बजे के बाद पारण कर सकती हैं। क्याेकि मंगलवार की सुबह 10:53 के बाद पंचमी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ऋषि पंचमी व्रत में सप्त ऋषियों के पूजा का विधान है।
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लाभ एवं अमृत बेला : सुबह 5:56 से 10:27 बजे तक।
शुभ बेला : दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक।
चर बेला : दोपहर 2:00 बजे से दिन के 3:00 बजे तक।
लाभ और अमृत बेला : शाम 5:00 से 6:00 बजे तक सर्वोत्तम है।
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हाथों पर मेंहदी रचाने, तरह-तरह के पकवान बनाने के लिए रविवार को महिलाएं तैयारी करती दिखी। तीज व्रत की पूर्व संध्या पर शहर के बाजारों में महिलाओं की भीड़ देखते ही बन रही थी। कस्बे के मोहाना बाजार, पुरानी नौगढ़ आदि बाजारों में खरीदारी करते महिलाएं देखी गईं।
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सोमवार को सूर्योदय के साथ ही महिलाओं का यह व्रत शुरु हो जाएगा। निर्जला व्रत का पारण मंगलवार सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में करेंगी। 24 घंटे का यह व्रत बेहद कठिन माना जाता है, मगर सुहागिनें इसे लेकर काफी उत्साहित हैं।
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सोलह श्रृंगार कर पति की लंबी उम्र की कामना करने को लेकर तीज व्रत रखना मन को आनंदित कर रहा है। पति से बढ़कर कोई पूंजी नहीं होती।
पूजा चौधरी
तीज व्रत की तैयारी में कोई कोर कसर नहीं रहेगी। हाथों में मेहंदी, सजना संवरना सुखद लगता है। पति की दीर्घायु के लिए व्रत रहना सौभाग्य की बात है।
-गीता चौधरी
सुबह से ही निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा, हर बार की तरह दिन भर व्रत रखने के बाद शाम को मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी है।
-सत्यवती विश्वकर्मा
कई दिनों से तीज की तैयारी चल रही है। नए कपड़े, श्रृंगार सामग्री आदि की खरीदारी हो चुकी है। सोमवार सुबह से व्रत शुरू होगा, दूसरे दिन पारण होगा।
-शिल्पा मोदनवाल
व्रत-पूजन का मुहूर्त
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि इस वर्ष तृतीया तिथि का अभाव नहीं है, इसलिए पूजन दिन में और सायंकाल प्रदोष बेला में संपन्न किया जा सकता है। लेकिन सर्वोत्तम मुहूर्त इस प्रकार है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी व्रत रखने वाली महिलाएं भी इसी दिन व्रत रहेंगी। लेकिन गणेश चतुर्थी व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्र दर्शन नहीं करेंगी। मंगलवार को महिलाएं ऋषि पंचमी का व्रत रखेंगी। उन्होंने बताया कि हरितालिका व्रत रखने वाली महिलाएं सोमवार की रात 12 बजे के बाद पारण कर सकती हैं। क्याेकि मंगलवार की सुबह 10:53 के बाद पंचमी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ऋषि पंचमी व्रत में सप्त ऋषियों के पूजा का विधान है।
लाभ एवं अमृत बेला : सुबह 5:56 से 10:27 बजे तक।
शुभ बेला : दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक।
चर बेला : दोपहर 2:00 बजे से दिन के 3:00 बजे तक।
लाभ और अमृत बेला : शाम 5:00 से 6:00 बजे तक सर्वोत्तम है।