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Siddharthnagar News: सरकारी खाते में दर्ज होगी 150 हेक्टेयर भूमि, विकास कार्यों में होगा उपयोग
Sat, 09 Mar 2024 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 09 Mar 2024 01:58 AM IST
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सिद्धार्थनगर। नौगढ़ तहसील में कई गांवों में विकास कार्यों में निर्माण कार्य के लिए भूमि की कमी दूर होने वाली है। कारण इन गांवों में कुछ समय के लिए आसामी पट्टे पर आवंटित हुआ 150 हेक्टेयर कृषि भूमि खाली करा सरकारी खाते में दर्ज होगी। 45 गांवों में चिन्हित इस भूमि को सूचीबद्ध कर सरकारी खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे इन गांवों में पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय व पानी टंकी आदि विकास योजनाओं के लिए भूमि की कमी नहीं रहेगी।
कृषि भूमिविहीन लोगों को गांवों में खेती करने के लिए सरकारी संक्रमणीय भूमि को आसामी पट्टे पर दी जाती है। जिसे निर्धारित समय पर नवीनीकरण कराना होता है। प्रशासन के तरफ से सरकारी भूमि तलाश करने के अभियान के तहत 45 गांवों में ऐसी 150 हेक्टेयर भूमि तलाश की गई है, जिसका निर्धारित समय पर नवीनीकरण नहीं कराया गया। जिससे संबंधित व्यक्ति को आवंटित कृषि भूमि का आसामी पट्टा निरस्त हो चुका था, लेकिन वह लोग अभी भी सरकारी भूमि पर काबिज होने के साथ ही उसका उपभोग भी कर रहे थे। इनमें कुछ लोगों ने इस भूमि पर पक्का निर्माण कार्य भी करा लिया है। इन भूमियों के चिन्हांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है, अब इनको सूचीबद्ध कर सरकारी खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही यह भूमि राज्य सरकारी की संपत्ति घोषित हो जाएगी। वहीं भूमि नहीं मिलने के कारण अब तक 21 गांवों में पंचायत भवन, पांच गांवों में सामुदायिक शौचालय और 35 से अधिक गांवों में पानी टंकी का निर्माण नहीं हो सका है।
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बिना नवीनीकरण कराए 20 वर्ष से रहे काबिज
गांवों में खाली पड़े सरकारी भूमि को कृषि कार्य के लिए पांच एवं 10 वर्ष के लिए पट्टा आवंटित किया जाता है। पट्टा अवधि समाप्त होने के बाद इसका नवीनीकरण कराना होता है। जो यह कृषि पट्टा कराने वाले नहीं कराए। इनमें कई ऐसे पट्टाधारक है जो पिछले 15 वर्ष से 20 वर्ष तक बिना नवीनीकरण के संबंधित भूमि पर काबिज है। तहसील प्रशासन नौगढ़ के रिपोर्ट के मुताबिक 45 राजस्व ग्रामों में लगभग 150 हेक्टेयर भूमि जो श्रेणी-3 (असामी पट्टेदार)के खाते मे दर्ज है। उस श्रेणी-3 के खाते से निरस्त कर श्रेणी-6 (राज्य सरकार) के खाते में दर्ज करने के लिए तहसीलदार नौगढ़ की ओर से रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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इन गांवों में चिह्नित हुई है सरकारी भूमि
तहसील क्षेत्र नौगढ़ के 45 गांवों में सरकारी भूमि चिह्नित है। जिसमें बभनी, मधुबनी, चौरासी, दुमदुमवा, छितरापार, रसियावल खुर्द, बरगदवा, गुलरिहा, पारानानकार, टुंगौरा, थरौली, धौरी कुंइया, पिपरा नायक, पटनी जंगल, सेमरा मिश्रा, पतसिया, बडगो, चोरई, अजगरा,परती बाजार, देवपुर ग्रान्ट, चौरी, महदेवा, महदेइया, पचमा, कठहा, बरदहा, सुगही, नौवाडांडी, महुआ माफी, पोखरभिटवा, बेल्टीकर, देवपुर मस्जिदिया, बेलवा,करमहा,पटखौली, बर्रोहिया खालसा,करुआवल कला,महनाग, रमवापुर,कौलपुर ग्रान्ट, खखरा, गदहमरवा, कोल्हुआ, रुद्रपुर गांव शामिल है।
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76 वर्ष बाद भी अंग्रेज के नाम दर्ज है भूमि
देश की आजादी के 76 वर्ष बाद भी तहसील नौगढ़ के बर्डपुर नंबर नौ में दो हेक्टेयर से अधिक भूमि एक अंग्रेज के नाम से दर्ज है। लेखपाल के रिपोर्ट के अनुसार नगर पंचायत कपिलवस्तु (बर्डपुर कस्बा) में स्थित यह भूमि मिस्टर विलियम टस्को हिल, पीवी के नाम से संक्रमणीय भूमिधर के खाते में दर्ज है। इस भूमि का पिछले कई वर्ष से भू-राजस्व देय नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार इस भूमि के स्वामी अंग्रेज विलियम टस्को हिल देश की आजादी के बाद इंग्लैंड चले गए, तब से उनके परिवार को कोई विधिक वारिस नहीं आया। बर्डपुर कस्बा में स्थित इस बेसकीमती भूमि के ईर्द-गिर्द अतिक्रमण भी बढ़ गया है, इसमें कुछ लोग अवैध तरीके से कब्जा भी कर रहे है। उसे राज्य संपत्ति दर्ज करने की रिपोर्ट भेजी गई है।
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गांव में विकास कार्यों के लिए सरकारी भूमि बहुत जरूरी है, जहां भी सरकारी भूमि पर कब्जे है उन्हें हटाकर इन भूमियों को उपयोग किया जाना चाहिए।
-राकेश चौधरी, मंगराव
पंचायत भवन, पानी की टंकी व सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए भूमि नहीं मिलती है, सरकारी भूमि कब्जामुक्त कर इसका निर्माण कराया जाए।
-नीरज यादव, ग्रामीण
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राजस्व अभिलेखों में आसामी पट्टा भूमि को खाली करा उसे राज्य संपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही इस भूमि को खाली करा विकास कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। सरकारी भूमि को खाली कराने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम नौगढ़
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कृषि भूमिविहीन लोगों को गांवों में खेती करने के लिए सरकारी संक्रमणीय भूमि को आसामी पट्टे पर दी जाती है। जिसे निर्धारित समय पर नवीनीकरण कराना होता है। प्रशासन के तरफ से सरकारी भूमि तलाश करने के अभियान के तहत 45 गांवों में ऐसी 150 हेक्टेयर भूमि तलाश की गई है, जिसका निर्धारित समय पर नवीनीकरण नहीं कराया गया। जिससे संबंधित व्यक्ति को आवंटित कृषि भूमि का आसामी पट्टा निरस्त हो चुका था, लेकिन वह लोग अभी भी सरकारी भूमि पर काबिज होने के साथ ही उसका उपभोग भी कर रहे थे। इनमें कुछ लोगों ने इस भूमि पर पक्का निर्माण कार्य भी करा लिया है। इन भूमियों के चिन्हांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है, अब इनको सूचीबद्ध कर सरकारी खाते में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही यह भूमि राज्य सरकारी की संपत्ति घोषित हो जाएगी। वहीं भूमि नहीं मिलने के कारण अब तक 21 गांवों में पंचायत भवन, पांच गांवों में सामुदायिक शौचालय और 35 से अधिक गांवों में पानी टंकी का निर्माण नहीं हो सका है।
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बिना नवीनीकरण कराए 20 वर्ष से रहे काबिज
गांवों में खाली पड़े सरकारी भूमि को कृषि कार्य के लिए पांच एवं 10 वर्ष के लिए पट्टा आवंटित किया जाता है। पट्टा अवधि समाप्त होने के बाद इसका नवीनीकरण कराना होता है। जो यह कृषि पट्टा कराने वाले नहीं कराए। इनमें कई ऐसे पट्टाधारक है जो पिछले 15 वर्ष से 20 वर्ष तक बिना नवीनीकरण के संबंधित भूमि पर काबिज है। तहसील प्रशासन नौगढ़ के रिपोर्ट के मुताबिक 45 राजस्व ग्रामों में लगभग 150 हेक्टेयर भूमि जो श्रेणी-3 (असामी पट्टेदार)के खाते मे दर्ज है। उस श्रेणी-3 के खाते से निरस्त कर श्रेणी-6 (राज्य सरकार) के खाते में दर्ज करने के लिए तहसीलदार नौगढ़ की ओर से रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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इन गांवों में चिह्नित हुई है सरकारी भूमि
तहसील क्षेत्र नौगढ़ के 45 गांवों में सरकारी भूमि चिह्नित है। जिसमें बभनी, मधुबनी, चौरासी, दुमदुमवा, छितरापार, रसियावल खुर्द, बरगदवा, गुलरिहा, पारानानकार, टुंगौरा, थरौली, धौरी कुंइया, पिपरा नायक, पटनी जंगल, सेमरा मिश्रा, पतसिया, बडगो, चोरई, अजगरा,परती बाजार, देवपुर ग्रान्ट, चौरी, महदेवा, महदेइया, पचमा, कठहा, बरदहा, सुगही, नौवाडांडी, महुआ माफी, पोखरभिटवा, बेल्टीकर, देवपुर मस्जिदिया, बेलवा,करमहा,पटखौली, बर्रोहिया खालसा,करुआवल कला,महनाग, रमवापुर,कौलपुर ग्रान्ट, खखरा, गदहमरवा, कोल्हुआ, रुद्रपुर गांव शामिल है।
76 वर्ष बाद भी अंग्रेज के नाम दर्ज है भूमि
देश की आजादी के 76 वर्ष बाद भी तहसील नौगढ़ के बर्डपुर नंबर नौ में दो हेक्टेयर से अधिक भूमि एक अंग्रेज के नाम से दर्ज है। लेखपाल के रिपोर्ट के अनुसार नगर पंचायत कपिलवस्तु (बर्डपुर कस्बा) में स्थित यह भूमि मिस्टर विलियम टस्को हिल, पीवी के नाम से संक्रमणीय भूमिधर के खाते में दर्ज है। इस भूमि का पिछले कई वर्ष से भू-राजस्व देय नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार इस भूमि के स्वामी अंग्रेज विलियम टस्को हिल देश की आजादी के बाद इंग्लैंड चले गए, तब से उनके परिवार को कोई विधिक वारिस नहीं आया। बर्डपुर कस्बा में स्थित इस बेसकीमती भूमि के ईर्द-गिर्द अतिक्रमण भी बढ़ गया है, इसमें कुछ लोग अवैध तरीके से कब्जा भी कर रहे है। उसे राज्य संपत्ति दर्ज करने की रिपोर्ट भेजी गई है।
गांव में विकास कार्यों के लिए सरकारी भूमि बहुत जरूरी है, जहां भी सरकारी भूमि पर कब्जे है उन्हें हटाकर इन भूमियों को उपयोग किया जाना चाहिए।
-राकेश चौधरी, मंगराव
पंचायत भवन, पानी की टंकी व सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए भूमि नहीं मिलती है, सरकारी भूमि कब्जामुक्त कर इसका निर्माण कराया जाए।
-नीरज यादव, ग्रामीण
राजस्व अभिलेखों में आसामी पट्टा भूमि को खाली करा उसे राज्य संपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही इस भूमि को खाली करा विकास कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। सरकारी भूमि को खाली कराने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम नौगढ़