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Siddharthnagar News: जहां बनना था पार्क, वहां गिरा रहे कूड़ा, दूषित हो रही शहर की हवा
Mon, 15 Apr 2024 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 15 Apr 2024 02:36 AM IST
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शहर के जमुआर नदी घाट पर बने स्थल पर डाला जा रहा शहर का कूड़ा
पकड़ी चौराहे के पास बने निस्तारण केंद्र पर नहीं डाला जा रहा कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के पकड़ी चौराहे के पास बने कूड़ा निस्तारण केंद्र के बजाय जमुआर घाट पर पार्क के लिए चयनित स्थल पर कूड़ा डाला जा रहा है। इससे शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने के अभियान को धक्का लगा है। हालत यह है कि सुबह-शाम को यहां टहलने वाले शहरियों को शुद्ध हवा मिलने की जगह नाक बंद कर गुजरना पड़ रहा है।
शहर के जमुआर घाट पर बने अंत्येष्टि स्थल के पास ही लोगों के लिए पर्यटकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां सीढ़ी बनने के साथ ही मंदिर एवं फव्वारे के पास बैठने के लिए बेंच आदि की सुविधा होने से सुबह एवं शाम टहलने के लिए आने वालों की तादाद बढ़ गई थी। छठ पर्व पर पूजा के दौरान यहां शहरियों की भीड़ रहती है और बाजार भी लगती है। साथ ही यहां पर बने अंत्येष्टि स्थल पर दाह संस्कार के दौरान लोगों की भीड़ रहती है। जिन्हें बारिश, धूप और सर्दी से बचने के लिए यहां टीनशेड भी लगाया गया है।
यहां पर लोगों की सुविधा के लिए पार्क बनाने के लिए चिह्नित भूमि की चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनाया गया था। जहां पर पिछले कई दिनों से कूड़ा डाला जा रहा है। इससे सुबह-शाम यहां टहलने वालों की तादाद घट गई है। कूड़े की बदबू से लोगों का टहलना और बैठना मुश्किल हो गया है।
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पकड़ी निस्तारण केंद्र पर डाला जा रहा था कूड़ा
नगर पालिका की तरफ से पिछले कई वर्ष तक निस्तारण केंद्र के लिए भूमि की तलाश की जा रही थी। छह माह पहले पकड़ी चौराहे के पास निस्तारण केंद्र के लिए चिह्नित भूमि के रास्ते पर मिट्टी डाली गई थी, जिसके बाद वहां कूड़ा लदे वाहनों का आवागमन सुगम हो गया था और वहां कूड़ा निस्तारण किया जा रहा था। शहर के निकट पकड़ी चौराहे के पास निस्तारण केंद्र के लिए चिह्नित भूमि की चारों तरफ बाउंड्रीवाल लगाया गया है, जहां पर कूड़ा डाला जा रहा था। अब वहां कूड़ा डालना बंद करके शहर के जमुआर घाट पर कूड़ा डाला जाने लगा है।
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घाट पर जाना हुआ मुश्किल
शहर के जमुआर घाट पर पर्यटकीय सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद यहां पर सुबह और शाम को सैंकड़ों की तादाद में लोग टहलने जाते रहे है। जब से यहां पर शहर का कूड़ा डालना शुरू हुआ है, तब से लोगों को यहां जाना मुश्किल हो गया है। घाट के पास जमुआर नाले के पानी तक कूड़ा होने से लोगों को दाह संस्कार के लिए घाट पर आने वालों को नाक बंद कर ही यहां पर ठहरना पड़ रहा है। किनारे डाला जा रहा कूड़ा तेज हवा के कारण बिखरकर नाले के पानी तक जा रहा है। सबसे खराब हालत मृतक के परिजनों का होता है, जिन्हें घाट पर दाह संस्कार की क्रिया पूरी करनी पड़ती है।
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जहां पार्क विकसित करना था, वहीं मूर्ति के पास कूड़े का ढेर गिराया जा रहा है, यहां गंदगी तो फैल ही रही है, साथ ही बदबू से यहां पर टहलना भी मुश्किल हो गया है।
-विजय कसौधन, पुरानी नौगढ़
यहां डाले जा रहे कूड़े से हवा चलने के बाद उठती दुर्गंध से शहरियों को यहां बैठने वालों को सांस लेना मुश्किल होता है, जिस कारण यहां पर टहलने आने वाले कम हो गए है।
इंद्रेश कुमार, शहरवासी
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वर्तमान गर्मी मौसम में धूप और तेज हवा के कारण पकड़ी चौराहे के पास बने निस्तारण केंद्र पर कूड़ा डालने से आसपास के गेहूं फसल में आग लगने की संभावना थी। जिस कारण वहां कूड़ा नहीं डाला जा रहा है, जल्द ही वहां कूड़ा डालना शुरू हो जाएगा और जमुआर घाट पर कूड़ा डालना बंद कर सफाई करा दी जाएगी।
-विंध्याचल, ईओ नगर पालिका
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पकड़ी चौराहे के पास बने निस्तारण केंद्र पर नहीं डाला जा रहा कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के पकड़ी चौराहे के पास बने कूड़ा निस्तारण केंद्र के बजाय जमुआर घाट पर पार्क के लिए चयनित स्थल पर कूड़ा डाला जा रहा है। इससे शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने के अभियान को धक्का लगा है। हालत यह है कि सुबह-शाम को यहां टहलने वाले शहरियों को शुद्ध हवा मिलने की जगह नाक बंद कर गुजरना पड़ रहा है।
शहर के जमुआर घाट पर बने अंत्येष्टि स्थल के पास ही लोगों के लिए पर्यटकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां सीढ़ी बनने के साथ ही मंदिर एवं फव्वारे के पास बैठने के लिए बेंच आदि की सुविधा होने से सुबह एवं शाम टहलने के लिए आने वालों की तादाद बढ़ गई थी। छठ पर्व पर पूजा के दौरान यहां शहरियों की भीड़ रहती है और बाजार भी लगती है। साथ ही यहां पर बने अंत्येष्टि स्थल पर दाह संस्कार के दौरान लोगों की भीड़ रहती है। जिन्हें बारिश, धूप और सर्दी से बचने के लिए यहां टीनशेड भी लगाया गया है।
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यहां पर लोगों की सुविधा के लिए पार्क बनाने के लिए चिह्नित भूमि की चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनाया गया था। जहां पर पिछले कई दिनों से कूड़ा डाला जा रहा है। इससे सुबह-शाम यहां टहलने वालों की तादाद घट गई है। कूड़े की बदबू से लोगों का टहलना और बैठना मुश्किल हो गया है।
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पकड़ी निस्तारण केंद्र पर डाला जा रहा था कूड़ा
नगर पालिका की तरफ से पिछले कई वर्ष तक निस्तारण केंद्र के लिए भूमि की तलाश की जा रही थी। छह माह पहले पकड़ी चौराहे के पास निस्तारण केंद्र के लिए चिह्नित भूमि के रास्ते पर मिट्टी डाली गई थी, जिसके बाद वहां कूड़ा लदे वाहनों का आवागमन सुगम हो गया था और वहां कूड़ा निस्तारण किया जा रहा था। शहर के निकट पकड़ी चौराहे के पास निस्तारण केंद्र के लिए चिह्नित भूमि की चारों तरफ बाउंड्रीवाल लगाया गया है, जहां पर कूड़ा डाला जा रहा था। अब वहां कूड़ा डालना बंद करके शहर के जमुआर घाट पर कूड़ा डाला जाने लगा है।
घाट पर जाना हुआ मुश्किल
शहर के जमुआर घाट पर पर्यटकीय सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद यहां पर सुबह और शाम को सैंकड़ों की तादाद में लोग टहलने जाते रहे है। जब से यहां पर शहर का कूड़ा डालना शुरू हुआ है, तब से लोगों को यहां जाना मुश्किल हो गया है। घाट के पास जमुआर नाले के पानी तक कूड़ा होने से लोगों को दाह संस्कार के लिए घाट पर आने वालों को नाक बंद कर ही यहां पर ठहरना पड़ रहा है। किनारे डाला जा रहा कूड़ा तेज हवा के कारण बिखरकर नाले के पानी तक जा रहा है। सबसे खराब हालत मृतक के परिजनों का होता है, जिन्हें घाट पर दाह संस्कार की क्रिया पूरी करनी पड़ती है।
जहां पार्क विकसित करना था, वहीं मूर्ति के पास कूड़े का ढेर गिराया जा रहा है, यहां गंदगी तो फैल ही रही है, साथ ही बदबू से यहां पर टहलना भी मुश्किल हो गया है।
-विजय कसौधन, पुरानी नौगढ़
यहां डाले जा रहे कूड़े से हवा चलने के बाद उठती दुर्गंध से शहरियों को यहां बैठने वालों को सांस लेना मुश्किल होता है, जिस कारण यहां पर टहलने आने वाले कम हो गए है।
इंद्रेश कुमार, शहरवासी
वर्तमान गर्मी मौसम में धूप और तेज हवा के कारण पकड़ी चौराहे के पास बने निस्तारण केंद्र पर कूड़ा डालने से आसपास के गेहूं फसल में आग लगने की संभावना थी। जिस कारण वहां कूड़ा नहीं डाला जा रहा है, जल्द ही वहां कूड़ा डालना शुरू हो जाएगा और जमुआर घाट पर कूड़ा डालना बंद कर सफाई करा दी जाएगी।
-विंध्याचल, ईओ नगर पालिका