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पंजीकरण के एक माह भी नहीं हुई गेहूं खरीद
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पंजीकरण के एक माह बाद भी नहीं हुई गेहूं खरीद
जोगिया ब्लॉक के पटखौली न्याय पंचायत के केवटलिया क्रय केंद्र का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
टड़िया बाजार। एक माह पहले ही पंजीकरण करा चुके किसानों के गेहूं की खरीद क्रय केंद्र पर नहीं हो रही है। इससे परेेशान जोगिया ब्लॉक के पटखौली न्याय पंचायत के किसानों ने मुख्यमंत्री और डीएम से गेहूं खरीद कराने की गुहार लगाई है। पटखौली न्याय पंचायत के बैरवा नानकार गांव के किसानों ने केवटलिया स्थित साधन सहकारी समिति पर गेहूं बिक्री करने के लिए सभी अभिलेखों के साथ एक माह पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। इन किसानों से अब तक गेहूं की खरीद नहीं की गई है। किसानों का कहना है कि गेहूं बिक्री से मिले धन से ही घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ ही धान की नर्सरी भी लगानी है, लेकिन अभी तक गेहूं की बिक्री नहीं होने से दिक्कत हो रही है। डिप्टी आरएमओ संजय पांडेय का कहना है कि पंजीकरण कराकर नियमानुसार गेहूं खरीद की जा रही है। जहां भी खरीद में लापरवाही मिलेगी, वहां जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की व्यथा
किसान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं के नहीं बिकने से हम अपनी धान की नर्सरी नहीं लगा पा रहे हैं, इससे परेशान होकर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन 1076 और डीएम को भी लिखित शिकायती पत्र दिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि खेती ही उनके आय का स्रोत है उसी से किसान अपनी सारी जरूरतें पूरी करते हैं। इसी रकम से खेत की जुताई, धान के बीज और नर्सरी, रोपाई, आदि करते हैं समय से गेहूं नहीं बिकने के कारण समस्याएं खड़ी हो गई हैं। गनेश यादव का कहना हैं कि आठ किमी दूर क्रय केंद्र केवटलिया तक प्रतिदिन साइकिल से दौड़ते रहे लेकिन गेहूं नहीं लिया गया, जबकि उनकी सारी जरूरत उसी रकम से पूरी होनी हैं। गेहूं नहीं बिकने से घरेलू जरूरतें भी नहीं पूरी हो पा रही हैं। विजय बहादुर का कहना हैं कि केवटलिया केंद्र पर खाद-बीज और गेहूं को विक्रय करने में हमेशा दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं, गेहूं नहीं बिकने से धान की रोपाई समेत घर में बीमार लोगों की समय से इलाज भी नहीं हो पा रहा हैं।
बिना बोर्ड के संचालित होता है क्रय केंद्र
पटखौली न्याय पंचायत में स्थित साधन सहकारी समिति का भवन जर्जर हो चुका है, इसके नाम से बंगरा गांव में स्थापित क्रय केंद्र किराए के भवन में संचालित है। यहां मौके पर न क्रय केंद्र का बोर्ड लगाया गया है और न ही गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र का सचिव भी केंद्र पर नहीं आता तो खरीद कैसे होगी।
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जोगिया ब्लॉक के पटखौली न्याय पंचायत के केवटलिया क्रय केंद्र का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
टड़िया बाजार। एक माह पहले ही पंजीकरण करा चुके किसानों के गेहूं की खरीद क्रय केंद्र पर नहीं हो रही है। इससे परेेशान जोगिया ब्लॉक के पटखौली न्याय पंचायत के किसानों ने मुख्यमंत्री और डीएम से गेहूं खरीद कराने की गुहार लगाई है। पटखौली न्याय पंचायत के बैरवा नानकार गांव के किसानों ने केवटलिया स्थित साधन सहकारी समिति पर गेहूं बिक्री करने के लिए सभी अभिलेखों के साथ एक माह पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। इन किसानों से अब तक गेहूं की खरीद नहीं की गई है। किसानों का कहना है कि गेहूं बिक्री से मिले धन से ही घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ ही धान की नर्सरी भी लगानी है, लेकिन अभी तक गेहूं की बिक्री नहीं होने से दिक्कत हो रही है। डिप्टी आरएमओ संजय पांडेय का कहना है कि पंजीकरण कराकर नियमानुसार गेहूं खरीद की जा रही है। जहां भी खरीद में लापरवाही मिलेगी, वहां जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की व्यथा
किसान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं के नहीं बिकने से हम अपनी धान की नर्सरी नहीं लगा पा रहे हैं, इससे परेशान होकर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन 1076 और डीएम को भी लिखित शिकायती पत्र दिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि खेती ही उनके आय का स्रोत है उसी से किसान अपनी सारी जरूरतें पूरी करते हैं। इसी रकम से खेत की जुताई, धान के बीज और नर्सरी, रोपाई, आदि करते हैं समय से गेहूं नहीं बिकने के कारण समस्याएं खड़ी हो गई हैं। गनेश यादव का कहना हैं कि आठ किमी दूर क्रय केंद्र केवटलिया तक प्रतिदिन साइकिल से दौड़ते रहे लेकिन गेहूं नहीं लिया गया, जबकि उनकी सारी जरूरत उसी रकम से पूरी होनी हैं। गेहूं नहीं बिकने से घरेलू जरूरतें भी नहीं पूरी हो पा रही हैं। विजय बहादुर का कहना हैं कि केवटलिया केंद्र पर खाद-बीज और गेहूं को विक्रय करने में हमेशा दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं, गेहूं नहीं बिकने से धान की रोपाई समेत घर में बीमार लोगों की समय से इलाज भी नहीं हो पा रहा हैं।
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बिना बोर्ड के संचालित होता है क्रय केंद्र
पटखौली न्याय पंचायत में स्थित साधन सहकारी समिति का भवन जर्जर हो चुका है, इसके नाम से बंगरा गांव में स्थापित क्रय केंद्र किराए के भवन में संचालित है। यहां मौके पर न क्रय केंद्र का बोर्ड लगाया गया है और न ही गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र का सचिव भी केंद्र पर नहीं आता तो खरीद कैसे होगी।
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