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बारिश से कई इलाकों में हुआ जलभराव
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शहर के खजुरिया मार्ग पर नाली जाम होने से सड़क पर भरा बारिश पानी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बारिश से कई इलाकों में हुआ जलभराव
सिद्धार्थनगर। जिले में बृहस्पतिवार को हुई बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव हो गया। भोर से सुबह 11 बजे तक कभी मूसलधार तो कभी रिमझिम बारिश हुई। बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई।
चौक-चौराहों पर दोपहर तक बारिश का सन्नाटा नजर आया, जबकि दोपहर बाद बारिश बंद हुई तो लोगों को सड़कों के ऊपर डेढ़ दो फीट मेें पानी में पैैदल और मोटरसाइकिल को ढकेलते हुए जाना पड़ा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र सोहाना ने बृहस्पतिवार को 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण मौसम नम रहा और गर्मी तथा उमस से राहत मिली। आर्द्रता 87 प्रतिशत रही। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी हवा की औसत रफ्तार 12 किमी प्रति घंटा रही। मौसम वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश पर लो प्रेशर बना है। नेपाल के तराई क्षेेत्रों में चार दिन तक बारिश का पूर्वानुमान है।
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सिद्धार्थनगर तथा आसपास के जिलों में बारिश की संभावना है।
बीते कई दिनों से मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांवों के मार्ग कीचड़ से सने हैं, शहर के वार्डों में भी जलभराव होने से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। खजुरिया मार्ग पर जगह-जगह भारी जलभराव से पैदल चलना दूभर हो गया है।
साथ ही दो पहिया वाहनों का आवागमन भी दुश्वार हो गया है। इसके अलावा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सिसहनिया, गोरबरहवा, थरौली, महनगा, परसाशाहआलम, जगदीशपुर आदि आदि स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। जिला मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के कार्यालय और डाक बंगला परिसर में जलभराव बना हुआ है। ड्रेनेज खंड कार्यालय परिसर में भी पानी भर गया है। नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ के बाढ़ जैसा दृश्य है। यहां के चिकित्सक और कर्मी किसी तरह कार्य करने के लिए विवश हैं। बर्डपुर प्रतिनिधि के मुताबिक, हल्की बारिश से ही ब्लॉक कार्यालय के सामने पानी भर जाता है। नालियां जाम होने के कारण रास्ते में पानी भर जाता है। केसरी पांडेय ने कहा कि जब ब्लॉक कार्यालय के सामने पानी निकासी का कोई उपाय नहीं है तो गांव की क्या हालत होगी। क्षेत्रवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य अनिस खान ने भी अफसोस जाहिर की।
कस्बे में बारिश से दुकानों में पानी भरा
इटवा। नगर पंचायत के व्यवसायियों का बुरा हाल है। जलनिकासी की व्यवस्था के अभाव में मामूली बारिश में भी सड़कें नाले का रूप ले लेती हैं। बुधवार देर रात हुई भारी बारिश के पानी से राजपुर डिहवा, सुन्नी मस्जिद गली, पहाड़पुर में पंपिंगसेट का सहारा लेना पड़ है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिवकुमार वर्मा ने जलनिकासी की व्यवस्था न करने के लिये नगर पंचायत प्रशासन को जिम्मेदार बताया है। नगर पंचायत इटवा का मुख्य कस्बा इटवा जलनिकासी के अभाव का दंश झेल रहा है। बारिश से कस्बे की कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानदारों को पानी निकालने के लिए पंपसेट का सहारा लेना पड़ा। स्वर्णकार समाज एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष इंद्रदेव सोनी ने जलनिकासी न होने पर वर्तमान नगर पंचायत प्रशासन को दोषी मान रहे हैं। साहिल राइनी कहते हैं कि इटवा के विकास का दावा करने वालों को इटवा कस्बे की इस दुर्दशा पर शर्म आनी चाहिए। विश्व प्रताप सिंह का कहना है कि कि नेताओं की कथनी करनी का अंतर इटवा कस्बे में देखा जा सकता है। रिजवान अहमद सिद्दीकी ने कहा कि कस्बावासी कभी भी संक्रामक रोगों के शिकार हो सकते हैं।
बरसात के पानी से आवागमन कठिन
पकड़ी बाजार। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पकड़ी से नकाही बैलिहवा संपर्क मार्ग पर बरसात का पानी इकट्ठा हो जाने से राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। पकड़ी से नकाही बैलिहवा संपर्क मार्ग पर गिट्टियां उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गया। नागरिकों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को आने जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़। प्रधान प्रतिनिधि नंदकिशोर, चयन बहादुर, संतराम शर्मा, जगदीश प्रसाद, राम सुंदर गुप्ता, टासी, राम प्रसाद यादव, रामचंद्र, जय प्रकाश जायसवाल ने इस सड़क को सही कराने की मांग की है।
प्रशासन की लापरवाही का परिणाम
इटवा। स्थानीय कस्बे की दुकानों में घुसे पानी को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने चिंता जताई है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि विधानसभा इटवा के कुछ नेता शून्य से शिखर तक कहते नहीं थक रहे हैं। वह इसको बताने के लिए जनसभाओं का सहारा ले रहे हैं। शून्य से शिखर तक वाले इस नगर पंचायत इटवा में पूजा अर्चना के लिए लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
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सिद्धार्थनगर। जिले में बृहस्पतिवार को हुई बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव हो गया। भोर से सुबह 11 बजे तक कभी मूसलधार तो कभी रिमझिम बारिश हुई। बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई।
चौक-चौराहों पर दोपहर तक बारिश का सन्नाटा नजर आया, जबकि दोपहर बाद बारिश बंद हुई तो लोगों को सड़कों के ऊपर डेढ़ दो फीट मेें पानी में पैैदल और मोटरसाइकिल को ढकेलते हुए जाना पड़ा।
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र सोहाना ने बृहस्पतिवार को 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण मौसम नम रहा और गर्मी तथा उमस से राहत मिली। आर्द्रता 87 प्रतिशत रही। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी हवा की औसत रफ्तार 12 किमी प्रति घंटा रही। मौसम वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश पर लो प्रेशर बना है। नेपाल के तराई क्षेेत्रों में चार दिन तक बारिश का पूर्वानुमान है।
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सिद्धार्थनगर तथा आसपास के जिलों में बारिश की संभावना है।
बीते कई दिनों से मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांवों के मार्ग कीचड़ से सने हैं, शहर के वार्डों में भी जलभराव होने से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। खजुरिया मार्ग पर जगह-जगह भारी जलभराव से पैदल चलना दूभर हो गया है।
साथ ही दो पहिया वाहनों का आवागमन भी दुश्वार हो गया है। इसके अलावा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सिसहनिया, गोरबरहवा, थरौली, महनगा, परसाशाहआलम, जगदीशपुर आदि आदि स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। जिला मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के कार्यालय और डाक बंगला परिसर में जलभराव बना हुआ है। ड्रेनेज खंड कार्यालय परिसर में भी पानी भर गया है। नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ के बाढ़ जैसा दृश्य है। यहां के चिकित्सक और कर्मी किसी तरह कार्य करने के लिए विवश हैं। बर्डपुर प्रतिनिधि के मुताबिक, हल्की बारिश से ही ब्लॉक कार्यालय के सामने पानी भर जाता है। नालियां जाम होने के कारण रास्ते में पानी भर जाता है। केसरी पांडेय ने कहा कि जब ब्लॉक कार्यालय के सामने पानी निकासी का कोई उपाय नहीं है तो गांव की क्या हालत होगी। क्षेत्रवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य अनिस खान ने भी अफसोस जाहिर की।
कस्बे में बारिश से दुकानों में पानी भरा
इटवा। नगर पंचायत के व्यवसायियों का बुरा हाल है। जलनिकासी की व्यवस्था के अभाव में मामूली बारिश में भी सड़कें नाले का रूप ले लेती हैं। बुधवार देर रात हुई भारी बारिश के पानी से राजपुर डिहवा, सुन्नी मस्जिद गली, पहाड़पुर में पंपिंगसेट का सहारा लेना पड़ है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिवकुमार वर्मा ने जलनिकासी की व्यवस्था न करने के लिये नगर पंचायत प्रशासन को जिम्मेदार बताया है। नगर पंचायत इटवा का मुख्य कस्बा इटवा जलनिकासी के अभाव का दंश झेल रहा है। बारिश से कस्बे की कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानदारों को पानी निकालने के लिए पंपसेट का सहारा लेना पड़ा। स्वर्णकार समाज एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष इंद्रदेव सोनी ने जलनिकासी न होने पर वर्तमान नगर पंचायत प्रशासन को दोषी मान रहे हैं। साहिल राइनी कहते हैं कि इटवा के विकास का दावा करने वालों को इटवा कस्बे की इस दुर्दशा पर शर्म आनी चाहिए। विश्व प्रताप सिंह का कहना है कि कि नेताओं की कथनी करनी का अंतर इटवा कस्बे में देखा जा सकता है। रिजवान अहमद सिद्दीकी ने कहा कि कस्बावासी कभी भी संक्रामक रोगों के शिकार हो सकते हैं।
बरसात के पानी से आवागमन कठिन
पकड़ी बाजार। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पकड़ी से नकाही बैलिहवा संपर्क मार्ग पर बरसात का पानी इकट्ठा हो जाने से राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। पकड़ी से नकाही बैलिहवा संपर्क मार्ग पर गिट्टियां उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गया। नागरिकों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को आने जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़। प्रधान प्रतिनिधि नंदकिशोर, चयन बहादुर, संतराम शर्मा, जगदीश प्रसाद, राम सुंदर गुप्ता, टासी, राम प्रसाद यादव, रामचंद्र, जय प्रकाश जायसवाल ने इस सड़क को सही कराने की मांग की है।
प्रशासन की लापरवाही का परिणाम
इटवा। स्थानीय कस्बे की दुकानों में घुसे पानी को लेकर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने चिंता जताई है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि विधानसभा इटवा के कुछ नेता शून्य से शिखर तक कहते नहीं थक रहे हैं। वह इसको बताने के लिए जनसभाओं का सहारा ले रहे हैं। शून्य से शिखर तक वाले इस नगर पंचायत इटवा में पूजा अर्चना के लिए लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।