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जिले में बढ़ने लगा नदियों का जलस्तर, प्रशासन सतर्क, लोग चिंतित
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बानगंगा का जलस्तर से बढ़ने के कारण बांध में हो रही कटान को देखते ग्रामीण।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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जिले में बढ़ने लगा नदियों का जलस्तर, प्रशासन सतर्क, लोग चिंतित
सिद्धार्थनगर। जिले में झमाझम बारिश के साथ मानसून की दस्तक हो गई। मंगलवार रात से ही बारिश शुरू हुई है। बुधवार दोपहर तीन बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। खेतों में पानी भर जाने से धान की रोपाई तेज हो गई। यह बारिश खेती किसानी के लिए ज्यादा फायदेमंद है। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
जिले में बुधवार सुबह से ही बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। रेनकोट के सहारे लोग अपने कार्यस्थल पर पहुंचे। विद्यार्थी छतरी लगाकर विद्यालय गए। दिन भर बारिश के कारण कार्यालयों में कम लोग ही पहुंचे। वहीं, अस्पतालों की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या कम रही। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में ओपीडी में मात्र 417 मरीज पहुंचे। सामान्य दिन में ओपीडी में 1000 के करीब मरीजों का पंजीयन होता है। लगातार बारिश के कारण शहर की जाम नालियों से बाहर आया पानी सड़कों पर बहने लगा। निर्माणाधीन सड़कों पर राहगीरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
दस दिन देर से हुआ मानसून
राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया जिले में मानसून की दस्तक हो गई है। जिले में 15 से 20 जून तक मानसून का आगमन होना चाहिए। इस बार मानसून दस दिन की देर से आया है। उन्होंने बताया कि आगामी 28 घंटे तक बदली और बरसात का मौसम बना रहेगा। बुधवार सुबह 8.30 बजे तक 35.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। बांसी में 52.8 मिमी, उसका में 52.6 मिमी इटवा में 29 मिमी और डुमरियागंज में 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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नदियों में बढ़ा पानी
शोहरतगढ़। नेपाल के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में दो दिन से बारिश के कारण बुधवार को नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा व घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्ध होने लगी है। नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से ज्यादा नीचे है। पहाड़ी नदी बानगंगा मंगलवार शाम चार बजे 91.60 मी. के निशान पर थी। बुधवार सुबह जलस्तर 92.80 मीटर तक पहुंच गया। नदी का यह रूप देखकर क्षेत्र के कई गांवों के लोग सतर्क हो गए हैं। बानगंगा में आए पानी से झारूआ, नौडिहवा, बसहिया, रामगढ़, बेलभरिया, कोटिया दीगर, खड़कुईया, चम्मपपुर, कोमर, महथा, लेदवा, नहरी, गजहड़ा, नंदवलिया, कोहरौड़ा, होलहौरी दिहवा, गोल्हौरा, अर्री, लक्ष्मीनगर आदि गांवों के लोग जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव ने कहा कि नदियों के जलस्तर के बढ़ने से प्रशासन व एनडीआरफ के जवान, राहत दल सतर्क हो गया है।
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सिद्धार्थनगर। जिले में झमाझम बारिश के साथ मानसून की दस्तक हो गई। मंगलवार रात से ही बारिश शुरू हुई है। बुधवार दोपहर तीन बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। खेतों में पानी भर जाने से धान की रोपाई तेज हो गई। यह बारिश खेती किसानी के लिए ज्यादा फायदेमंद है। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है।
जिले में बुधवार सुबह से ही बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। रेनकोट के सहारे लोग अपने कार्यस्थल पर पहुंचे। विद्यार्थी छतरी लगाकर विद्यालय गए। दिन भर बारिश के कारण कार्यालयों में कम लोग ही पहुंचे। वहीं, अस्पतालों की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या कम रही। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में ओपीडी में मात्र 417 मरीज पहुंचे। सामान्य दिन में ओपीडी में 1000 के करीब मरीजों का पंजीयन होता है। लगातार बारिश के कारण शहर की जाम नालियों से बाहर आया पानी सड़कों पर बहने लगा। निर्माणाधीन सड़कों पर राहगीरों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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दस दिन देर से हुआ मानसून
राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया जिले में मानसून की दस्तक हो गई है। जिले में 15 से 20 जून तक मानसून का आगमन होना चाहिए। इस बार मानसून दस दिन की देर से आया है। उन्होंने बताया कि आगामी 28 घंटे तक बदली और बरसात का मौसम बना रहेगा। बुधवार सुबह 8.30 बजे तक 35.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। बांसी में 52.8 मिमी, उसका में 52.6 मिमी इटवा में 29 मिमी और डुमरियागंज में 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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नदियों में बढ़ा पानी
शोहरतगढ़। नेपाल के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में दो दिन से बारिश के कारण बुधवार को नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने लगी। राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा व घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्ध होने लगी है। नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से ज्यादा नीचे है। पहाड़ी नदी बानगंगा मंगलवार शाम चार बजे 91.60 मी. के निशान पर थी। बुधवार सुबह जलस्तर 92.80 मीटर तक पहुंच गया। नदी का यह रूप देखकर क्षेत्र के कई गांवों के लोग सतर्क हो गए हैं। बानगंगा में आए पानी से झारूआ, नौडिहवा, बसहिया, रामगढ़, बेलभरिया, कोटिया दीगर, खड़कुईया, चम्मपपुर, कोमर, महथा, लेदवा, नहरी, गजहड़ा, नंदवलिया, कोहरौड़ा, होलहौरी दिहवा, गोल्हौरा, अर्री, लक्ष्मीनगर आदि गांवों के लोग जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव ने कहा कि नदियों के जलस्तर के बढ़ने से प्रशासन व एनडीआरफ के जवान, राहत दल सतर्क हो गया है।