{"_id":"66edc1b2e35e7ccc5507c6f4","slug":"villagers-told-problems-to-officials-in-village-chaupal-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-124356-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: केंद्र सरकार की शिक्षा विरोधी नीति का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: केंद्र सरकार की शिक्षा विरोधी नीति का किया विरोध
विज्ञापन
- शोहरतगढ़ शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। आल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड काॅलेज टीचर्स के आह्वान पर शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षकों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षक केंद्र सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध कर कहा कि शिक्षकों की विभिन्न मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी। तब तक केंद्र सरकार की शिक्षा की नीतियों का विरोध करेंगे।
शिक्षकों ने कहा कि संकाय विकास कार्यक्रम को बहाल किया जाए। शिक्षक व कर्मचारियों के हित के लिए आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। पुरानी पेंशन को हर हाल में बहाल किया जाए। केंद्र व राज्य के शिक्षकों व कर्मचारियों के सेवानिवृत्त की अवधि एक समान की जाए। अनुसूचित जाति व जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के छात्रों की ट्यूशन फीस माफ की जाए। एनईपी 2020 को निरस्त किया जाए, शिक्षा बजट का आवंटन बढ़ाकर दस प्रतिशत किया जाए, एनईईटी व यूआईटी तथा केंद्रीयकृत परीक्षाओं को हटाया जाए।
इस दौरान मेंडा प्रमोद कुमार मिश्र, डाॅ. सुशील कुमार, डाॅ. बीके सिंह, डाॅ. अमित सिंह, डाॅ. अखिलेश शर्मा, डाॅ. एके सिंह, डाॅ. धर्मेंद्र सिंह सहित आदि शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। आल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड काॅलेज टीचर्स के आह्वान पर शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षकों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षक केंद्र सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध कर कहा कि शिक्षकों की विभिन्न मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी। तब तक केंद्र सरकार की शिक्षा की नीतियों का विरोध करेंगे।
शिक्षकों ने कहा कि संकाय विकास कार्यक्रम को बहाल किया जाए। शिक्षक व कर्मचारियों के हित के लिए आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। पुरानी पेंशन को हर हाल में बहाल किया जाए। केंद्र व राज्य के शिक्षकों व कर्मचारियों के सेवानिवृत्त की अवधि एक समान की जाए। अनुसूचित जाति व जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के छात्रों की ट्यूशन फीस माफ की जाए। एनईपी 2020 को निरस्त किया जाए, शिक्षा बजट का आवंटन बढ़ाकर दस प्रतिशत किया जाए, एनईईटी व यूआईटी तथा केंद्रीयकृत परीक्षाओं को हटाया जाए।
विज्ञापन
इस दौरान मेंडा प्रमोद कुमार मिश्र, डाॅ. सुशील कुमार, डाॅ. बीके सिंह, डाॅ. अमित सिंह, डाॅ. अखिलेश शर्मा, डाॅ. एके सिंह, डाॅ. धर्मेंद्र सिंह सहित आदि शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन