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Siddharthnagar News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी से निपटने को 72 स्वास्थ्य टीमें अलर्ट
Mon, 28 Sep 2026 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:41 PM IST
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बाढ़ प्रभावित गांव खैरी शीतल प्रसाद के नकोलडीह में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। संवाद
जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में भेजी जाएंगी टीमें, जांच के साथ बांटी जाएंगी दवाएं
- जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी तैयारी, गंभीर मरीजों को किया जाएगा रेफर
सिद्धार्थनगर। जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दूषित पानी और बदलते मौसम के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 72 प्रशिक्षित टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार टीमों को भेजकर लोगों की जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य शिविर लगाने की व्यवस्था की गई है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी नदियों व नालों में बढ़े पानी का असर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। बूढ़ी राप्ती समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्रों में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारी कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई टीमों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की सूचना मिलने पर टीमों को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जांच करने के साथ सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएंगे। उल्टी-दस्त, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों की दवाएं भी टीमों के पास उपलब्ध रहेंगी।
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बाढ़ के दौरान जलभराव और दूषित पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्यकर्मी लोगों को साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता रखने और संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक भी करेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी के बीच स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा।
अधिक प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचेगी टीम
जिस क्षेत्र में बाढ़ का असर अधिक होगा, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राथमिकता के आधार पर भेजी जाएगी। टीम घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेगी और सामान्य बीमारी से पीड़ित लोगों की जांच करेगी। गंभीर मरीज मिलने पर उन्हें आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाएगा। विभाग की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से उपचार और दवाएं उपलब्ध हो सकें।
बोले जिम्मेदार
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। 72 प्रशिक्षित टीमों को अलर्ट रखा गया है। जहां भी जरूरत होगी, स्वास्थ्य टीम तत्काल भेजी जाएगी। टीम जांच करने के साथ दवा वितरण करेगी और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
- संजय कुमार दोहरे, सीएमओ
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- जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की भी तैयारी, गंभीर मरीजों को किया जाएगा रेफर
सिद्धार्थनगर। जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दूषित पानी और बदलते मौसम के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 72 प्रशिक्षित टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार टीमों को भेजकर लोगों की जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य शिविर लगाने की व्यवस्था की गई है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी नदियों व नालों में बढ़े पानी का असर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। बूढ़ी राप्ती समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्रों में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारी कर ली है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई टीमों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की सूचना मिलने पर टीमों को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जांच करने के साथ सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएंगे। उल्टी-दस्त, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों की दवाएं भी टीमों के पास उपलब्ध रहेंगी।
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बाढ़ के दौरान जलभराव और दूषित पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्यकर्मी लोगों को साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता रखने और संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक भी करेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी के बीच स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा।
अधिक प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचेगी टीम
जिस क्षेत्र में बाढ़ का असर अधिक होगा, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राथमिकता के आधार पर भेजी जाएगी। टीम घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेगी और सामान्य बीमारी से पीड़ित लोगों की जांच करेगी। गंभीर मरीज मिलने पर उन्हें आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाएगा। विभाग की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से उपचार और दवाएं उपलब्ध हो सकें।
बोले जिम्मेदार
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। 72 प्रशिक्षित टीमों को अलर्ट रखा गया है। जहां भी जरूरत होगी, स्वास्थ्य टीम तत्काल भेजी जाएगी। टीम जांच करने के साथ दवा वितरण करेगी और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
- संजय कुमार दोहरे, सीएमओ