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Siddharthnagar News: एक साथ तीन होनहारों की मौत से दर्द में डूबा गांव
Mon, 18 Sep 2023 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 18 Sep 2023 01:45 AM IST
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शोकाकुल परिजन
सिद्धार्थनगर। एक साथ तीन किशोरों की मौत की खबर ने सभी को हिलाकर रख दिया। सुनने के बाद परिवार हो या फिर गांव का कोई अन्य व्यक्ति उसके होश उड़ गए। जो जहां सुना वहां से दौड़ पड़ा। मौत के बाद से परिवार के साथ ही जगदीशपुर गांव में मातम का माहौल है। वहीं परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी गौरव के पिता अजय कुमार पांडेय की कपड़ों की दुकान है। दो लड़कों में यह बड़ा लड़का था और कक्षा छह का विद्यार्थी था। पढ़ाई मेंं बहुत ही होनहार था। उससे परिवार को बड़ी उम्मीद थी। पिता अजय कुमार को उससे बड़ी उम्मीद थी। क्योंकि वह जिम्मेदारी समझाने लगा था और हर काम में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। बेटे की मौत की खबर ने अजय को तोड़ दिया। रोते हुए बोले हमारी दुनिया उजड़ गई, उम्मीद टूट गया। क्योंकि जिससे सहारा थी, वह हमें छोड़कर चला गया। गौरव की मां अपने बच्चे को सूनी आंखों से देख रही थी और बार बार उठ कर बैठने की बात कह रही थीं। वहीं उसका चचेरा भाई नारायण भी दो भाइयों में बड़ा था। वह अब्दुल कलाम आजाद इंटर कॉलेज डुमरियागंज में कक्षा 8 का छात्र था। वहीं, शिवा भी कक्षा सात में अब्दुल कलाम इंटर कॉलेज में पढ़ता था। तीनों के उम्र मेें एक या दो साल का भले ही अंतर था, लेकिन दोस्ती जबरदस्त थी। एक साथ आना- जाना और घूमना होता था। एक साथ तीनों की मौत होगी। ऐसा कभी किसी ने सोंचा भी नहीं था। घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के कई गांवों के लोग मृतक के घर पहुंच गए थे। परिजनों को रोता हुआ देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। घटना की जानकारी मिलने के बाद डुमरियागंज विधायक सैयदा खातून मौके पर पहुंची। वह परिजनों से मिलीं और हर कदम पर साथ रहने का भरोसा दिलाया।
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अगर मौके पर होते लोग तो बच जाती जान
मौसम खराब होने के कारण लोग पोखरे की तरफ नहीं थे। सामान्य समय में लोग अकसर आते- जाते हैं। अगर मौसम खराब न होता तो लोग जरूर रहते। अगर बड़ी उम्र के लोग होते तो वह तीनों डूबने से बच जाते। क्योंकि देखते ही लोग छलांग लगाकर उन्हें डूबने से बचा लेते। लोगों ने कहा कि अगर मौसम खराब न होता तो शायद बच्चों की डूबकर मौत न होती। क्योंकि आने- जाने वालों की नजर पड़ती तो उन्हें बचा लेते।
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डूबा होने के कारण सीढ़ी में जमा था काई
ग्रामीणों के मुताबिक सीढ़ी पक्का बना हुआ था। डूबने के कारण उस पर काई जम गई होगी। जिससे फिसलन होने लगा था। बच्चों को इस बात की जानकारी थी नहीं थी। इसलिए उसी पर नहा रहे थे। काई होने के कारण फिसल गए और डूबने से मौत हो गई।
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क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी गौरव के पिता अजय कुमार पांडेय की कपड़ों की दुकान है। दो लड़कों में यह बड़ा लड़का था और कक्षा छह का विद्यार्थी था। पढ़ाई मेंं बहुत ही होनहार था। उससे परिवार को बड़ी उम्मीद थी। पिता अजय कुमार को उससे बड़ी उम्मीद थी। क्योंकि वह जिम्मेदारी समझाने लगा था और हर काम में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। बेटे की मौत की खबर ने अजय को तोड़ दिया। रोते हुए बोले हमारी दुनिया उजड़ गई, उम्मीद टूट गया। क्योंकि जिससे सहारा थी, वह हमें छोड़कर चला गया। गौरव की मां अपने बच्चे को सूनी आंखों से देख रही थी और बार बार उठ कर बैठने की बात कह रही थीं। वहीं उसका चचेरा भाई नारायण भी दो भाइयों में बड़ा था। वह अब्दुल कलाम आजाद इंटर कॉलेज डुमरियागंज में कक्षा 8 का छात्र था। वहीं, शिवा भी कक्षा सात में अब्दुल कलाम इंटर कॉलेज में पढ़ता था। तीनों के उम्र मेें एक या दो साल का भले ही अंतर था, लेकिन दोस्ती जबरदस्त थी। एक साथ आना- जाना और घूमना होता था। एक साथ तीनों की मौत होगी। ऐसा कभी किसी ने सोंचा भी नहीं था। घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के कई गांवों के लोग मृतक के घर पहुंच गए थे। परिजनों को रोता हुआ देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। घटना की जानकारी मिलने के बाद डुमरियागंज विधायक सैयदा खातून मौके पर पहुंची। वह परिजनों से मिलीं और हर कदम पर साथ रहने का भरोसा दिलाया।
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अगर मौके पर होते लोग तो बच जाती जान
मौसम खराब होने के कारण लोग पोखरे की तरफ नहीं थे। सामान्य समय में लोग अकसर आते- जाते हैं। अगर मौसम खराब न होता तो लोग जरूर रहते। अगर बड़ी उम्र के लोग होते तो वह तीनों डूबने से बच जाते। क्योंकि देखते ही लोग छलांग लगाकर उन्हें डूबने से बचा लेते। लोगों ने कहा कि अगर मौसम खराब न होता तो शायद बच्चों की डूबकर मौत न होती। क्योंकि आने- जाने वालों की नजर पड़ती तो उन्हें बचा लेते।
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डूबा होने के कारण सीढ़ी में जमा था काई
ग्रामीणों के मुताबिक सीढ़ी पक्का बना हुआ था। डूबने के कारण उस पर काई जम गई होगी। जिससे फिसलन होने लगा था। बच्चों को इस बात की जानकारी थी नहीं थी। इसलिए उसी पर नहा रहे थे। काई होने के कारण फिसल गए और डूबने से मौत हो गई।