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Siddharthnagar News: गांव ओडीएफ घोषित, उपले और लकड़ियां रखीं शाैचालय में
Sun, 29 Dec 2024 10:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 29 Dec 2024 10:46 PM IST
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शाहपुर। सरकार की लाख कवायद के बाद भी स्वच्छता अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनवाकर गांवों को तो ओडीएफ कर दिया गया है, लेकिन अभी भी गांवों में पहले जैसी ही स्थिति है। लोग शौचालयों का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। कहीं शौचालयों में उपले और लकड़ियां रखीं गई हैं तो कहीं आधा अधूरा शौचालय बना हुआ है। ग्रामीण आज भी शौचालय का प्रयोग न कर खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का शुभारंभ वर्ष 2014 में किया गया था। इसके तहत प्रशासन की ओर से विगत करीब 10 वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके बाद खुनियांव ब्लॉक को खुले में शौच मुक्त ब्लाॅक घोषित किया जा चुका हैए जबकि हकीकत इसके विपरीत है। ग्राम पंचायतों में तमाम परिवार ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक शौचालय की सुविधा नहीं मिली है।
शौचालय के अभाव में लोग आज भी बाहर शौच के लिए जा रहे हैं। वहीं कई शौचालयों में दरवाजे तक नहीं लगे हैं। डीपीआरओ पवन कुमार ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत से जांच कराएंगे। किन कारणों से शौचालय खराब पड़े हैं। जिन लोगों के घर शौचालय नहीं बना है वह अपना आन लाइन आवेदन कर दें। सर्वे कराकर शौचालय निर्माण की धनराशि खाते में भेज दी जाएगी।
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सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का शुभारंभ वर्ष 2014 में किया गया था। इसके तहत प्रशासन की ओर से विगत करीब 10 वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके बाद खुनियांव ब्लॉक को खुले में शौच मुक्त ब्लाॅक घोषित किया जा चुका हैए जबकि हकीकत इसके विपरीत है। ग्राम पंचायतों में तमाम परिवार ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक शौचालय की सुविधा नहीं मिली है।
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शौचालय के अभाव में लोग आज भी बाहर शौच के लिए जा रहे हैं। वहीं कई शौचालयों में दरवाजे तक नहीं लगे हैं। डीपीआरओ पवन कुमार ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत से जांच कराएंगे। किन कारणों से शौचालय खराब पड़े हैं। जिन लोगों के घर शौचालय नहीं बना है वह अपना आन लाइन आवेदन कर दें। सर्वे कराकर शौचालय निर्माण की धनराशि खाते में भेज दी जाएगी।
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