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कोरोना से बचाव की वैक्सीन पर्याप्त नहीं, टीकाकरण केंद्रों से निराश होकर लौट रहे लोग

Tue, 17 Aug 2021 10:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 10:08 PM IST
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Vaccine to protect against corona is not enough, people returning disappointed from vaccination centers
कोरोना से बचाव की वैक्सीन पर्याप्त नहीं, टीकाकरण केंद्रों से निराश होकर लौट रहे लोग
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सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान के तहत जिले को प्रतिदिन 15 हजार वैक्सीन डोज लगाने का लक्ष्य है। बावजूद इसके हर दिन पांच से आठ हजार डोज ही मिल पा रही हैं। लिहाजा टीकाकरण सेंटरों से लोग लौटने के लिए विवश हैं। टीका कम मिलने के कारण ऑनलाइन बुकिंग करने में भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कोविड-19 की दूसरी लहर में भयावह स्थिति के बाद से कोरोनारोधी टीका लगवाने के लिए जोर दिया जा रहा है। अभियान के शुरूआती दौर में कुछ लोग टीका लगवाने के लिए मना कर देते थे, पर अब जागरूकता बढ़ी तो टीके की डोज ही कम पड़ने लगी हैं। जनपद को प्रतिदिन 15 हजार टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में अब डोज ही कम पड़ने लगी हैं। बीते एक माह से हर दिन औसतन पांच से आठ हजार वैक्सीन की डोज मिल रही है।
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लिहाजा टीकाकरण स्थलों से पांच से 10 हजार लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं। जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिए पहुंचे भीमापार निवासी राम भरोसे का कहना था कि कई दिन से दौड़ लगा रहा हूं। टीका खत्म हो जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। शहर के रामनगर निवासी राम मिलन का कहना है कि टीका लगवाना मुश्किल हो रहा है।
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विशेष अभियान में लगे थे 54 हजार टीके
टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए अधिकाधिक लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए एक सप्ताह पूर्व एक दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 54 हजार लोगों को टीका लगाया गया था। इस अभियान से लोगों में उत्साह बढ़ा तो टीका ही कम पड़ने लगा है।

कम हुई आरटीपीसीआर जांच की रफ्तार
कोरोना संक्रमण का असर कम होने के साथ ही जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया में स्थापित आरटीपीसीआर लैब में जांच की रफ्तार भी कम हो गई है। पहले जहां पांच से एक हजार के बीच में जांच हुआ करती थी, घटकर अब चार से पांच सौ हो गई है। लैब के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल ने बताया कि जिले से एकत्र होकर लैब में पहुंचने के छह से सात घंटे के बीच जांच रिपोर्ट तैयार की जाती है।
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