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पशुओं की सुधरेगी सेहत, होगी नियमित जांच
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गांवस्तर पर तैनात होंगे वैक्सीनेटर और सहायक
पशुपालन को बढ़ावा देेने के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की पहल
एक वैक्सीनेटर और सहायक के जिम्मे होंगे एक हजार पशु
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुओं की स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। पशुओं के नियमित देखभाल और उनके टीकाकरण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर वैक्सीनेटर और सहायक तैनात होंगे। उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए साथ ही पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना के शुरू हो जाने से पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और इससे पशु पालकों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। कागजी काम शुरू हो गया है, जल्द ही योजना जमीन पर उतरेगी।
केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के निरंतर प्रयासरत है और तमाम प्रकार की योजनाओं का चला रही है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। इसमें पशु पालन भी शामिल है। महंगाई और पशुओं की दुर्गति को देखते हुए किसान पशु पालन से मुंह मोड़ रहे हैं। कारण पशुओं की बेहतर देखभाल और समय से दवा और उपचार का न होना है। इसके साथ ही पशुओं की बढ़ती तादाद और बाजार में वाजिब दाम का नहीं मिलना है। वहीं, सबसे प्रमुख कारण बीमार पशुओं का समय से इलाज नहीं हो पाना भी एक कारण है। इन समस्याओं से निपटने और पशुओं की सेहत सुधारने को लेकर बड़ा कदम उठाने की कवायद शुरू की है। पशुपालन विभाग कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर टीकाकरण और नियमित जांच के लिए एक वैक्सीनेटर और सहायक को तैनात करने की योजना शुरू की है। जल्द ही यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर लागू हो जाएंगी। माना जा रहा है कि इस योजना के शुरू हो जाने से पशुपालकों को काफी सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सीवीओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पत्र आया है, जल्द ही चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
1199 ग्राम पंचायतों में चयनित होंगे 2398 लोग
इस योजना के तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों में एक वैक्सीनेटर और एक सहायक को तैनात किया जाना है। इस हिसाब से 2398 लोगों को चयन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे इन लोगों की बेरोजगारी कुछ हद तक दूर होगी।
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प्रति पशु दिया जाएगा तीन रुपये
एक ग्राम पंचायत में चयनित होने वाले वैक्सीनेटर और सहायक के जिम्मे एक हजार पशुओं की जिम्मेदारी है। इन पशुओं का टीकाकरण करने के एवज में उन्हें प्रति पशु तीन रुपये की दर से भुगतान किए जाने की योजना है।
हाईस्कूल योग्यता और 50 वर्ष उम्र सीमा तय
ग्राम पंचायत स्तर पर चयनित किए जाने वाले वैक्सीनेटर की योग्यता हाईस्कूल और आयु सीमा अधिकतम 50 वर्ष तय की गई है। साथ ही युवाओं को विशेष तरजीह देने का निर्देश है। इसके पीछे कारण है कि युवा रहेगा तो वह बढ़िया से काम कर सकेगा। चयन ग्रामसभा की खुली बैठक में की जाएगी। जिसमें पशु पालन और कृषि विभाग के जिम्मेदार मौजूद रहेंगे।
छुट्टा पशुओं का हो सकेगा उपचार
ग्राम पंचायत स्तर पर वैक्सीनेटर और सहायक के तैनात हो जाने से छुट्टा पशु जो चोटिल होते हैं, उनका इलाज हो सकेगा। साथ ही उनकी टैगिंग भी हो सकेगा। इससे पशुओं के सही संख्या की जानकारी मिल सकेगी।
इस प्रजाति के पशु की है इतनी आबादी
भैंस 182952
गाय 97064
भेड़ 4010
बकरी 284526
सूअर 1558
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पशुपालन को बढ़ावा देेने के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की पहल
एक वैक्सीनेटर और सहायक के जिम्मे होंगे एक हजार पशु
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुओं की स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। पशुओं के नियमित देखभाल और उनके टीकाकरण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर वैक्सीनेटर और सहायक तैनात होंगे। उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए साथ ही पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना के शुरू हो जाने से पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और इससे पशु पालकों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। कागजी काम शुरू हो गया है, जल्द ही योजना जमीन पर उतरेगी।
केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के निरंतर प्रयासरत है और तमाम प्रकार की योजनाओं का चला रही है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। इसमें पशु पालन भी शामिल है। महंगाई और पशुओं की दुर्गति को देखते हुए किसान पशु पालन से मुंह मोड़ रहे हैं। कारण पशुओं की बेहतर देखभाल और समय से दवा और उपचार का न होना है। इसके साथ ही पशुओं की बढ़ती तादाद और बाजार में वाजिब दाम का नहीं मिलना है। वहीं, सबसे प्रमुख कारण बीमार पशुओं का समय से इलाज नहीं हो पाना भी एक कारण है। इन समस्याओं से निपटने और पशुओं की सेहत सुधारने को लेकर बड़ा कदम उठाने की कवायद शुरू की है। पशुपालन विभाग कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर टीकाकरण और नियमित जांच के लिए एक वैक्सीनेटर और सहायक को तैनात करने की योजना शुरू की है। जल्द ही यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर लागू हो जाएंगी। माना जा रहा है कि इस योजना के शुरू हो जाने से पशुपालकों को काफी सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सीवीओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पत्र आया है, जल्द ही चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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1199 ग्राम पंचायतों में चयनित होंगे 2398 लोग
इस योजना के तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों में एक वैक्सीनेटर और एक सहायक को तैनात किया जाना है। इस हिसाब से 2398 लोगों को चयन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे इन लोगों की बेरोजगारी कुछ हद तक दूर होगी।
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प्रति पशु दिया जाएगा तीन रुपये
एक ग्राम पंचायत में चयनित होने वाले वैक्सीनेटर और सहायक के जिम्मे एक हजार पशुओं की जिम्मेदारी है। इन पशुओं का टीकाकरण करने के एवज में उन्हें प्रति पशु तीन रुपये की दर से भुगतान किए जाने की योजना है।
हाईस्कूल योग्यता और 50 वर्ष उम्र सीमा तय
ग्राम पंचायत स्तर पर चयनित किए जाने वाले वैक्सीनेटर की योग्यता हाईस्कूल और आयु सीमा अधिकतम 50 वर्ष तय की गई है। साथ ही युवाओं को विशेष तरजीह देने का निर्देश है। इसके पीछे कारण है कि युवा रहेगा तो वह बढ़िया से काम कर सकेगा। चयन ग्रामसभा की खुली बैठक में की जाएगी। जिसमें पशु पालन और कृषि विभाग के जिम्मेदार मौजूद रहेंगे।
छुट्टा पशुओं का हो सकेगा उपचार
ग्राम पंचायत स्तर पर वैक्सीनेटर और सहायक के तैनात हो जाने से छुट्टा पशु जो चोटिल होते हैं, उनका इलाज हो सकेगा। साथ ही उनकी टैगिंग भी हो सकेगा। इससे पशुओं के सही संख्या की जानकारी मिल सकेगी।
इस प्रजाति के पशु की है इतनी आबादी
भैंस 182952
गाय 97064
भेड़ 4010
बकरी 284526
सूअर 1558