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रोल मॉडल बनेंगे यूपी बोर्ड के होनहार
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रोल मॉडल बनेंगे यूपी बोर्ड के होनहार
यूपी बोर्ड से पढ़कर देश-विदेश में उच्च पदों पर सेवा देने वाले आएंगे एक मंच पर
माध्यमिक शिक्षा परिषद के 100 साल पूरे होने पर मनाया जाएगा शताब्दी वर्ष
मिशन गौरव पोर्टल पर यूपी बोर्ड से शिक्षा ग्रहण कर मुकाम हासिल करने वाले कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड से पढ़कर देश-विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत होनहार को बोर्ड एक नई पहचान देगा। उन्हें बच्चों के समक्ष रोल मॉडल के रूप में पेश करेगा, जिससे वह यूपी बोर्ड से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। यह कार्य माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के 100 वर्ष पूरा होने पर करने जा रही है। इसके लिए बोर्ड ने मिशन गौरव पोर्टल को लांच किया है। यूपी बोर्ड से सफलता हासिल करने के वाले होनहार ऑनलाइन आवेदन करके अपनी उपलब्धि प्रस्तुत कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद को शुरू हुए अप्रैल 2021 में 100 पूरा हो जाएगा।
सफलताओं के साथ 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में बोर्ड शताब्दी वर्ष समारोह मनाने जा रहा है। इसमें यूपी बोर्ड ऐसे लोगों को आने वाले भविष्य के सामने रोल मॉॅडल के रूप में पेश करने जा रहा है जो यूपी बोर्ड से पढ़कर प्रदेश, देश एवं विदेशों में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहकर जहां देश का नाम रोशन कर रहे हैं वहीं, माध्यमिक शिक्षा परिषद का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे लोगों को बोर्ड ने एक मंच पर लाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए सफलता की सीढ़ी चढ़ने वाले आवेदन कर सकेंगे। डीआईओएस अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद 100 पूर्ण करने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष मनाने जा रहा है। इसमें यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करके विभिन्न पदों पर कार्यरत लोगों जोड़ा जाएगा। इसके लिए मिशन गौरव पोर्टल लांच किया गया है। जिस पर आवेदन मांगा जा रहा है। इसके बाद बोर्ड के निर्देशानुसार आगे कार्य किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में काम करने वाले कर सकेंगे आवेदन
माध्यमिक शिक्षा परिषद से पढ़कर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करके शिक्षा, चिकित्सा, न्यायिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक, साहित्य, कला, खेल एवं संस्कृति इत्यादि क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत रहते हुए समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं। वे आवेदन कर सकेंगेे।
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31 दिसंबर तक कर सकेंगे आवेदन
आवेदन करने के लिए बोर्ड की ओर से 31 दिसंबर तक तिथि निर्धारित की है। इस अवधि में आवेदन किया जाएगा। आवेदन करने के आवेदक बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर यूपीएमएसपी.ईडीयू.इन पर अपडेट मिशन गौरव पोर्टल को खोलकर आवेदन कर सकेंगे। इसमें आवेदन करने वाले आवेदक को नाम, पता, मोबाइल नंबर, किस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, कितने दिनों से कार्य कर रहे हैं, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा किस वर्ष उत्तीर्ण की है। इसके सहित अन्य जानकारी देनी होगी।
यूपी बोर्ड से ही इन्हें मिला यह मुकाम
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर संचालित यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करके इन्होंने मुकाम हासिल किया और आज विभिन्न पदों पर कार्यरत रहते हुए समाज की सेवा करने के साथ ही यूपी बोर्ड का गौरव बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
सिविल जज बने
शोहरतगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के लुचुइया गांव निवासी अजय मिश्र पुत्र राजेंद्र मिश्र ने हाईस्कूल 2001 और इंटरमीडिएट 2003 में शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ से उत्तीर्ण किया। स्नातक कर सिविल सेवा की तैयारी करते हुए वह वर्ष 2017 में सिविल जज बने और मौजूदा समय में वह आंबेडकरनगर में अपनी सेवा दे रहे हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर बनकर बढ़ाया मान
बढ़नी ब्लॉक के पड़रिया गांव निवासी अतुल कुमार पांडेय पुत्र रामदास पांडेय ने वर्ष 1994 में हाईस्कूल और 1996 में इंटरमीडिएट की परीक्षा शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ से उत्तीर्ण की। 2010 में इनकम टैक्स विभाग में चयनित हुए। मौजूदा समय में वह ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स सिलीगुड़ी, बंगाल में कार्यरत हैं।
आईपीएस बनकर बढ़ाया मान
बढ़नी ब्लॉक के बढ़नी कस्बा निवासी यमुना प्रसाद ने वर्ष 1990 में यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और 1993 में इटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद स्नातक की शिक्षा हासिल करने के बाद वह सिविल सेवा परीक्षा तैयारी में जुट गए। वर्ष 2012 में आईपीएस बने। मौजूदा समय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीएसी मुख्यालय लखनऊ में कार्यरत हैं।
राजनीति में महारथ हासिल किया
इटवा तहसील क्षेत्र के निवासी माता प्रसाद पांडेय ने वर्ष 1960 में यूपी बोर्ड से देवरिया जिले के इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद 1965 में एमए और 1968 में एलएलबी किया। वह बताते हैं कि उनकी शुरू से लड़ाई सामन्तवादियों के खिलाफ थी। इसकी शुरुआत अपने ही क्षेत्र के जमींदार जैसम चौधरी से हुई। वह राजनीति में लंबा संघर्ष कर सपा सरकार में दो बार मंत्री और दो बार विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी गिनती प्रदेश के बड़े नेताओं में की जाती है।
विदेश में खोल दिया अस्पताल
तेतरी बाजार निवासी अब्दुल हकीम खान ने श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज से 1964 में हाईस्कूल परीक्षा पास की। अलीगढ़ विवि से बीएससी कर 1968 में जर्मनी चले गए। वहां एमबीबीएस और एमबी पीएचडी मेडिसिन टॉपर बने। एंडोस्कोपी के विश्वस्तरीय चिकित्सकों में गिने जाने वाले अब्दुल हकीम खान ने जर्मनी में सरकारी स्वास्थ्य विभाग में कई उच्च पदों पर कार्य किया। वर्तमान में जर्मनी के कोलोन शहर में अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से युक्त उनका निजी अस्पताल है।
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यूपी बोर्ड से पढ़कर देश-विदेश में उच्च पदों पर सेवा देने वाले आएंगे एक मंच पर
माध्यमिक शिक्षा परिषद के 100 साल पूरे होने पर मनाया जाएगा शताब्दी वर्ष
मिशन गौरव पोर्टल पर यूपी बोर्ड से शिक्षा ग्रहण कर मुकाम हासिल करने वाले कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड से पढ़कर देश-विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत होनहार को बोर्ड एक नई पहचान देगा। उन्हें बच्चों के समक्ष रोल मॉडल के रूप में पेश करेगा, जिससे वह यूपी बोर्ड से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। यह कार्य माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के 100 वर्ष पूरा होने पर करने जा रही है। इसके लिए बोर्ड ने मिशन गौरव पोर्टल को लांच किया है। यूपी बोर्ड से सफलता हासिल करने के वाले होनहार ऑनलाइन आवेदन करके अपनी उपलब्धि प्रस्तुत कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद को शुरू हुए अप्रैल 2021 में 100 पूरा हो जाएगा।
सफलताओं के साथ 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में बोर्ड शताब्दी वर्ष समारोह मनाने जा रहा है। इसमें यूपी बोर्ड ऐसे लोगों को आने वाले भविष्य के सामने रोल मॉॅडल के रूप में पेश करने जा रहा है जो यूपी बोर्ड से पढ़कर प्रदेश, देश एवं विदेशों में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहकर जहां देश का नाम रोशन कर रहे हैं वहीं, माध्यमिक शिक्षा परिषद का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे लोगों को बोर्ड ने एक मंच पर लाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए सफलता की सीढ़ी चढ़ने वाले आवेदन कर सकेंगे। डीआईओएस अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद 100 पूर्ण करने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष मनाने जा रहा है। इसमें यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करके विभिन्न पदों पर कार्यरत लोगों जोड़ा जाएगा। इसके लिए मिशन गौरव पोर्टल लांच किया गया है। जिस पर आवेदन मांगा जा रहा है। इसके बाद बोर्ड के निर्देशानुसार आगे कार्य किया जाएगा।
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इन क्षेत्रों में काम करने वाले कर सकेंगे आवेदन
माध्यमिक शिक्षा परिषद से पढ़कर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करके शिक्षा, चिकित्सा, न्यायिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, सामाजिक, साहित्य, कला, खेल एवं संस्कृति इत्यादि क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत रहते हुए समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं। वे आवेदन कर सकेंगेे।
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31 दिसंबर तक कर सकेंगे आवेदन
आवेदन करने के लिए बोर्ड की ओर से 31 दिसंबर तक तिथि निर्धारित की है। इस अवधि में आवेदन किया जाएगा। आवेदन करने के आवेदक बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर यूपीएमएसपी.ईडीयू.इन पर अपडेट मिशन गौरव पोर्टल को खोलकर आवेदन कर सकेंगे। इसमें आवेदन करने वाले आवेदक को नाम, पता, मोबाइल नंबर, किस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, कितने दिनों से कार्य कर रहे हैं, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा किस वर्ष उत्तीर्ण की है। इसके सहित अन्य जानकारी देनी होगी।
यूपी बोर्ड से ही इन्हें मिला यह मुकाम
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर संचालित यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करके इन्होंने मुकाम हासिल किया और आज विभिन्न पदों पर कार्यरत रहते हुए समाज की सेवा करने के साथ ही यूपी बोर्ड का गौरव बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
सिविल जज बने
शोहरतगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के लुचुइया गांव निवासी अजय मिश्र पुत्र राजेंद्र मिश्र ने हाईस्कूल 2001 और इंटरमीडिएट 2003 में शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ से उत्तीर्ण किया। स्नातक कर सिविल सेवा की तैयारी करते हुए वह वर्ष 2017 में सिविल जज बने और मौजूदा समय में वह आंबेडकरनगर में अपनी सेवा दे रहे हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर बनकर बढ़ाया मान
बढ़नी ब्लॉक के पड़रिया गांव निवासी अतुल कुमार पांडेय पुत्र रामदास पांडेय ने वर्ष 1994 में हाईस्कूल और 1996 में इंटरमीडिएट की परीक्षा शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ से उत्तीर्ण की। 2010 में इनकम टैक्स विभाग में चयनित हुए। मौजूदा समय में वह ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स सिलीगुड़ी, बंगाल में कार्यरत हैं।
आईपीएस बनकर बढ़ाया मान
बढ़नी ब्लॉक के बढ़नी कस्बा निवासी यमुना प्रसाद ने वर्ष 1990 में यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और 1993 में इटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद स्नातक की शिक्षा हासिल करने के बाद वह सिविल सेवा परीक्षा तैयारी में जुट गए। वर्ष 2012 में आईपीएस बने। मौजूदा समय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीएसी मुख्यालय लखनऊ में कार्यरत हैं।
राजनीति में महारथ हासिल किया
इटवा तहसील क्षेत्र के निवासी माता प्रसाद पांडेय ने वर्ष 1960 में यूपी बोर्ड से देवरिया जिले के इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद 1965 में एमए और 1968 में एलएलबी किया। वह बताते हैं कि उनकी शुरू से लड़ाई सामन्तवादियों के खिलाफ थी। इसकी शुरुआत अपने ही क्षेत्र के जमींदार जैसम चौधरी से हुई। वह राजनीति में लंबा संघर्ष कर सपा सरकार में दो बार मंत्री और दो बार विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी गिनती प्रदेश के बड़े नेताओं में की जाती है।
विदेश में खोल दिया अस्पताल
तेतरी बाजार निवासी अब्दुल हकीम खान ने श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज से 1964 में हाईस्कूल परीक्षा पास की। अलीगढ़ विवि से बीएससी कर 1968 में जर्मनी चले गए। वहां एमबीबीएस और एमबी पीएचडी मेडिसिन टॉपर बने। एंडोस्कोपी के विश्वस्तरीय चिकित्सकों में गिने जाने वाले अब्दुल हकीम खान ने जर्मनी में सरकारी स्वास्थ्य विभाग में कई उच्च पदों पर कार्य किया। वर्तमान में जर्मनी के कोलोन शहर में अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से युक्त उनका निजी अस्पताल है।