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बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में भरा पानी, आवागमन प्रभावित

Wed, 12 Oct 2022 01:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 01:06 AM IST
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trouble increased due to trenches filled with water
जर्जर और गढ्डे में तब्दील बांसी क्षेत्र का बेलवा-सेंगर मार्ग। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में भरा पानी, आवागमन प्रभावित
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सिद्धार्थनगर। कहीं बाढ़ और अति बारिश से लोग परेशान हैं तो कहीं टूटी सड़कें लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी हैं। जलभराव से सड़कें खतरनाक हो गई हैं। लगातार बारिश से सड़क की गिट्टियां बिखर गई हैं। इससे आवागमन कठिन हो गया है। जिम्मेदारों ने सड़कों को गड्ढामुक्त कराने की पहल नहीं की। इससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग बीके राय ने बताया कि जर्जर सड़कों का निर्माण व उनकी मरम्मत कराई जाएगी। बारिश खत्म होते ही स्टीमेट भेजा जाएगा। धन आते ही सड़क बनवाई जाएगी।
नौ किलोमीटर सड़क पांच साल से जर्जर
पुरानी नौगढ़ से बर्डपुर को जोड़ने वाली सड़क से 25 से अधिक गांव जुड़े हैं। साथ ही बर्डपुर के बजाए दूरी कम पड़े, इसलिए लोग इस मार्ग से सफर करते थे। सड़क पिछले पांच वर्ष से सड़क बदहाल है। परेशानी से बचने के लिए कुछ तो हाईवे से जाते हैं, लेकिन जिनका गांव इस बीच में पड़ता है, वे इस सड़क से यात्रा करने के लिए मजबूरी हैं। बारिश में सड़क के गड्ढे खतरनाक बन चुके हैं। क्षेत्र के रईस खान, नबीउल्लाह, रफीक ने कहा कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी सड़क नहीं बनी। मई-जून में धूल से परेशान रहते हैं। बारिश गड्ढों के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है, कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
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हाईवे से जोड़ने वाली सड़क बदहाल
बांसी-बस्ती एनएच से निकलकर कटया दुबे, सिसवा बुजुर्ग गांव होते हुए भिटिया मिश्र और बकरहुआ गांव तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी की सड़क पिछले पांच से जर्जर है। इस मार्ग से लोग पारा, कपिया होते हुए धेंसा शोहरतगढ़ और दूसरी ओर नादेपार निकल जाते थे। लगभग पांच गांवों के लोगों का आवागमन इस मार्ग से होता है। लेकिन, सड़क जर्जर होने से परेशानी होती है। सिसवा बुजुर्ग गांव निवासी पूर्व प्रमुख रामदेव, ग्राम प्रधान नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, सोमनाथ, सूर्य प्रकाश आदि का कहना है कि पिछले पांच वर्ष से टूटी सड़क पर चलने के लिए विवश हैं। अगर बारिश के बाद सड़क नहीं बनी तो आंदोलन करेंगे और कटया गांव के पास हाईवे को जाम करेंगे।
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सड़क कहीं खड़ंजा तो कहीं गड्ढे में तब्दील
बांसी तहसील क्षेत्र के बांसी-धानी मार्ग पर बिशुनपुर-मुस्तहकम से निकलने वाली बिशुनपुर-मुस्तहकम-सेखुई सड़क की लंबाई 16 किलोमीटर है। वह सड़क पूरी तरह टूट गई है। बिशनपुर से सेखुई मार्ग की हालत बदतर है। यह टूट कर कहीं खड़ंजा में तो कहीं गड्ढे में तब्दील हो गई है। सड़क की यह स्थिति लगभग एक दशक से है। बिशुनपुर गांव में सड़क नाले का रूप ले चुकी है। आए दिन यात्री गिरकर चोटिल होते रहते हैं। लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है।

आवागमन में हो रही कठिनाई
घोसियारी से बेलवा सेंगर तक जाने वाली सड़क पर जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं। कारण बारिश के बाद सड़क पर जो गिट्टियां थीं वह बिखर चुकी हैं। गड्ढे और बड़े हो गए हैं। ऐसे में आवागमन में कठिनाई बढ़ गई है। क्षेत्र के लोग, जिनका इस मार्ग पर घर वह भी इस पर यात्रा करने से डर रहे हैं। 50 से अधिक गांवों के लोगों का यह प्रमुख रास्ता है।
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