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Siddharthnagar News: त्योहार में यात्रियों की संख्या बढ़ी, प्राइवेट वाहन चालकों ने वसूला दोगुना किराया
Sun, 19 Nov 2023 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Nov 2023 12:55 AM IST
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बस में जगह न मिलने पर गियर बॉक्स पर बैठे यात्री। संवाद
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फोटो-- शाम होते ही बढ़ जात है ऑटो का किराया
-रोडवेज बसाें की संख्या कम होने के कारण मनमानी कर रहे हैं निजी वाहन चालक
- पांच रूटों पर कोरोना कॉल से ही बंद है सरकारी बसों का संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। छठ पर्व पर यात्रियों की संख्या बढ़ी तो निजी वाहन चालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। निजी वाहन चालक यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं। रोडवेज बसों की कमी के कारण यात्रियों को निजी बसों व अन्य वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है, जबकि सीट नहीं मिलने पर लोग बसों में खड़े होकर भी यात्रा कर रहे हैं।
छठ त्योहार को लेकर यात्रियों का आवागमन बढ़ गया है, महिलाएं छठ त्योहार मनाने के लिए अपने घरों से दूर जा रही हैं। रोडवेज में बसों की संख्या कम होने से लोगों को सरकारी बस नहीं मिल रही है। इसका फायदा उठाते हुए प्राइवेट वाहन चालक यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं।
जिले की परिवहन व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। न तो रूट के हिसाब से किराया निर्धारित है और न ही यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि निजी बस संचालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
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वर्तमान समय में रोडवेज में 39 बसे हैं। दो महीना पहले रोडवेज पर 43 बसे थीं। छठ त्योहार पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। लोगों को सरकारी वाहनों में जगह नहीं मिल रही है। इससे मजबूर होकर यात्री प्राइवेट वाहनों में दोगुना किराया देकर यात्रा कर रहे हैं।
न्यायालय में जरूरी काम से आए थे। आते वक्त सरकारी बस मिल गई थी, तब 76 रुपये किराया खर्च हुआ था, लेकिन वापस जाने पर प्राइवेट वाहन से जाने पर खर्च 200 रुपया किराया देना पड़ा।
-पवन यादव
मैं बैदौला का रहने वाला हूं। परिवार के साथ छठ पूजा मनाने के लिए लोटन जाना था। घर से निकले तो प्राइवेट वाहनों से यात्रा करनी पड़ी। इससे 110 किमी दूरी तय करने में एक व्यक्ति पर 400 रुपये किराया लगा।
-अभिषेक श्रीवास्तव
वर्जन
बसों की संख्या कम है। सभी रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। नई बसों की मांग की गई है। जल्द ही सभी रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, एआरएम
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-रोडवेज बसाें की संख्या कम होने के कारण मनमानी कर रहे हैं निजी वाहन चालक
- पांच रूटों पर कोरोना कॉल से ही बंद है सरकारी बसों का संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। छठ पर्व पर यात्रियों की संख्या बढ़ी तो निजी वाहन चालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। निजी वाहन चालक यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं। रोडवेज बसों की कमी के कारण यात्रियों को निजी बसों व अन्य वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है, जबकि सीट नहीं मिलने पर लोग बसों में खड़े होकर भी यात्रा कर रहे हैं।
छठ त्योहार को लेकर यात्रियों का आवागमन बढ़ गया है, महिलाएं छठ त्योहार मनाने के लिए अपने घरों से दूर जा रही हैं। रोडवेज में बसों की संख्या कम होने से लोगों को सरकारी बस नहीं मिल रही है। इसका फायदा उठाते हुए प्राइवेट वाहन चालक यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं।
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जिले की परिवहन व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। न तो रूट के हिसाब से किराया निर्धारित है और न ही यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि निजी बस संचालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
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वर्तमान समय में रोडवेज में 39 बसे हैं। दो महीना पहले रोडवेज पर 43 बसे थीं। छठ त्योहार पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। लोगों को सरकारी वाहनों में जगह नहीं मिल रही है। इससे मजबूर होकर यात्री प्राइवेट वाहनों में दोगुना किराया देकर यात्रा कर रहे हैं।
न्यायालय में जरूरी काम से आए थे। आते वक्त सरकारी बस मिल गई थी, तब 76 रुपये किराया खर्च हुआ था, लेकिन वापस जाने पर प्राइवेट वाहन से जाने पर खर्च 200 रुपया किराया देना पड़ा।
-पवन यादव
मैं बैदौला का रहने वाला हूं। परिवार के साथ छठ पूजा मनाने के लिए लोटन जाना था। घर से निकले तो प्राइवेट वाहनों से यात्रा करनी पड़ी। इससे 110 किमी दूरी तय करने में एक व्यक्ति पर 400 रुपये किराया लगा।
-अभिषेक श्रीवास्तव
वर्जन
बसों की संख्या कम है। सभी रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। नई बसों की मांग की गई है। जल्द ही सभी रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, एआरएम