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Siddharthnagar News: शुरू हुआ ट्राॅमा सेंटर, अति गंभीर मरीजों का हो सकेगा इलाज
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ट्रामा सेंटर में मरीज का उपचार करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ट्राॅमा सेंटर में शुक्रवार से मरीजों का उपचार शुरु हो गया है। इससे अब जले कटे मरीजों को गोरखपुर व लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। ट्राॅमा सेंटर में ही मरीजों को प्लास्टर भी किया जा रहा है।
ट्राॅमा सेंटर में मरीजों को भर्ती कर इलाज की प्रक्रिया शुरू हाे गई है। इसके लिए प्लास्टर कक्ष व एक्स-रे की व्यवस्था करते हुए चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जनपद में ट्राॅमा सेंटर के संचालित होने से मरीजों की टूटती सांस को सहारा मिल सकेगा। अभी तक एक्सीडेंटल मरीजों को रेफर होना पड़ता था। इसके चलते बीच कई मरीजों को रास्ते में ही जान गंवानी पड़ती थी। मेडिकल कॉलेज से सभी व्यवस्थाएं करा दी गई है। 24 घंटे एक्स-रे की सुविधा के लिए मशीन भी लगाई गई है। इन सभी सामग्री की व्यवस्था के बाद चिकित्सकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
ट्राॅमा सेंटर के संचालित होने के बाद गंभीर मामलों में लोगों की जिंदगी बचाने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। ट्राॅमा सेंटर की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए डॉ. अरविंद कुमार गुप्त को नोडल अधिकारी बनाया है।
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इसके अलावा जनरल सर्जरी विभाग, हड्डी रोग विभाग व मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों की जिम्मेदारी तय की गई है।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ट्राॅमा सेंटर में शुक्रवार से मरीजों का उपचार शुरु हो गया है। इससे अब जले कटे मरीजों को गोरखपुर व लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। ट्राॅमा सेंटर में ही मरीजों को प्लास्टर भी किया जा रहा है।
ट्राॅमा सेंटर में मरीजों को भर्ती कर इलाज की प्रक्रिया शुरू हाे गई है। इसके लिए प्लास्टर कक्ष व एक्स-रे की व्यवस्था करते हुए चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जनपद में ट्राॅमा सेंटर के संचालित होने से मरीजों की टूटती सांस को सहारा मिल सकेगा। अभी तक एक्सीडेंटल मरीजों को रेफर होना पड़ता था। इसके चलते बीच कई मरीजों को रास्ते में ही जान गंवानी पड़ती थी। मेडिकल कॉलेज से सभी व्यवस्थाएं करा दी गई है। 24 घंटे एक्स-रे की सुविधा के लिए मशीन भी लगाई गई है। इन सभी सामग्री की व्यवस्था के बाद चिकित्सकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
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ट्राॅमा सेंटर के संचालित होने के बाद गंभीर मामलों में लोगों की जिंदगी बचाने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। ट्राॅमा सेंटर की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए डॉ. अरविंद कुमार गुप्त को नोडल अधिकारी बनाया है।
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इसके अलावा जनरल सर्जरी विभाग, हड्डी रोग विभाग व मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों की जिम्मेदारी तय की गई है।