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परिवहन निगम : दस ईटीएम खराब, परेशान हो रहे बस यात्री
Thu, 12 Dec 2024 12:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:18 PM IST
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सिद्धार्थनगर। डिपो की कुछ ई-टिकट मशीनों में गड़बड़ी आ गई है। तीन इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ईटीएम) खराब हो चुकी हैं, जबकि सात मशीनों की बैट्री खराब होने के साथ अन्य समस्या है, इससे वे कम समय में ही स्विच ऑफ हो जा रहीं हैं।
इससे परिचालकों को टिकट काटने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। साथ ही पेपर से टिकट बनाने पर बसों को खड़ा करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी होने से परेशानी होती है।
डिपो में 53 से अधिक ई-टिकट मशीन उपलब्ध हैं। इससे पांच से सात मशीनों में बैट्री, क्यूआर स्कैन, डिस्पले व प्रिंटिंग की समस्या बनी रहती है। जबकि, खराब होने के कारण तीन मशीनों को लखनऊ में रिपेयर कराने के लिए भेजा गया हैं। इससे ऑनलाइन भुगतान करके टिकट लेने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है।
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डिपो में मौजूद 48 बसों का संचालन नई दिल्ली, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर सहित विभिन्न रूटों पर होता है, लेकिन टिकट मशीन पर्याप्त न होने से सभी बसों में इसकी उपलब्धता नहीं हो पा रही है, जिससे यात्री परेशानी हो रहे हैं।
परिचालकों ने बताया कि प्रति बस एक इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ईटीएम) आवंटित की गई है। इसमें से लगभग 10 प्रतिशत ई-टिकट मशीनें काम नहीं कर रहीं हैं। इसके बाद परिचालकों के पास मैनुअल टिकट काटने का ही विकल्प बचता है, लेकिन अधिक समय लगने के कारण मैनुअल टिकट बनाने में परिचालक परेशान हो जा रहे हैं।
मजबूरी में वे खराब मशीनों को लेकर ही रूट पर चले जा रहे हैं। यही नहीं साफ प्रिंट न आने से बस में बैठे यात्री भी तनाव में रहते हैं, क्योंकि उन्हें नहीं पता होता है कि उनका टिकट कितने रुपये का है और कहां के लिए बनाया गया है। कई बार इसे लेकर तकरार भी हो जाती है।
रोडवेज पर बस का इंतजार कर रहे दिनेश, सरिता व अनूप ने बताया कि टिकट मशीन खराब होने से परेशानी बढ़ जाती हैं। इससे कई बार छुट्टा पैसा नहीं होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। ी
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इससे परिचालकों को टिकट काटने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। साथ ही पेपर से टिकट बनाने पर बसों को खड़ा करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी होने से परेशानी होती है।
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डिपो में 53 से अधिक ई-टिकट मशीन उपलब्ध हैं। इससे पांच से सात मशीनों में बैट्री, क्यूआर स्कैन, डिस्पले व प्रिंटिंग की समस्या बनी रहती है। जबकि, खराब होने के कारण तीन मशीनों को लखनऊ में रिपेयर कराने के लिए भेजा गया हैं। इससे ऑनलाइन भुगतान करके टिकट लेने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है।
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डिपो में मौजूद 48 बसों का संचालन नई दिल्ली, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर सहित विभिन्न रूटों पर होता है, लेकिन टिकट मशीन पर्याप्त न होने से सभी बसों में इसकी उपलब्धता नहीं हो पा रही है, जिससे यात्री परेशानी हो रहे हैं।
परिचालकों ने बताया कि प्रति बस एक इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ईटीएम) आवंटित की गई है। इसमें से लगभग 10 प्रतिशत ई-टिकट मशीनें काम नहीं कर रहीं हैं। इसके बाद परिचालकों के पास मैनुअल टिकट काटने का ही विकल्प बचता है, लेकिन अधिक समय लगने के कारण मैनुअल टिकट बनाने में परिचालक परेशान हो जा रहे हैं।
मजबूरी में वे खराब मशीनों को लेकर ही रूट पर चले जा रहे हैं। यही नहीं साफ प्रिंट न आने से बस में बैठे यात्री भी तनाव में रहते हैं, क्योंकि उन्हें नहीं पता होता है कि उनका टिकट कितने रुपये का है और कहां के लिए बनाया गया है। कई बार इसे लेकर तकरार भी हो जाती है।
रोडवेज पर बस का इंतजार कर रहे दिनेश, सरिता व अनूप ने बताया कि टिकट मशीन खराब होने से परेशानी बढ़ जाती हैं। इससे कई बार छुट्टा पैसा नहीं होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। ी