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पांच दलों के बीच 45 सींटों पर होगा घमासान
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पांच दलों के बीच 45 सीटों पर होगा घमासान
सभी दलों ने जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने के दावेदारों से मांगे आवेदन
चुनाव के लिए अभी से जिताऊ उम्मीदवारों की खोज में जुटे राजनीतिक दल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कहने को तो पंचायत चुनाव होने वाले हैं। लेकिन, राजनीतिक दलों की तैयारी ऐसी है कि जैसे 2022 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल हो। जिला पंचायत की 45 सीटों पर अपने कार्यकर्ताओं को जीत दिलाने के लिए प्रमुख पांच दलों ने कमर कस ली है जिससे इस चुनाव में घमासान होना तय हो चुका है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मार्च और अप्रैल में होना तय है। इसमें सभी राजनीतिक दल जिला पंचायत सदस्य पद पर अपने समर्थक दावेदार को चुनाव जिताने की रणनीति पर अमल करते दिख रहे हैं। सत्ताधारी भाजपा ने सभी सीटों पर संभावित दावेदारों के आवेदन लेने के साथ ही उनका फीडबैक भी लेना शुरू कर दिया है। सपा ने बैठक कर सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने के साथ ही उनकी जीत पक्की करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कांग्रेस, बसपा और आप ने भी पार्टी समर्थित दावेदारों के आवेदन मांगे हैं और सभी सीटों पर दमदारी से चुनाव लड़ाने की जोर-शोर से तैयारी तेज कर दी है। सभी दलों ने पंचायत चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मानकर पूरी ताकत झोंक दी है। यहां तक कि कुछ दलों ने इस चुनाव में सफलता पाने वाले कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव में भी विशेष तरजीह देने की रणनीति बनाई है।
आप भी दमदारी से लड़ेगी पंचायत चुनाव
2014 के लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो चुकी आम आदमी पार्टी ने भी पंचायत चुनाव दमदारी से लड़ने की घोषणा कर दी है। पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल के उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ने के एलान के बाद कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता ने बताया कि जिला पंचायत की सभी सीटों पर कार्यकर्ताओं से आवेदन मांगे गए हैं। इनमें जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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सिर्फ जिला पंचायत के ही घोषित होंगे समर्थित प्रत्याशी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक साथ चार पदों के लिए मतदान होगा। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मतदाताओं को बैलेट पेपर पर वोट देने होंगे। इसमें सिर्फ जिला पंचायत सदस्य पद के लिए ही राजनीतिक दल समर्थित प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारते हैं। बाद में राजनीतिक दलों की तरफ से क्षेत्र पंचायत सदस्य के बीच होने वाले ब्लॉक प्रमुख पद और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी समर्थित दावेदारों को चुनाव में उतारा जाता है।
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सभी दलों ने जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने के दावेदारों से मांगे आवेदन
चुनाव के लिए अभी से जिताऊ उम्मीदवारों की खोज में जुटे राजनीतिक दल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कहने को तो पंचायत चुनाव होने वाले हैं। लेकिन, राजनीतिक दलों की तैयारी ऐसी है कि जैसे 2022 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल हो। जिला पंचायत की 45 सीटों पर अपने कार्यकर्ताओं को जीत दिलाने के लिए प्रमुख पांच दलों ने कमर कस ली है जिससे इस चुनाव में घमासान होना तय हो चुका है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मार्च और अप्रैल में होना तय है। इसमें सभी राजनीतिक दल जिला पंचायत सदस्य पद पर अपने समर्थक दावेदार को चुनाव जिताने की रणनीति पर अमल करते दिख रहे हैं। सत्ताधारी भाजपा ने सभी सीटों पर संभावित दावेदारों के आवेदन लेने के साथ ही उनका फीडबैक भी लेना शुरू कर दिया है। सपा ने बैठक कर सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने के साथ ही उनकी जीत पक्की करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कांग्रेस, बसपा और आप ने भी पार्टी समर्थित दावेदारों के आवेदन मांगे हैं और सभी सीटों पर दमदारी से चुनाव लड़ाने की जोर-शोर से तैयारी तेज कर दी है। सभी दलों ने पंचायत चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मानकर पूरी ताकत झोंक दी है। यहां तक कि कुछ दलों ने इस चुनाव में सफलता पाने वाले कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव में भी विशेष तरजीह देने की रणनीति बनाई है।
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आप भी दमदारी से लड़ेगी पंचायत चुनाव
2014 के लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो चुकी आम आदमी पार्टी ने भी पंचायत चुनाव दमदारी से लड़ने की घोषणा कर दी है। पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल के उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ने के एलान के बाद कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता ने बताया कि जिला पंचायत की सभी सीटों पर कार्यकर्ताओं से आवेदन मांगे गए हैं। इनमें जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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सिर्फ जिला पंचायत के ही घोषित होंगे समर्थित प्रत्याशी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक साथ चार पदों के लिए मतदान होगा। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मतदाताओं को बैलेट पेपर पर वोट देने होंगे। इसमें सिर्फ जिला पंचायत सदस्य पद के लिए ही राजनीतिक दल समर्थित प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारते हैं। बाद में राजनीतिक दलों की तरफ से क्षेत्र पंचायत सदस्य के बीच होने वाले ब्लॉक प्रमुख पद और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी समर्थित दावेदारों को चुनाव में उतारा जाता है।