फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   There is no way to come and go... they made a hospital

Siddharthnagar News: आने जाने के लिए नहीं है रास्ता... बना दिया अस्पताल

Sun, 10 Mar 2024 02:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 10 Mar 2024 02:35 AM IST
विज्ञापन
There is no way to come and go... they made a hospital
इटवा। मरीजों की सुविधा के लिए इटवा कस्बे में होम्योपैथिक अस्पताल खोल दिया गया है। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए मरीजों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में यहां प्रतिदिन करीब 200 से अधिक आने वाले मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लेकिन जिम्मेदार मरीजों की इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिखते हैं।
विज्ञापन

इटवा क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए इटवा कस्बे में होम्योपैथिक अस्पताल बनाया गया था। यहां मरीजों का भारी जमावड़ा लगा रहता है। प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज यहां आकर अपने बीमारी की दवा लेते हैं। लेकिन इसके बावजूद यहां आने जाने का कोई रास्ता नहीं है। कस्बे के मुख्य मार्ग से अस्पताल पर आने-जाने के लिए पैदल ही एक मात्र उपाय है। वह भी जब बारिश हो जाए तो समस्या गई गुना बढ़ जाती है। अस्पताल पर कार्यरत डॉ. लतिका सिंह कहती हैं कि रास्ते के लिये काफी दिक्कत है। अस्पताल आने के लिए वाहन को 100 मीटर पहले ही खड़ाकरके पैदल आना पड़ता है। इस बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। लेकिन फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन


जिस अस्पताल से बगैर कोई धनराशि खर्च किए रोग ठीक हो रहा हो। मरीजों की लाइन लग रही हो। वहां सड़क न बनना बड़ा दुर्भाग्य है। इस समस्या पर जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिव कुमार वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष इटवा

अस्पताल का रास्ता बहुत पहले ही बन जाना चाहिए था। रास्ता न होने के कारण अस्पताल जाने में मरीजों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है।

-लतीफ, निवासी पहाड़पुर

अस्पताल तक जाने का मार्ग नहीं है, इसके बारे में जानकारी है। शीघ्र ही अस्पताल तक आने जाने के लिए सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

-विकास जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पंचायत इटवा
सड़क बनवाने के लिए पत्र लिखा गया था। सड़क बनने से मरीजों व डॉक्टरों को आने जाने में सहूलियत होती। जबकि इस अस्पताल पर 150 से 200 मरीज प्रतिदिन आते है।
-डॉ. अजय कुमार, जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed