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Siddharthnagar News: नियम न किराया तय, एक किमी भी चले तो देना पड़ता है 10 रुपये
Sun, 18 Feb 2024 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 18 Feb 2024 11:00 PM IST
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शहर के सिद्धार्थ तिराहे पर ई रिक्शा चालक से किराये की बात करते यात्री।
सिद्धार्थनगर। शहर में चलने के लिए ऑटो चालकों का कोई नियम नहीं बना है। इससे चालक एक किमी से भी कम दूरी का 10 रुपया किराया लेते है। जबकि नियम तय होने से शहर में यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत मिलती। लेकिन विभागीय उदासीनता से लोगों को अपनी जेब कटवानी पड़ रही है। इससे लोग ऑटो पर बैठने से भी डरते हैं।
शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं। जिसमें सबसे अधिक स्कूली बच्चे व महिलाएं घरेलू समान लेने के लिए ऑटो से आती-जाती है। लेकिन, ऑटो चालक के लिए किराया लेने का कोई नियम नहीं तय नहीं हैं। वे मनमाने तरीके से किराया मांग लेते हैं। पैसा अधिक कहने पर पूछ कर बैठने का हवाला देते हैं। जबकि चालक बिना पूछे ही लोगों को ऑटो में बैठा लेते हैं।
शनिवार को बांसी स्टैंड से मेडिकल कॉलेज जा रहे बर्डपुर के अनवर ने बताया कि ऑटो चालक बांसी स्टैंड से मेडिकल कॉलेज का 25 रुपया किराया लेते हैं। लेकिन, बीच में थोड़ी दूर के लिए बैठे यात्रियों से 10 रुपया किराया मांगते हैं। बताया कि शहर की एक महिला नपा कार्यालय के पास बैठी और तहसील गेट के सामने उतर गई। जब उसने पांच रुपया निकाल कर दिया, तो चालक ने 10 रुपये की मांग की। पूछने पर कहा कि इतना ही लगता है। आपको पूछ कर बैठना चाहिए था। आगे बढ़ने पर ब्लॉक के सामने एक लड़का बैठा और वह हाइडिल तिराहे पर उतर गया, उससे भी चालक ने 15 रुपये कि मांग की। ज्यादा कहने पर 10 रुपया में चालक माना। जबकि ब्लॉक से हाइडिल तिराहे की दूरी मात्र पांच सौ मीटर है।
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बोले यात्री
शहर में सैकड़ों ऑटो चालक मौजूद है। लेकिन किसी भी ऑटो चालक का नियम और स्थान तय नहीं है। जिससे ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं।
टिंकू सिंह
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ऑटो चालक बिना नियम के ही शहर में चलते हैं। उनको दूरी से कोई मतलब नहीं होता है। जैसा उनका मन करता है, उसी हिसाब से किराया मांग लेते हैं।
प्रभात शुक्ला
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कोई सवारी रेलवे स्टेशन पर बैठता है और वह सिद्धार्थ चौक पर उतरता है। तब उनसे 15 रुपये तक किराया का डिमांड किया जाता है। जबकि यह दूरी सात सौ मीटर है।
शनि उपाध्याय
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ऑटो चालक अपने हिसाब से यात्रियों से किराया वसूलते है। जबकि महानगरों में नियम बनाए गए है। शहर में भी नियम होना चाहिए। जिससे यात्रियों को सुविधा मिले।
रवि प्रताप
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वर्जन
चालक पांच सौ मीटर का दस रुपया किराया मांग रहे हैं, तो वे गलत कर रहे है। जल्द ही ऑटो चालकों का नियम बनाकर संचालन कराया जाएगा, नहीं मानने पर कार्रवाई की जाएगी।
विंध्याचल, ईओ
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शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं। जिसमें सबसे अधिक स्कूली बच्चे व महिलाएं घरेलू समान लेने के लिए ऑटो से आती-जाती है। लेकिन, ऑटो चालक के लिए किराया लेने का कोई नियम नहीं तय नहीं हैं। वे मनमाने तरीके से किराया मांग लेते हैं। पैसा अधिक कहने पर पूछ कर बैठने का हवाला देते हैं। जबकि चालक बिना पूछे ही लोगों को ऑटो में बैठा लेते हैं।
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शनिवार को बांसी स्टैंड से मेडिकल कॉलेज जा रहे बर्डपुर के अनवर ने बताया कि ऑटो चालक बांसी स्टैंड से मेडिकल कॉलेज का 25 रुपया किराया लेते हैं। लेकिन, बीच में थोड़ी दूर के लिए बैठे यात्रियों से 10 रुपया किराया मांगते हैं। बताया कि शहर की एक महिला नपा कार्यालय के पास बैठी और तहसील गेट के सामने उतर गई। जब उसने पांच रुपया निकाल कर दिया, तो चालक ने 10 रुपये की मांग की। पूछने पर कहा कि इतना ही लगता है। आपको पूछ कर बैठना चाहिए था। आगे बढ़ने पर ब्लॉक के सामने एक लड़का बैठा और वह हाइडिल तिराहे पर उतर गया, उससे भी चालक ने 15 रुपये कि मांग की। ज्यादा कहने पर 10 रुपया में चालक माना। जबकि ब्लॉक से हाइडिल तिराहे की दूरी मात्र पांच सौ मीटर है।
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बोले यात्री
शहर में सैकड़ों ऑटो चालक मौजूद है। लेकिन किसी भी ऑटो चालक का नियम और स्थान तय नहीं है। जिससे ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं।
टिंकू सिंह
ऑटो चालक बिना नियम के ही शहर में चलते हैं। उनको दूरी से कोई मतलब नहीं होता है। जैसा उनका मन करता है, उसी हिसाब से किराया मांग लेते हैं।
प्रभात शुक्ला
कोई सवारी रेलवे स्टेशन पर बैठता है और वह सिद्धार्थ चौक पर उतरता है। तब उनसे 15 रुपये तक किराया का डिमांड किया जाता है। जबकि यह दूरी सात सौ मीटर है।
शनि उपाध्याय
ऑटो चालक अपने हिसाब से यात्रियों से किराया वसूलते है। जबकि महानगरों में नियम बनाए गए है। शहर में भी नियम होना चाहिए। जिससे यात्रियों को सुविधा मिले।
रवि प्रताप
वर्जन
चालक पांच सौ मीटर का दस रुपया किराया मांग रहे हैं, तो वे गलत कर रहे है। जल्द ही ऑटो चालकों का नियम बनाकर संचालन कराया जाएगा, नहीं मानने पर कार्रवाई की जाएगी।
विंध्याचल, ईओ