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Siddharthnagar News: वेदाचार्य ने बताया श्रीमद्भागवत कथा सुनने का महत्व
Sun, 10 May 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 May 2026 02:39 AM IST
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भवानीगंज। डुमरियागंज क्षेत्र के धनुवाडीह उर्फ हजिरवा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथावाचक प्रभाकर वेदाचार्य ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा सुनने का महत्व बताया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य जीवन को सार्थक बनती है। जन्म तो हर प्राणी एवं मनुष्य लेता है, लेकिन उसे अपने जीवन का अर्थ बोध नहीं होता है। ऐसी परिस्थिति में रामचरितमानस व श्रीमद्भागवत की मानव जीवन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसके द्वारा प्रभू प्राप्ति का साधन बताया गया है। जीव का कल्याण भगवान की शरणागति होने पर ही होता है। जीव जब तक भगवान के शरण में नहीं जाता तब तक उसे किसी भी प्रकार की शांति नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाती है, इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है। ऐसे में धार्मिक ग्रंथों के प्रति विश्वास रख कर श्रद्धापूर्वक कथा कार्यक्रमों में सहभागी बनें। इस दौरान ओम प्रकाश पांडेय, गिरीश प्रकाश पांडेय, मंटू पांडेय, सौरभ पांडेय, अंबुज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य जीवन को सार्थक बनती है। जन्म तो हर प्राणी एवं मनुष्य लेता है, लेकिन उसे अपने जीवन का अर्थ बोध नहीं होता है। ऐसी परिस्थिति में रामचरितमानस व श्रीमद्भागवत की मानव जीवन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसके द्वारा प्रभू प्राप्ति का साधन बताया गया है। जीव का कल्याण भगवान की शरणागति होने पर ही होता है। जीव जब तक भगवान के शरण में नहीं जाता तब तक उसे किसी भी प्रकार की शांति नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाती है, इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है। ऐसे में धार्मिक ग्रंथों के प्रति विश्वास रख कर श्रद्धापूर्वक कथा कार्यक्रमों में सहभागी बनें। इस दौरान ओम प्रकाश पांडेय, गिरीश प्रकाश पांडेय, मंटू पांडेय, सौरभ पांडेय, अंबुज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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