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Siddharthnagar News: अंगूठा छाप सरगना चला रहा था हाईटेक चोरों का गिरोह
Wed, 27 Dec 2023 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 27 Dec 2023 01:56 AM IST
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सिद्धार्थनगर। पुलिस ने मंगलवार को एक चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है, जिसके सदस्य चौथी व पांचवीं पास हैं। सरगना भी अंगूठा छाप है। लेकिन पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए इस गिरोह ने हाईटेक तरीका अपना रखा था। अपने शहर से करीब 300 किमी दूरी पर वारदात को अंजाम देते थे। वहीं आपस में बातचीत करने के लिए वाईफाई का प्रयोग करते थे। गिरोह के सदस्य मोबाइल के सामान्य कॉल नेटवर्क को हमेशा बंद रखते थे। वाईफाई से कनेक्ट कर व्हाट्सएप पर बातचीत करतेथे। इसके कारण पुलिस को उनके मोबाइल के टावर का लोकेशन नहीं मिल पाता था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी निवासी मोहल्ला एजाज नगर गौटिया थाना बारादरी जिला बरेली, सादिक अली, आलम और नसीबन पत्नी अजमत अली उर्फ दुलारे निवासी गढि़या गढिय़ा पैगंबरपुर थाना हजरतपुर जिला बंदायू के रूप में हुई। बरेली-बदायूं के इस गिरोह के सदस्य इतने शातिर हैं कि उनको पकड़ना आसान नहीं था। चोर जिस गाड़ी से वारदात को अंजाम देते थे। उसमें वाईफाई लगा रखा था। इसी से सभी सदस्यों ने अपने मोबाइल का नेटवर्क कनेक्ट कर रखा था। ताकि एक दूसरे से होने वाली बातचीत की जानकारी व उनकी लोकेशन पुलिस को न मिल सके। गिरोह का सरगना अजमत चार दिन पहले वारदात के समय पुलिस के हत्थे चढ़ा। उससे पूछताछ के बाद गिरोह के नेटवर्क व काम करने के तरीके के बारे में पुलिस को जानकारी हुई। पुलिस ने उसके जरिए ही गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंची। वहीं गिरोह के सरगना अजमत की पत्नी भी मंगलवार को पुलिस के हत्थे लगी।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य बरेली से खुद की बोलेरो से लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर से पचपेड़वा होते हुए भारत नेपाल के बढ़नी बार्डर पर पहुंच गए। वे बीस दिसंबर को बढ़नी पहुंचे और ढाबे पर भोजन किया। रेलवे स्टेशन पर गाड़ी खड़ी करके वहीं आसपास के गेस्ट हाउस व होटलों में ठिकाना बनाया। होटल में जगह न मिलने पर गाड़ी में ही सो जाते थे।
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रेकी व घटना के लिए ई-रिक्शा व ऑटो का करते थे प्रयोग
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य स्टेशन से ई-रिक्शा व ऑटो को बुक करते थे। आसपास के मोहल्लों और गांव में जाते थे। वहां से ऑटो व ई-रिक्शा को किराया देकर छोड़ देते थे। फिर घरों की रेकी करते थे। घटना को अंजाम देने के बाद अपनी गाड़ी के चालक को व्हाट्सएप पर कॉल कर मौके पर बुलाते थे। सामान गाड़ी में रखकर भाग जाते थे।
तीन राज्यों में देते थे घटना को अंजाम
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य तीन राज्यों में घटना को अंजाम देते थे। इनके गिरोह के सदस्य बरेली से निकलकर दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में घटनाओं को अंजाम देते थे। इसका भी खुलासा 20 दिसंबर को बांसी में पकड़े गए अजमत से पूछताछ में हुआ। उसने बताया कि चार दिन बाद वे महराजगंज जा रहे थे तो पुलिस ने उनका पीछा करके पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि कुशीनगर और आजमगढ़ में भी इसी गिरोह के चोर पकड़े गए हैं।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी निवासी मोहल्ला एजाज नगर गौटिया थाना बारादरी जिला बरेली, सादिक अली, आलम और नसीबन पत्नी अजमत अली उर्फ दुलारे निवासी गढि़या गढिय़ा पैगंबरपुर थाना हजरतपुर जिला बंदायू के रूप में हुई। बरेली-बदायूं के इस गिरोह के सदस्य इतने शातिर हैं कि उनको पकड़ना आसान नहीं था। चोर जिस गाड़ी से वारदात को अंजाम देते थे। उसमें वाईफाई लगा रखा था। इसी से सभी सदस्यों ने अपने मोबाइल का नेटवर्क कनेक्ट कर रखा था। ताकि एक दूसरे से होने वाली बातचीत की जानकारी व उनकी लोकेशन पुलिस को न मिल सके। गिरोह का सरगना अजमत चार दिन पहले वारदात के समय पुलिस के हत्थे चढ़ा। उससे पूछताछ के बाद गिरोह के नेटवर्क व काम करने के तरीके के बारे में पुलिस को जानकारी हुई। पुलिस ने उसके जरिए ही गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंची। वहीं गिरोह के सरगना अजमत की पत्नी भी मंगलवार को पुलिस के हत्थे लगी।
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पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य बरेली से खुद की बोलेरो से लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर से पचपेड़वा होते हुए भारत नेपाल के बढ़नी बार्डर पर पहुंच गए। वे बीस दिसंबर को बढ़नी पहुंचे और ढाबे पर भोजन किया। रेलवे स्टेशन पर गाड़ी खड़ी करके वहीं आसपास के गेस्ट हाउस व होटलों में ठिकाना बनाया। होटल में जगह न मिलने पर गाड़ी में ही सो जाते थे।
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रेकी व घटना के लिए ई-रिक्शा व ऑटो का करते थे प्रयोग
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य स्टेशन से ई-रिक्शा व ऑटो को बुक करते थे। आसपास के मोहल्लों और गांव में जाते थे। वहां से ऑटो व ई-रिक्शा को किराया देकर छोड़ देते थे। फिर घरों की रेकी करते थे। घटना को अंजाम देने के बाद अपनी गाड़ी के चालक को व्हाट्सएप पर कॉल कर मौके पर बुलाते थे। सामान गाड़ी में रखकर भाग जाते थे।
तीन राज्यों में देते थे घटना को अंजाम
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य तीन राज्यों में घटना को अंजाम देते थे। इनके गिरोह के सदस्य बरेली से निकलकर दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में घटनाओं को अंजाम देते थे। इसका भी खुलासा 20 दिसंबर को बांसी में पकड़े गए अजमत से पूछताछ में हुआ। उसने बताया कि चार दिन बाद वे महराजगंज जा रहे थे तो पुलिस ने उनका पीछा करके पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि कुशीनगर और आजमगढ़ में भी इसी गिरोह के चोर पकड़े गए हैं।