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Siddharthnagar News: मजलिस में बयां की कर्बला में शहीदों की दास्तान
Sat, 20 Jun 2026 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हटवा बुजुर्ग गांव के कर्बला पर शुक्रवार को मुर्हरम की तीन तारीख के मौके पर मरसिया मजलिस आयोजित की गई।
मजलिस को गाजीपुर से आए मौलाना उरूज अली ने संबोधित किया। उन्होंने मजलिस के दौरान कर्बला के मैदान में शहीद हुए इमाम हुसैन के साथियों की शहादत को बयां किया, जिसे सुनकर अकीदत मंद रो पड़े।
मौलाना उरूज ने कहा कि अली नमाज है और हम सब नमाजी है। मजलिस में आने से होता है शिक्षा का ज्ञान कर्बला दुनिया को हक, सच्चाई और इंसाफ का पैगाम देता है। हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में नाना के दीन को बचाने के लिए जो महत्वपूर्ण कुर्बानियां दी है।
इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों ने कर्बला में अपने को तथा अपने घर वालों को भूखे प्यासे शहादत देकर साबित कर दिया कि सच्चाई को कोई झुका नहीं सकता।
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भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हटवा बुजुर्ग गांव के कर्बला पर शुक्रवार को मुर्हरम की तीन तारीख के मौके पर मरसिया मजलिस आयोजित की गई।
मजलिस को गाजीपुर से आए मौलाना उरूज अली ने संबोधित किया। उन्होंने मजलिस के दौरान कर्बला के मैदान में शहीद हुए इमाम हुसैन के साथियों की शहादत को बयां किया, जिसे सुनकर अकीदत मंद रो पड़े।
मौलाना उरूज ने कहा कि अली नमाज है और हम सब नमाजी है। मजलिस में आने से होता है शिक्षा का ज्ञान कर्बला दुनिया को हक, सच्चाई और इंसाफ का पैगाम देता है। हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में नाना के दीन को बचाने के लिए जो महत्वपूर्ण कुर्बानियां दी है।
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इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों ने कर्बला में अपने को तथा अपने घर वालों को भूखे प्यासे शहादत देकर साबित कर दिया कि सच्चाई को कोई झुका नहीं सकता।
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