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स्कूल चलो रैली में गश खाकर गिरा छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 27 Apr 2016 10:36 PM IST
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साइकिल रैली
- फोटो : Amar Ujala
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जिले के उच्चाधिकारियों की संवेदनहीनता बुधवार को सर्व शिक्षा अभियान की रैली में तार-तार दिखी। जिम्मेदार तय कार्यक्रम से करीब आधे घंटे देर से पहुंचे। इस बीच तीखी धूप में खड़े मासूम छटपटाते रहे। एक छात्र तो मौके पर ही गश खाकर गिर पड़ा। उसकी हालत पूछने की बजाए अफसर मुंह फेर कर आगे बढ़ गए।
मुख्य सचिव के निर्देशानुसार बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से सर्व शिक्षा अभियान की जिला स्तरीय रैली निकाली जानी थी। रैली सुबह साढ़े नौ बजे रवाना होनी थी, मगर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों से बच्चे सुबह 8 बजे ही बुला लिए गए थे।
दूर-दराज से आए बच्चों को रेस्ट हाउस परिसर में ही कतारबद्ध कर खड़ा करा दिया गया था। तीखी धूप में खड़े होकर बच्चे रैली शुरू होने की बाट जोहते रहे। शिक्षक पेड़ की छाया में दुबक गए या फिर रेस्ट हाउस के अंदर कमरों में जाकर आराम फरमाने लगे।
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उधर, बच्चे धूप में तब तक खड़े रहे, जब तक डीएम नहीं पहुंचे। इस बीच कतार में खड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोगिया के कक्षा-6 का छात्र ओम गश खाकर गिर पड़ा। आनन-फानन में शिक्षक उसे पेड़ की छाया में ले गए।
कुछ देर बाद करीब 10.55 पर पहुंचे डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय को उस रास्ते से पैदल जाते हुए उपस्थित लोगों ने छात्र की ओर इशारा करते हुए स्थिति बताई, मगर पास जाकर कोई संवेदना जताने की बताए वह मुंह फेर कर आगे बढ़ गए। डीएम के रवैए से शिक्षक व अभिभावकों में खासी नाराजगी है।
शिक्षकों का कहना था कि अफसर दूसरों को तो समय का पाबंद और संवेदनशील बनने के निर्देश देते रहते हैं, मगर खुद पालन कर नजीर क्यों नहीं पेश करते। तीखी धूप में खड़े मासूमों के प्रति उनकी संवेदना कहां चली गई थी।
इस धूप को जब बड़े लोग सहन नहीं कर पा रहे तो मासूम बच्चे कैसे सहन करेंगे। इस संबंध में बीएसए अजय कुमार सिंह ने कहा कि रैली के तुरंत बाद वह गोरखपुर के लिए निकल गए थे। आने के बाद मामले की जानकारी लेंगे।
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मुख्य सचिव के निर्देशानुसार बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से सर्व शिक्षा अभियान की जिला स्तरीय रैली निकाली जानी थी। रैली सुबह साढ़े नौ बजे रवाना होनी थी, मगर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों से बच्चे सुबह 8 बजे ही बुला लिए गए थे।
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दूर-दराज से आए बच्चों को रेस्ट हाउस परिसर में ही कतारबद्ध कर खड़ा करा दिया गया था। तीखी धूप में खड़े होकर बच्चे रैली शुरू होने की बाट जोहते रहे। शिक्षक पेड़ की छाया में दुबक गए या फिर रेस्ट हाउस के अंदर कमरों में जाकर आराम फरमाने लगे।
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उधर, बच्चे धूप में तब तक खड़े रहे, जब तक डीएम नहीं पहुंचे। इस बीच कतार में खड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोगिया के कक्षा-6 का छात्र ओम गश खाकर गिर पड़ा। आनन-फानन में शिक्षक उसे पेड़ की छाया में ले गए।
कुछ देर बाद करीब 10.55 पर पहुंचे डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय को उस रास्ते से पैदल जाते हुए उपस्थित लोगों ने छात्र की ओर इशारा करते हुए स्थिति बताई, मगर पास जाकर कोई संवेदना जताने की बताए वह मुंह फेर कर आगे बढ़ गए। डीएम के रवैए से शिक्षक व अभिभावकों में खासी नाराजगी है।
शिक्षकों का कहना था कि अफसर दूसरों को तो समय का पाबंद और संवेदनशील बनने के निर्देश देते रहते हैं, मगर खुद पालन कर नजीर क्यों नहीं पेश करते। तीखी धूप में खड़े मासूमों के प्रति उनकी संवेदना कहां चली गई थी।
इस धूप को जब बड़े लोग सहन नहीं कर पा रहे तो मासूम बच्चे कैसे सहन करेंगे। इस संबंध में बीएसए अजय कुमार सिंह ने कहा कि रैली के तुरंत बाद वह गोरखपुर के लिए निकल गए थे। आने के बाद मामले की जानकारी लेंगे।