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Siddharthnagar News: चौड़ी होगी सड़क, नेपाल जाना होगा आसान
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शहर के उसका मार्ग पर उड़ रही धूल से होकर आवागमन करते वाहन चाकल। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बॉर्डर इलाके में विकास की गति रफ्तार भरने लगी है। बढ़नी में जहां फ्लाईओवर और शोहरतगढ़ क्षेत्र में तीन बाईपास से आवागमन सुगम बनाने के लिए काम शुरु हुआ है।
वहीं, बाॅर्डर की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। 28 करोड़ की लागत से हाईवे से शोहरतगढ़-बढ़नी एनएच के हलौरा-धनौरा टोला प्लाजा से बॉर्डर को जोड़ने वाली सड़क सात मीटर चौड़ी होगी। मौजूदा समय में यह सड़क तीन मीटर चौड़ी है। 3.920 लंबी सड़क में 900 मीटर सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण होगा।
सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने और भारत-नेपाल के बीच संपर्क को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शोहरतगढ़-बढ़नी हाईवे के हलौरा-धनौरा टोला प्लाजा से निकलने वाली सड़क को अब तीन मीटर के बजाय सात मीटर चौड़ा किया जाएगा, जो सीधे बढ़नी बॉर्डर को जोड़ेगी।
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इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही इसके लिए करीब 28 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। सड़क के चौड़ीकरण से न सिर्फ स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमापार आवाजाही भी सुरक्षित और सुगम होगी। सड़क निर्माण के दौरान मार्ग में आने वाले अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा, ताकि तय मानकों के अनुसार कार्य पूरा किया जा सके।
सात मीटर चौड़ी यह सड़क बढ़नी बॉर्डर को जोड़ने वाली अब तक की सबसे चौड़ी सड़कों में शामिल होगी, जिससे भविष्य में भारी वाहनों के नेपाल आने–जाने का विकल्प भी खुलेगा।
भविष्य में लोड बढ़ने और सड़क के नेपाल से पूरी तरह ओपन होने के बाद व्यापार, पर्यटन और परिवहन को नई गति मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार विकास का मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे भारत-नेपाल के रिश्तों को भी नई मजबूती मिलेगी। बढ़नी ब्लाॅक के धनौरा मुस्तकहम नेपाल सीमा तक नई सड़क के निर्माण लगभग 28 करोड़ से चार किमी लंबी यह सड़क एनएच पर स्थित टोल प्लाजा के पूरब से धनौरा एसएसबी कैम्प होते हुए नेपाल सीमा तक जाएगी।
विधायक विनय वर्मा के प्रस्ताव पर बढ़नी ब्लाॅक के धनौरा मुस्तकहम, जुगडिहवा, अर्री, कपसिहवा, झरुआ, धंधरा समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों को एनएच से नेपाल सीमा तक आवागमन में सुविधा के लिए 3.920 किमी लंबी सड़क को बनने के लिए शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। यह सड़क 2804.01 लाख रुपये से सात मीटर चौड़ी बनेगी।
इसमें लगभग 900 मीटर सड़क के लिए पीडब्ल्यूडी किसानों की भूमि का अधिग्रहण भी करेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एनएच पर मौजूद टोल प्लाजा के पूरब जो सड़क एनएच से जुगडिहवा होते हुए एसएसबी कैंप धनौरा तक जाती है, उसी सड़क को चौड़ीकरण करते हुए यह नई सड़क 600 मीटर राप्ती मुख्य नहर की पटरी पर बनेगी।
इसके बाद लगभग 900 मीटर बाईपास बनेगा और इसके बाद धनौरा मुस्तकहम गांव के पूरब से नेपाल सीमा तक जाने वाली सड़क का भी चौड़ीकरण होगा। इस सड़क के बनने से क्षेत्रीय लोगों में हर्ष का माहौल है।
बाईपास का निर्माण शुरू: शोहरतगढ़ और परसा रेलवे स्टेशन से पहले क्राॅसिंग पर होने वाले जाम से निजात के लिए यहां बड़े बाईपास का निर्माण शुरू हुआ है। शोहरतगढ़ में कस्बे से पहले रेलवे के ऊपर पुल के लिए काम शुरू हुआ है। वहीं, परसा रेलवे स्टेशन के पास क्राॅसिंग के पास निर्माण कार्य शुरू हुआ है। नेपाल बाॅर्डर से लगे इसके इलाके में न सिर्फ आवागमन सुगम होगा। बल्कि सीमावर्ती इलाके की आने वाले दिनों में तस्वीर बदल जाएगी। जब यह परियोजनाएं अस्तित्व में आएगी तो महानगरों की तर्ज पर नजर आएगा और कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
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सिद्धार्थनगर। बॉर्डर इलाके में विकास की गति रफ्तार भरने लगी है। बढ़नी में जहां फ्लाईओवर और शोहरतगढ़ क्षेत्र में तीन बाईपास से आवागमन सुगम बनाने के लिए काम शुरु हुआ है।
वहीं, बाॅर्डर की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। 28 करोड़ की लागत से हाईवे से शोहरतगढ़-बढ़नी एनएच के हलौरा-धनौरा टोला प्लाजा से बॉर्डर को जोड़ने वाली सड़क सात मीटर चौड़ी होगी। मौजूदा समय में यह सड़क तीन मीटर चौड़ी है। 3.920 लंबी सड़क में 900 मीटर सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण होगा।
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सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने और भारत-नेपाल के बीच संपर्क को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शोहरतगढ़-बढ़नी हाईवे के हलौरा-धनौरा टोला प्लाजा से निकलने वाली सड़क को अब तीन मीटर के बजाय सात मीटर चौड़ा किया जाएगा, जो सीधे बढ़नी बॉर्डर को जोड़ेगी।
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इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही इसके लिए करीब 28 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। सड़क के चौड़ीकरण से न सिर्फ स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमापार आवाजाही भी सुरक्षित और सुगम होगी। सड़क निर्माण के दौरान मार्ग में आने वाले अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा, ताकि तय मानकों के अनुसार कार्य पूरा किया जा सके।
सात मीटर चौड़ी यह सड़क बढ़नी बॉर्डर को जोड़ने वाली अब तक की सबसे चौड़ी सड़कों में शामिल होगी, जिससे भविष्य में भारी वाहनों के नेपाल आने–जाने का विकल्प भी खुलेगा।
भविष्य में लोड बढ़ने और सड़क के नेपाल से पूरी तरह ओपन होने के बाद व्यापार, पर्यटन और परिवहन को नई गति मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार विकास का मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे भारत-नेपाल के रिश्तों को भी नई मजबूती मिलेगी। बढ़नी ब्लाॅक के धनौरा मुस्तकहम नेपाल सीमा तक नई सड़क के निर्माण लगभग 28 करोड़ से चार किमी लंबी यह सड़क एनएच पर स्थित टोल प्लाजा के पूरब से धनौरा एसएसबी कैम्प होते हुए नेपाल सीमा तक जाएगी।
विधायक विनय वर्मा के प्रस्ताव पर बढ़नी ब्लाॅक के धनौरा मुस्तकहम, जुगडिहवा, अर्री, कपसिहवा, झरुआ, धंधरा समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों को एनएच से नेपाल सीमा तक आवागमन में सुविधा के लिए 3.920 किमी लंबी सड़क को बनने के लिए शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। यह सड़क 2804.01 लाख रुपये से सात मीटर चौड़ी बनेगी।
इसमें लगभग 900 मीटर सड़क के लिए पीडब्ल्यूडी किसानों की भूमि का अधिग्रहण भी करेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एनएच पर मौजूद टोल प्लाजा के पूरब जो सड़क एनएच से जुगडिहवा होते हुए एसएसबी कैंप धनौरा तक जाती है, उसी सड़क को चौड़ीकरण करते हुए यह नई सड़क 600 मीटर राप्ती मुख्य नहर की पटरी पर बनेगी।
इसके बाद लगभग 900 मीटर बाईपास बनेगा और इसके बाद धनौरा मुस्तकहम गांव के पूरब से नेपाल सीमा तक जाने वाली सड़क का भी चौड़ीकरण होगा। इस सड़क के बनने से क्षेत्रीय लोगों में हर्ष का माहौल है।
बाईपास का निर्माण शुरू: शोहरतगढ़ और परसा रेलवे स्टेशन से पहले क्राॅसिंग पर होने वाले जाम से निजात के लिए यहां बड़े बाईपास का निर्माण शुरू हुआ है। शोहरतगढ़ में कस्बे से पहले रेलवे के ऊपर पुल के लिए काम शुरू हुआ है। वहीं, परसा रेलवे स्टेशन के पास क्राॅसिंग के पास निर्माण कार्य शुरू हुआ है। नेपाल बाॅर्डर से लगे इसके इलाके में न सिर्फ आवागमन सुगम होगा। बल्कि सीमावर्ती इलाके की आने वाले दिनों में तस्वीर बदल जाएगी। जब यह परियोजनाएं अस्तित्व में आएगी तो महानगरों की तर्ज पर नजर आएगा और कनेक्टिविटी बढ़ेगी।