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Siddharthnagar News: सोहर और मंगलगीतों से राममय हुआ पंडाल
Tue, 25 Jun 2024 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 25 Jun 2024 01:55 AM IST
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श्रीराम जन्म की कथा में उमड़ी श्रोताओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा में रविवार को कथा वाचक पं. राकेश शास्त्री ने श्रीराम जन्म की कथा का रसपान कराया। इस दौरान महिलाओं की ओर से गए सोहर व मंगलगीतों से पूरा पंडाल राम मय हो गया।
कथा को आगे बढ़ाते हुए पं. राकेश शास्त्री ने कहा कि राजा दशरथ को पुत्र प्राप्त नहीं हो रहे थे। राजा दशरथ को गुरु वशिष्ठ ने शृंगी ऋषि से अश्वमेध यज्ञ करने की सलाह दी। दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की लिए शृंगी ऋषि से यज्ञ करवाया। अश्वमेध यज्ञ में महान विद्वान और ऋषि मुनि शामिल हुए। अश्वमेध यज्ञ प्रारंभ हुआ। यज्ञ के दौरान एक तेजस्वी आकृति उत्पन्न हुई। उस आकृति ने देवताओं की तरफ से एक बर्तन दिया। उस बर्तन में खीर थी।
राजा दशरथ ने इस खीर को अपनी तीनों रानियों को खिला दिया। इसके पश्चात चैत्र माह की रामनवमी को तीनों रानियों ने पुत्र को जन्म दिया। कौशल्या ने राम को, कैकेयी ने भरत को और सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया था। कथा के दौरान उपस्थित महिलाओं के द्वारा गाए गए सोहर व मंगलगीतों से पूरा पंडाल राम मय हो गया। इस दौरान गोलू, राकेश, शुभम शास्त्री, प्रेम प्रकाश, शिवा, अजय चौधरी, मुकेश, गिरजेश, लालजी, अनिल, रघुराज, बलराम, मयाराम आदि मौजूद रहे।
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भनवापुर। क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा में रविवार को कथा वाचक पं. राकेश शास्त्री ने श्रीराम जन्म की कथा का रसपान कराया। इस दौरान महिलाओं की ओर से गए सोहर व मंगलगीतों से पूरा पंडाल राम मय हो गया।
कथा को आगे बढ़ाते हुए पं. राकेश शास्त्री ने कहा कि राजा दशरथ को पुत्र प्राप्त नहीं हो रहे थे। राजा दशरथ को गुरु वशिष्ठ ने शृंगी ऋषि से अश्वमेध यज्ञ करने की सलाह दी। दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की लिए शृंगी ऋषि से यज्ञ करवाया। अश्वमेध यज्ञ में महान विद्वान और ऋषि मुनि शामिल हुए। अश्वमेध यज्ञ प्रारंभ हुआ। यज्ञ के दौरान एक तेजस्वी आकृति उत्पन्न हुई। उस आकृति ने देवताओं की तरफ से एक बर्तन दिया। उस बर्तन में खीर थी।
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राजा दशरथ ने इस खीर को अपनी तीनों रानियों को खिला दिया। इसके पश्चात चैत्र माह की रामनवमी को तीनों रानियों ने पुत्र को जन्म दिया। कौशल्या ने राम को, कैकेयी ने भरत को और सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया था। कथा के दौरान उपस्थित महिलाओं के द्वारा गाए गए सोहर व मंगलगीतों से पूरा पंडाल राम मय हो गया। इस दौरान गोलू, राकेश, शुभम शास्त्री, प्रेम प्रकाश, शिवा, अजय चौधरी, मुकेश, गिरजेश, लालजी, अनिल, रघुराज, बलराम, मयाराम आदि मौजूद रहे।
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