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Siddharthnagar News: प्रदूषण की परत में सांस लेने में गले से नाक तक बढ़ा रहा संक्रमण
Sun, 26 Nov 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 26 Nov 2023 12:05 AM IST
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नाक में खुजली और गले में जकड़न कर रहा है परेशान
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के मरीजों की बड़ी संख्या
सिद्धार्थनगर। अगर नाक में खुजली हो रही है और गले में जकड़न और खरास से परेशान हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि बढ़ते हुए प्रदूषण और धूल गुबार और पराली से उठने वाले धुएं से हो यह परेशानी हो रही है। ऐसा चिकित्सकों का कहना है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की रोगियों की संख्या बढ़ी है।
मौसम में बदलाव और लगातार लुढ़क रहे पारा से लोग मौसम से जुड़ी बीमारी के शिकार हो रहे थे। कोहरा, धूल, गुबार और पराली जलाने से उठने वाले धुएं से भी परेशानी हो रही है। वायुमंडल में बनी धुल गुबार की परत नाक और मुंह के रास्त गले तक पहुंच रहा है। जिससे लगे में खरास, जकड़न और बार-बार छींक आने से लोग परेशान हैं। कई दिन परेशान होने के बाद लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास ऐसे १०-१५ मरीज रोज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को चिकित्सक के पास पहुंचे रामनरेश ने कहा कि चार दिन से लगातार छींक आ रही है। नेजल ड्राप डालने के बाद भी समस्या बनी हुई है। इसी प्रकार की समस्या से ग्रसित पिंकू जायसवाल ने कहा कि लग रहा है कि गले में कुछ चिपक सा गया है। खांसने पर बाहर नहीं आ रहा है। खांसने पर दर्द हो रहा है। चिकित्सक डॉ. संजय शर्मा ने उन्हें एलर्जी की दवा दी। साथ ही मास्क लगाकर निकलने की सलाह दी। इसी प्रकार अन्य मरीजों में समस्या दिखी।
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ठंड के मौसम में सर्दी, जुकाम से लोग ग्रसित होते हैं। इसमें धूल के गुबार और धुएं से नाक और मुंह के रास्ते गले में चिपक जाता है। जिससे दर्द होता है, छींक आती है। कभी कभी यह समस्या काफी दिनों तक रहती है। लेकिन मरीज समझ नहीं पाता है। अगर ऐसी दिक्कत हो रही है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। दवा से ठीक होता है। मास्क लगाकर ही घर से निकले। जहां निर्माण हो रहा हो वहां से कम जाएं।
-डॉ. संजय कुमार शर्मा, नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के मरीजों की बड़ी संख्या
सिद्धार्थनगर। अगर नाक में खुजली हो रही है और गले में जकड़न और खरास से परेशान हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि बढ़ते हुए प्रदूषण और धूल गुबार और पराली से उठने वाले धुएं से हो यह परेशानी हो रही है। ऐसा चिकित्सकों का कहना है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की रोगियों की संख्या बढ़ी है।
मौसम में बदलाव और लगातार लुढ़क रहे पारा से लोग मौसम से जुड़ी बीमारी के शिकार हो रहे थे। कोहरा, धूल, गुबार और पराली जलाने से उठने वाले धुएं से भी परेशानी हो रही है। वायुमंडल में बनी धुल गुबार की परत नाक और मुंह के रास्त गले तक पहुंच रहा है। जिससे लगे में खरास, जकड़न और बार-बार छींक आने से लोग परेशान हैं। कई दिन परेशान होने के बाद लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास ऐसे १०-१५ मरीज रोज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को चिकित्सक के पास पहुंचे रामनरेश ने कहा कि चार दिन से लगातार छींक आ रही है। नेजल ड्राप डालने के बाद भी समस्या बनी हुई है। इसी प्रकार की समस्या से ग्रसित पिंकू जायसवाल ने कहा कि लग रहा है कि गले में कुछ चिपक सा गया है। खांसने पर बाहर नहीं आ रहा है। खांसने पर दर्द हो रहा है। चिकित्सक डॉ. संजय शर्मा ने उन्हें एलर्जी की दवा दी। साथ ही मास्क लगाकर निकलने की सलाह दी। इसी प्रकार अन्य मरीजों में समस्या दिखी।
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ठंड के मौसम में सर्दी, जुकाम से लोग ग्रसित होते हैं। इसमें धूल के गुबार और धुएं से नाक और मुंह के रास्ते गले में चिपक जाता है। जिससे दर्द होता है, छींक आती है। कभी कभी यह समस्या काफी दिनों तक रहती है। लेकिन मरीज समझ नहीं पाता है। अगर ऐसी दिक्कत हो रही है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। दवा से ठीक होता है। मास्क लगाकर ही घर से निकले। जहां निर्माण हो रहा हो वहां से कम जाएं।
-डॉ. संजय कुमार शर्मा, नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ