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बूंदाबांदी ने बढ़ा दी ठिठुरन
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:40 PM IST
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मंगलवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर बाद कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। मौसम के इस बदले रुख ने ठिठुरन बढ़ा दी।हालत यह रही कि दिनभर सूर्य देव के दर्शन को लोग तरसते रहे।
हालत यह रही कि मंगलवार को अधिकतम तापमान छह डिग्री तक लुढ़क गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड रिकार्ड किया गया था, जो मंगलवार को 17 डिग्री पर पहुंच गया।
हालांकि न्यूनतम तापमान में वृद्धि भी दर्ज की गई। नौ डिग्री की अपेक्षा मंगलवार को 12 डिग्री का तापमान रहा। वातावरण में 70 प्रतिशत तक नमी दर्ज की गई, जबकि हवाओं की रफ्तार पांच किमी प्रति घंटा थी।
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फसलों को राहत की बारिश का इंतजार: लुढ़कते तापमान से आम लोगों को भले ही आफत नजर आ रही हो, मगर किसानों की उम्मीदें जिंदा होने लगी हैं।
हालांकि फसलों को बचाने के लिए अभी भी राहत की बारिश की दरकार है। कृषि अधिकारी एसएन चौधरी के मुताबिक रबी फसलों के लिए अब बारिश की नितांत जरूरत है।
पहले ही तापमान अधिक होने से फसलों की वृद्धि प्रभावित हो चुकी है। अब ऐेसे में बारिश की बूंदे ही फसलों को राहत दे सकती हैं।
डुमरियागंज के परमात्मा प्रसाद, नौरंगीलाल, डॉ. राजेश गुप्ता, सीताराम पांडेय आदि ने बताया कि बारिश के साथ कोहरे की भी समस्या बढ़ी है।
मौसम खराब होने के कारण लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से निकल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गलन भरी ठंड में कहीं पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई।
तहसील क्षेत्र के रेहरा, बनगवां, अगया, बहेरिया, परसपुर, तिलगडिय़ा, सिकहरा, कोहड़ा, जखौली, अरनी, कादिराबाद आदि गांवों में अलाव जलाने की व्यवस्था नदारद है।
लोगों ने तहसील प्रशासन से ग्रामीण चौराहों पर अलाव जलवाने की मांग की है। इस संबंध में डुमरियागंज तहसीलदार शंभूशरण श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश होने से ठंड बढ़ी है। हलका लेखपालों को उनके क्षेत्रीय चौराहों पर अलाव जलवाने का निर्देश दिया जाएगा।
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हालत यह रही कि मंगलवार को अधिकतम तापमान छह डिग्री तक लुढ़क गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड रिकार्ड किया गया था, जो मंगलवार को 17 डिग्री पर पहुंच गया।
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हालांकि न्यूनतम तापमान में वृद्धि भी दर्ज की गई। नौ डिग्री की अपेक्षा मंगलवार को 12 डिग्री का तापमान रहा। वातावरण में 70 प्रतिशत तक नमी दर्ज की गई, जबकि हवाओं की रफ्तार पांच किमी प्रति घंटा थी।
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फसलों को राहत की बारिश का इंतजार: लुढ़कते तापमान से आम लोगों को भले ही आफत नजर आ रही हो, मगर किसानों की उम्मीदें जिंदा होने लगी हैं।
हालांकि फसलों को बचाने के लिए अभी भी राहत की बारिश की दरकार है। कृषि अधिकारी एसएन चौधरी के मुताबिक रबी फसलों के लिए अब बारिश की नितांत जरूरत है।
पहले ही तापमान अधिक होने से फसलों की वृद्धि प्रभावित हो चुकी है। अब ऐेसे में बारिश की बूंदे ही फसलों को राहत दे सकती हैं।
डुमरियागंज के परमात्मा प्रसाद, नौरंगीलाल, डॉ. राजेश गुप्ता, सीताराम पांडेय आदि ने बताया कि बारिश के साथ कोहरे की भी समस्या बढ़ी है।
मौसम खराब होने के कारण लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से निकल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गलन भरी ठंड में कहीं पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई।
तहसील क्षेत्र के रेहरा, बनगवां, अगया, बहेरिया, परसपुर, तिलगडिय़ा, सिकहरा, कोहड़ा, जखौली, अरनी, कादिराबाद आदि गांवों में अलाव जलाने की व्यवस्था नदारद है।
लोगों ने तहसील प्रशासन से ग्रामीण चौराहों पर अलाव जलवाने की मांग की है। इस संबंध में डुमरियागंज तहसीलदार शंभूशरण श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश होने से ठंड बढ़ी है। हलका लेखपालों को उनके क्षेत्रीय चौराहों पर अलाव जलवाने का निर्देश दिया जाएगा।