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किसानों ने सड़क जाम किया
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:24 PM IST
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समय तय होने के बावजूद किसानों की समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन लेने न पहुंचने से क्षुब्ध भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के सामने सड़क जाम कर दिया।
नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग को जाम कर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। करीब 20 मिनट तक प्रदर्शन जारी रहा। मौके पर पहुंचे सदर एसओ ने वार्ता कर रास्ता खुलवाया। एसडीएम के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार ने उपस्थित होकर किसानों का ज्ञापन लिया। किसान यूनियन ने एसडीएम के रवैए पर रोष जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
राशन कार्ड की ऑनलाइन फिडिंग के बाद भी नए राशन कार्ड न बनाए जाने, मनरेगा मजदूरों का श्रम विभाग से कार्ड न मिलने, सफाई कर्मचारियों की मनमानी, परीक्षा की तैयारी व सिंचाई कार्य के लिए बिजली की दुर्व्यवस्था दूर कराने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान यूनियन ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में मासिक पंचायत लगाई थी।
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पंचायत में तय हुए सात बिंदुओं का ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा जाना था। इसके लिए दोपहर दो बजे का समय नियत किया गया था। किसानों का कहना है कि तय समय पर ज्ञापन देने पहुंचे तो उन्हें अनदेखा कर एसडीएम कहीं और चले गए। इससे क्षुब्ध कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट से बाहर आए और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
आवागमन बाधित कर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एसडीएम की मनमानी से ही तहसील क्षेत्र की व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। कोटेदार मनमानी पर उतारु हैं। गरीब कार्डधारकों का उत्पीड़न कर खाद्यान्न की कालाबाजारी हो रही है।
किसानों से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। ज्ञापन लेने के लिए उपस्थित न होने के रुख से भी यह स्पष्ट हो रहा है कि किसानों की समस्याओं में अफसरों की कोई रुचि नहीं है। दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए जाम से मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया।
मौके पर पहुंचे सदर एसओ शिवाकांत मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अपनी समस्याओं के लिए आम लोगों का रास्ता बंद न करने का हवाला देते हुए जाम हटाने को कहा। एसडीएम से वार्ता कराई। ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम ने सदर तहसीलदार को मौके पर भेजा। इसके बाद जाम समाप्त हुआ।
यूनियन के जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि एसडीएम का रवैया किसान विरोधी है। जिलाधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं करते तो 15 दिनों बाद यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ेगा।
प्रदर्शन में बुद्धजीवी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी, समसुज्जहां, पंकज वर्मा, अनिल राव, निराला मौर्य, संतराम राव, डॉ. शिवप्रसाद चतुर्वेदी, रमेश चंद्र पाल, नंदराम यादव, विशंभर गोड़, बाबूराम, इंद्रदेव, रामललित, गीता देवी, एसके सिंह, जनार्दन प्रसाद मौर्य, रामप्रकाश श्रीवास्तव, संतराम गुप्ता आदि शामिल रहे।
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नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग को जाम कर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। करीब 20 मिनट तक प्रदर्शन जारी रहा। मौके पर पहुंचे सदर एसओ ने वार्ता कर रास्ता खुलवाया। एसडीएम के प्रतिनिधि के रूप में तहसीलदार ने उपस्थित होकर किसानों का ज्ञापन लिया। किसान यूनियन ने एसडीएम के रवैए पर रोष जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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राशन कार्ड की ऑनलाइन फिडिंग के बाद भी नए राशन कार्ड न बनाए जाने, मनरेगा मजदूरों का श्रम विभाग से कार्ड न मिलने, सफाई कर्मचारियों की मनमानी, परीक्षा की तैयारी व सिंचाई कार्य के लिए बिजली की दुर्व्यवस्था दूर कराने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान यूनियन ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में मासिक पंचायत लगाई थी।
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पंचायत में तय हुए सात बिंदुओं का ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा जाना था। इसके लिए दोपहर दो बजे का समय नियत किया गया था। किसानों का कहना है कि तय समय पर ज्ञापन देने पहुंचे तो उन्हें अनदेखा कर एसडीएम कहीं और चले गए। इससे क्षुब्ध कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट से बाहर आए और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
आवागमन बाधित कर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एसडीएम की मनमानी से ही तहसील क्षेत्र की व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। कोटेदार मनमानी पर उतारु हैं। गरीब कार्डधारकों का उत्पीड़न कर खाद्यान्न की कालाबाजारी हो रही है।
किसानों से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। ज्ञापन लेने के लिए उपस्थित न होने के रुख से भी यह स्पष्ट हो रहा है कि किसानों की समस्याओं में अफसरों की कोई रुचि नहीं है। दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए जाम से मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया।
मौके पर पहुंचे सदर एसओ शिवाकांत मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अपनी समस्याओं के लिए आम लोगों का रास्ता बंद न करने का हवाला देते हुए जाम हटाने को कहा। एसडीएम से वार्ता कराई। ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम ने सदर तहसीलदार को मौके पर भेजा। इसके बाद जाम समाप्त हुआ।
यूनियन के जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि एसडीएम का रवैया किसान विरोधी है। जिलाधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं करते तो 15 दिनों बाद यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ेगा।
प्रदर्शन में बुद्धजीवी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी, समसुज्जहां, पंकज वर्मा, अनिल राव, निराला मौर्य, संतराम राव, डॉ. शिवप्रसाद चतुर्वेदी, रमेश चंद्र पाल, नंदराम यादव, विशंभर गोड़, बाबूराम, इंद्रदेव, रामललित, गीता देवी, एसके सिंह, जनार्दन प्रसाद मौर्य, रामप्रकाश श्रीवास्तव, संतराम गुप्ता आदि शामिल रहे।