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सुरक्षाकर्मियों से हर चार घंटे पर पूछा जा रहा सदस्यों का हाल
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हर चार घंटे पर पूछा जा रहा सदस्यों का हाल
32 जिला पंचायत सदस्यों को मिली है सुरक्षा, 13 ने लौटाया गनर
जिला पंचायत के सभी 45 सदस्यों की सुरक्षा के लिए सतर्क हुई पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनावी सरगर्मी के बीच एक जिला पंचायत सदस्य के लापता होने के आरोप के बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर सदस्यों की निगरानी तेज कर दी है। पुलिस के चुनाव कार्यालय से सदस्यों की सुरक्षा में लगे कर्मियों से प्रत्येक चार घंटे में सदस्यों के सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
सपा के एक जिला पंचायत सदस्य के लापता किए जाने के आरोप के बाद पुलिस ने सभी सदस्यों पर निगरानी तेज कर दी है। वैसे जिले में वर्ष 2010 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक प्रत्याशी के समर्थक के दिन-दहाड़े अपहरण की हुई घटना के अलावा दूसरी घटना नहीं हुई है। वर्तमान में अध्यक्ष पद के चुनावी रस्साकसी के बीच सदस्यों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। ऐसे में पुलिस सभी सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क हो गई है। इनमें वह 13 सदस्य भी शामिल हैं जिन्होंने स्वेच्छा से प्रशासन को लिखित देकर सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया है। जिला पंचायत के सभी 45 में 32 सदस्यों ने सुरक्षा के लिए गनर साथ रखने की सहमति दी है। जिसके बाद उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है। सुरक्षा के लिए सदस्यों के साथ लगाए गए सुरक्षाकर्मियों से पुलिस के चुनाव कार्यालय से लगातार संपर्क बना हुआ है। चुनाव कार्यालय में तैनात कर्मी सदस्यों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी कर उच्चाधिकारी को रिपोर्ट कर रहे हैं। एएसपी सुरेश चंद्र रावत का कहना है कि पुलिस सभी सदस्यों के सुरक्षा के प्रति सतर्क है। सुरक्षाकर्मी सदस्यों की सुरक्षा के लिए लगाए गए है। सदस्य स्वेच्छा से कहीं भी जा सकते है। किसी के साथ जोर जबर्दस्ती नहीं हो सकेगी।
अनिल ने की भाई से बात
अचानक लापता होने के मामले में चर्चा में आए वार्ड नंबर 30 के जिला पंचायत सदस्य अनिल कन्नौजिया ने बुधवार सुबह 9.30 बजे अपने भाई सुनील से बात की। सुनील ने बताया कि अनिल ने दूसरे नंबर से उनसे बात की और बोले कि वे सुरक्षित हैं, उनका अपहरण नहीं हुआ है। परिवार के लोगों को समझा देना कि उनकी चिंता न करें। मतदान के दिन आएंगे। सुनील ने बताया कि वे कहां हैं? यह सवाल पूछने से पहले ही फोन कट गया। इस फोन कॉल से परिवार के लोगों को बहुत तसल्ली मिली है। उनकी आवाज में कोई घबराहट नहीं थी। बातचीत का लहजा सहज था। भाई से बात हो गई इसलिए उन्होंने किसी थाने में शिकायत नहीं की है। हालांकि अनिल कन्नौजिया के फेसबुक पोस्ट में अपहरण नहीं होने की बात कही है।
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32 जिला पंचायत सदस्यों को मिली है सुरक्षा, 13 ने लौटाया गनर
जिला पंचायत के सभी 45 सदस्यों की सुरक्षा के लिए सतर्क हुई पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनावी सरगर्मी के बीच एक जिला पंचायत सदस्य के लापता होने के आरोप के बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर सदस्यों की निगरानी तेज कर दी है। पुलिस के चुनाव कार्यालय से सदस्यों की सुरक्षा में लगे कर्मियों से प्रत्येक चार घंटे में सदस्यों के सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
सपा के एक जिला पंचायत सदस्य के लापता किए जाने के आरोप के बाद पुलिस ने सभी सदस्यों पर निगरानी तेज कर दी है। वैसे जिले में वर्ष 2010 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक प्रत्याशी के समर्थक के दिन-दहाड़े अपहरण की हुई घटना के अलावा दूसरी घटना नहीं हुई है। वर्तमान में अध्यक्ष पद के चुनावी रस्साकसी के बीच सदस्यों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। ऐसे में पुलिस सभी सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क हो गई है। इनमें वह 13 सदस्य भी शामिल हैं जिन्होंने स्वेच्छा से प्रशासन को लिखित देकर सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया है। जिला पंचायत के सभी 45 में 32 सदस्यों ने सुरक्षा के लिए गनर साथ रखने की सहमति दी है। जिसके बाद उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है। सुरक्षा के लिए सदस्यों के साथ लगाए गए सुरक्षाकर्मियों से पुलिस के चुनाव कार्यालय से लगातार संपर्क बना हुआ है। चुनाव कार्यालय में तैनात कर्मी सदस्यों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी कर उच्चाधिकारी को रिपोर्ट कर रहे हैं। एएसपी सुरेश चंद्र रावत का कहना है कि पुलिस सभी सदस्यों के सुरक्षा के प्रति सतर्क है। सुरक्षाकर्मी सदस्यों की सुरक्षा के लिए लगाए गए है। सदस्य स्वेच्छा से कहीं भी जा सकते है। किसी के साथ जोर जबर्दस्ती नहीं हो सकेगी।
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अनिल ने की भाई से बात
अचानक लापता होने के मामले में चर्चा में आए वार्ड नंबर 30 के जिला पंचायत सदस्य अनिल कन्नौजिया ने बुधवार सुबह 9.30 बजे अपने भाई सुनील से बात की। सुनील ने बताया कि अनिल ने दूसरे नंबर से उनसे बात की और बोले कि वे सुरक्षित हैं, उनका अपहरण नहीं हुआ है। परिवार के लोगों को समझा देना कि उनकी चिंता न करें। मतदान के दिन आएंगे। सुनील ने बताया कि वे कहां हैं? यह सवाल पूछने से पहले ही फोन कट गया। इस फोन कॉल से परिवार के लोगों को बहुत तसल्ली मिली है। उनकी आवाज में कोई घबराहट नहीं थी। बातचीत का लहजा सहज था। भाई से बात हो गई इसलिए उन्होंने किसी थाने में शिकायत नहीं की है। हालांकि अनिल कन्नौजिया के फेसबुक पोस्ट में अपहरण नहीं होने की बात कही है।
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