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Siddharthnagar News: रहें होशियार..आलू पर चढ़ाया मुनाफे का रंग, नहीं चेते तो सेहत करेगी तंग
Mon, 25 Sep 2023 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 25 Sep 2023 01:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। मंडी से आलू खरीदते है तो थोड़ा सावधान रहे। कटे-पिटे और खराब बे-स्वाद हो चुके आलू पर अब धंधेबाजों ने मुनाफे का रंग चढ़ा दिया है। गेरुआ रंग चढ़ा यह आलू दिखने में भले अच्छे लगें, मगर सेहत के लिए काफी खतरनाक हैं।
आलू की नई फसल तैयार होने वाली है। जल्द ही नया आलू बाजार में आने लगेगा। ऐसे में अब खराब हो रहे कटे, खुरदुरे और हरे पड़ चुके आलू को बाजार में तेजी से खपाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नवीन मंडी में हर दिन फरुखाबाद, कानपुर, आगरा व शाहजहांपुर से 30 से 50 टन रंगे हुए आलू की आवक हो रही है। सस्ते की वजह से आढ़ती और थोक कारोबारी मुनाफा भी ज्यादा कमा रहे हैं।
रविवार को नवीन मंडी के आलू-प्याज मंडी में रंगे हुए आलू को लेकर पड़ताल की गई तो ज्यादातर दुकानों पर खुलेआम रंगे हुए आलू बिकते मिले। इन आलू को छूने पर ही लाल रंग हाथों में लग जा रहा था। वहीं, बाजार में बढ़िया आलू 16 से 18 रुपये किलो बिक रहा है। रंगे हुए आलू की कीमत 10 से 12 रुपये किलो के बीच है। चिकित्सकों का कहना है कि रासायनिक रंगों के इस्तेमाल की वजह से रंगे आलू का सेवन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
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वर्जन
मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। इस तरह के अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली, लिवर को क्षति पहुंचती है। वहीं, इससे ट्यूमर, एनीमिया होने की भी आशंका रहती है। लकवा और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
-डॉ. सीबी चौधरी, वरिष्ठ फिजिशियन
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आलू की नई फसल तैयार होने वाली है। जल्द ही नया आलू बाजार में आने लगेगा। ऐसे में अब खराब हो रहे कटे, खुरदुरे और हरे पड़ चुके आलू को बाजार में तेजी से खपाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नवीन मंडी में हर दिन फरुखाबाद, कानपुर, आगरा व शाहजहांपुर से 30 से 50 टन रंगे हुए आलू की आवक हो रही है। सस्ते की वजह से आढ़ती और थोक कारोबारी मुनाफा भी ज्यादा कमा रहे हैं।
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रविवार को नवीन मंडी के आलू-प्याज मंडी में रंगे हुए आलू को लेकर पड़ताल की गई तो ज्यादातर दुकानों पर खुलेआम रंगे हुए आलू बिकते मिले। इन आलू को छूने पर ही लाल रंग हाथों में लग जा रहा था। वहीं, बाजार में बढ़िया आलू 16 से 18 रुपये किलो बिक रहा है। रंगे हुए आलू की कीमत 10 से 12 रुपये किलो के बीच है। चिकित्सकों का कहना है कि रासायनिक रंगों के इस्तेमाल की वजह से रंगे आलू का सेवन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
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मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। इस तरह के अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली, लिवर को क्षति पहुंचती है। वहीं, इससे ट्यूमर, एनीमिया होने की भी आशंका रहती है। लकवा और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
-डॉ. सीबी चौधरी, वरिष्ठ फिजिशियन