{"_id":"603fc0588ebc3ee97b52a07c","slug":"the-appearance-of-council-schools-will-change-along-the-lines-of-convent-siddharthnagar-news-gkp3869634150","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉन्वेंट के तर्ज पर बदलेगी परिषदीय विद्यालयों की सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉन्वेंट के तर्ज पर बदलेगी परिषदीय विद्यालयों की सूरत
विज्ञापन
कॉन्वेंट की तर्ज पर बदलेगी परिषदीय विद्यालयों की सूरत
--खास खबर--
वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में कार्ययोजना बनाने में जुटा शिक्षा विभाग
पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय जैसी सुविधाएं मुकम्मल होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कॉन्वेंट की तर्ज पर बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की सूरत बदलने की कवायद तेज हो गई है। शासन का फरमान मिलने के बाद मूलभूत सुविधाओं से वंचित स्कूलों की कार्ययोजना बनाने को अमलीजामा पहनाने में विभागीय जिम्मेदार जुट गए हैं। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
परिषदीय विद्यालयों के प्रति अभिभावकों और बच्चों की सोच को बदलने के साथ ही कॉन्वेंट स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं को देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2021-22 में संसाधन विहीन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव मांगा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा की ओर से प्राप्त निर्देशों का अनुपालन करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को सप्ताह भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सभी को किसी भी विद्यालय में विभिन्न मदों में धन की आवश्यकता नहीं, संबंधित प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
इन संसाधनों पर फोकस
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष, पेयजल सुविधा (सबमर्सिबल पंप), फर्नीचर, चहारदीवारी, स्कूलों के पुनर्निर्माण, वृहद मरम्मत कार्य, विद्युतीकरण, आधुनिक सुविधायुक्त शौचालय, सोलर पैनल और आवश्यकतानुसार उच्चीकृत प्राथमिक विद्यालयों जैसे बिंदुओं पर प्रस्ताव मांगा गया है।
विज्ञापन
बनाए जाएंगे मॉडल स्कूल
जिले में एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है। एक ही परिसर में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो, विद्यालय अंग्रेजी माध्यम हो, विद्यालय परिसर में न्यूनतम 2500 वर्ग मीटर स्थल की उपलब्धता को मानक बनाया गया है।
विज्ञापन
--खास खबर--
वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में कार्ययोजना बनाने में जुटा शिक्षा विभाग
पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय जैसी सुविधाएं मुकम्मल होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कॉन्वेंट की तर्ज पर बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की सूरत बदलने की कवायद तेज हो गई है। शासन का फरमान मिलने के बाद मूलभूत सुविधाओं से वंचित स्कूलों की कार्ययोजना बनाने को अमलीजामा पहनाने में विभागीय जिम्मेदार जुट गए हैं। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
परिषदीय विद्यालयों के प्रति अभिभावकों और बच्चों की सोच को बदलने के साथ ही कॉन्वेंट स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं को देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2021-22 में संसाधन विहीन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव मांगा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा की ओर से प्राप्त निर्देशों का अनुपालन करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को सप्ताह भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सभी को किसी भी विद्यालय में विभिन्न मदों में धन की आवश्यकता नहीं, संबंधित प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
विज्ञापन
इन संसाधनों पर फोकस
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष, पेयजल सुविधा (सबमर्सिबल पंप), फर्नीचर, चहारदीवारी, स्कूलों के पुनर्निर्माण, वृहद मरम्मत कार्य, विद्युतीकरण, आधुनिक सुविधायुक्त शौचालय, सोलर पैनल और आवश्यकतानुसार उच्चीकृत प्राथमिक विद्यालयों जैसे बिंदुओं पर प्रस्ताव मांगा गया है।
विज्ञापन
बनाए जाएंगे मॉडल स्कूल
जिले में एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है। एक ही परिसर में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो, विद्यालय अंग्रेजी माध्यम हो, विद्यालय परिसर में न्यूनतम 2500 वर्ग मीटर स्थल की उपलब्धता को मानक बनाया गया है।