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फर्जी अभिलेख पर नौकरी कर रहा शिक्षक बर्खास्त
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फर्जी अभिलेख पर नौकरी कर रहा शिक्षक बर्खास्त
इटवा के बजराभारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात था अध्यापक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। फर्जी अभिलेख के आधार पर इटवा ब्लॉक के बजराभारी प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर तैनात सतीश प्रसाद को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जांच में सतीश प्रसाद के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए, जिस पर यह कार्रवाई की गई।
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज क्षेत्र के ग्राम सूती निवासी सतीश प्रसाद विशिष्ट बीटीसी के फर्जी शैक्षिक अभिलेख के आधार पर वर्ष 2009 में शिक्षक के तौर भर्ती हुआ था। उसकी पहली तैनाती इटवा ब्लॉक के इंद्री ग्रांट प्रथमिक विद्यालय पर हुई थी। इसके बाद उसका स्थानांतरण बजराभारी प्राथमिक विद्यालय पर हो गया। उसके अभिलेखों के सत्यापन के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र होने की पुष्टि हुई, जिस पर उसे नोटिस दिया गया, लेकिन उसने जवाब नही दिया। इसके बाद बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने उसकी शिक्षक पद पर नियुक्ति तिथि से ही सेवा समाप्त करने का आदेश दिया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को संबंधित थाने पर जालसाजी एवं धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज कराने की कार्रवाई का भी निर्देश दिया।
जिले में फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले 122 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं, जबकि करीब 100 शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर गलत तरीके से नौकरी हासिल करने वाले लोगों की कुंडली खंगालना तेज कर दिया है। जिले में फर्जी आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की सांस अटकी है, जबकि शिक्षा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी जांच की जा रही है।
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इटवा के बजराभारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात था अध्यापक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। फर्जी अभिलेख के आधार पर इटवा ब्लॉक के बजराभारी प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर तैनात सतीश प्रसाद को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जांच में सतीश प्रसाद के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए, जिस पर यह कार्रवाई की गई।
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज क्षेत्र के ग्राम सूती निवासी सतीश प्रसाद विशिष्ट बीटीसी के फर्जी शैक्षिक अभिलेख के आधार पर वर्ष 2009 में शिक्षक के तौर भर्ती हुआ था। उसकी पहली तैनाती इटवा ब्लॉक के इंद्री ग्रांट प्रथमिक विद्यालय पर हुई थी। इसके बाद उसका स्थानांतरण बजराभारी प्राथमिक विद्यालय पर हो गया। उसके अभिलेखों के सत्यापन के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र होने की पुष्टि हुई, जिस पर उसे नोटिस दिया गया, लेकिन उसने जवाब नही दिया। इसके बाद बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने उसकी शिक्षक पद पर नियुक्ति तिथि से ही सेवा समाप्त करने का आदेश दिया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को संबंधित थाने पर जालसाजी एवं धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज कराने की कार्रवाई का भी निर्देश दिया।
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जिले में फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले 122 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं, जबकि करीब 100 शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर गलत तरीके से नौकरी हासिल करने वाले लोगों की कुंडली खंगालना तेज कर दिया है। जिले में फर्जी आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की सांस अटकी है, जबकि शिक्षा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी जांच की जा रही है।
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