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Siddharthnagar News: नदी में छलांग लग रहे किशोर और युवा...जा रही जान

Wed, 29 May 2024 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 29 May 2024 11:56 PM IST
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Teenagers and youth are jumping into the river...they are losing their lives.
एक सप्ताह के बीच नदी में डूबने से चली गई चार किशोर की जान
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- किसी भी घाट पर नहीं है चेतावनी के बोर्ड, इसलिए जान गवां रहे किशोर

- गर्मीं से राहत पाने के लिए चुन रहे नदी का रास्ता चली जा रही जान

- अगर घर से बाहर निकले किशोर तो दे ध्यान क्योंकि नदी में नहीं है कहीं भी लगा चेतावनी का निशान

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। जिले में नदी में डूबने से मौत का सिलसिला जारी है। गर्मी से बचने के लिए युवा और किशोर छलांग लगा दे रहे हैं। गहराई का पता न होने के कारण डूबकर जान गांव दे रहे हैं। एक माह के बीच १० से अधिक किशोर और युवाओं की डूबने से मौत हो चुकी है। लेकिन हर साल होने वाली इन मौतों से कोई सबक नहीं ले रहा है। प्रशासन की ओर से मुख्य घाट जहां हमेशा नहाने वाले पहुंचते हैं, कोई अलर्ट से जुड़ा कोई बोर्ड और संकेतांक की व्यवस्था नहीं की जाती है। वहीं, मौत के बाद भी लोग बच्चों के जीवन को लेकर चिंतित नहीं हैं। अगर घर से निकलते वक्त उन पर ध्यान दें और पूछने के बाद रोक दें तो शायद वह हमेशा के लिए दूर न जाएं। जानकार डूबकर होने वाली मौत पर चिंता जाहिर कर रहे हैं और इस पर ठोस कदम उठाने की बात कर रहे हैं। जिससे युवा पीढ़ी आसमय मौत के मुंह में जाने से बच सके। हाल ही में हुई मौत से जुड़ी एक रिपोर्ट, जो आपको को हिला देगी।

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डुमरियागंज क्षेत्र के राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों के लोग गर्मी के दिनों में राहत के लिए नदी में नहाने उतर जाते हैं।नदी में कोई सुरक्षा का इंतजाम नहीं होने से हर साल करीब छह से अधिक लोगों की मौत नदी में डूबने से हो जाती। जिसे लोग एक हादसा य संयोग मान कर रह जाते हैं। इसी साल त्रिलोकपुर व डुमरियागंज थाना क्षेत्र में गर्मी के समय में छह से अधिक लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं। जिसमें अधिकतर 16 से 20 वर्ष के युवा सामिल है। अगर राप्ती नदी में नहाने के दौरान हो रहे हादसे के स्थल पर लाल झंडी, रस्सा या बैरेकेटिंग की व्यवस्था प्रशासन के द्वारा किया जाता तो हादसे की संभावना नहीं होती।
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एक नजर हाल की घटनाओं पर
केस 1

12 मई 2024 को डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पेंड़ारी मुस्तहकम गांव निवासी सिराजुद्दीन का 14 वर्षीय लड़का तौशीर गांव के दक्षिण से होकर जाने वाली राप्ती नदी में अपने दोस्तों के साथ नहाने गया था। जहां नदी में गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण गहरे पानी में चला गया और वह डूब गया। लोगों के करीब तीन घंटे मेहनत के बाद तौशीर को नदी से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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केस 2

13 मई 2024 को डुमरियागंज थाना क्षेत्र के रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव निवासी अमित गौड़ (20) गांव के दक्षिण राप्ती नदी में अपने साथियों के साथ नहाने गया था। नदी में नहाते समय अमित का पैर फिसला और वह गहराई में चला गया। साथियों के प्रयास के बाद भी नहीं बचा सके तो गांव में आ कर सूचना दी। जबतक लोग पहुंचते तबतक अमित की सांसे थम चुकी थी।

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केस 3

13 मई 2024 को डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पिकौरा गांव निवासी शिवराज निषाद का 15 वर्षीय बेटा अभिषेक निषाद घर के सौ मीटर की दूरी से होकर जाने वाली राप्ती नदी में नहाने के लिए गया। इसी दौरान अचानक नदी में डूबने लगाएजब तक लोग बचाने के लिए नदी में उतरते तबतक अभिषेक डूब चुका था। लोगो ने घंटों मेहनत के बाद बाहर निकाला तो पता चला उसकी मौत हो चुकी है।

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केस 4

शोहरतगढ़ का बनागंगा बैराज भी मौत का स्पाट बन चुका है। यहां स्नान के दौरान हर साल लोग डूबते हैं। कारण पानी की गहराई का कोई पता नहीं है। बीते मंगलवार दोपहर बाद दो किशोर बानगंगा नदी के बैराज के पास नदी में दो किशोर नहाने गए थे। एक किशोर निकल गया। लेकिन एक किशोर की डूब कर मौत हो गई। शनिवार को बानगंगा नदी में नहाने गए चार किशोर में एक किशोर की डूबने से मौत हो गई थी। इस किशोर का शव एनडीआरएफ टीम 24 घंटे बाद शव बरामद किया था।

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कोई स्नान पर्व होता है तो नदियों या तालाबों में चिन्हित स्थल होता है। इसलिए उस स्थान पर सुरक्षा के लिए बैरेकेटिंग, झंडी आदि लगाया जाता है। गर्मी या सामान्य दिनों में लोग कहीं भी स्नान करने नदी में उतर जाते हैं। ऐसे में लोगों को नदी में नहाने से पहले स्थानीय लोगों से गहराई की जानकारी ले कर ही नदी में उतरें, खास कर बच्चे जब नदी में नहाने जाएं तो परिजनों को भी जानकारी दें और परिजन मना करें या फिर साथ जाएं, जिससे हादसे के दौरान उनका मदद किया जा सके।


-डॉ. संजीव कुमार दीक्षित, एसडीएम डुमरियागंज

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बानगंगा नदी के बैराज के प्रांगण में जगह-जगह सावधानी संबंधी चिन्ह बोर्ड लगवा दिया है। बैराज पर ड्यूटी लगाए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा कर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। कि दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में न जाए। लेकिन युवा नदी के अन्य-अन्य रास्तों से नदी जाकर नहा रहे है। कुछ स्थान सावधानी संबंधी चिन्ह बोर्ड नहीं लगा है। जल्द ही उस स्थानों पर सावधानी संबंधी चिन्ह बोर्ड लगवा दिया जाएगा।
-कर्मेन्द्र कुमार, एसडीएम
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