{"_id":"65bd2d7dc40cf2361d0c5074","slug":"technical-knowledge-is-proving-effective-in-employment-of-youth-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-112303-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: युवाओं के रोजगार में कारगर साबित हो रहा तकनीकी ज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: युवाओं के रोजगार में कारगर साबित हो रहा तकनीकी ज्ञान
Fri, 02 Feb 2024 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 02 Feb 2024 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रबंधन संकाय में शुक्रवार को राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नाइलिट द्वारा सैनिटाइजिंग स्टूडेंट अबाउट नॉलेज एंड साइबर सिक्योरिटी वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
नाइलिट प्रोग्राम के निदेशक एवं वाणिज्य विभाग के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर सौरभ ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में सूचना एवं प्रौद्योगिकी का ज्ञान सबके लिए आवश्यक हो गया है। छात्रों व शिक्षकों के लिए तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी में दक्षता को अनिवार्य माना जा रहा है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से ही आज के समय में कोई भी छात्र अपना चौमुखी विकास कर सकता है।
विश्वविद्यालय ने छात्रों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कौशल युक्त बनाने के लिए भारत सरकार की योजना राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नाइलिट के साथ विगत दिनों में समझौता किया था। उसी के तहत आज यह कार्यशाला आयोजित है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रमों की जानकारी तथा उसके माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करना है। नाइलेट के प्रभारी प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नाइलेट के माध्यम से आज लाखों विद्यार्थियों को सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कौशल युक्त बनाया गया है। विभिन्न विभागों में नाइलेट के प्रमाण पत्र को पूरी मान्यता के साथ स्वीकार किया जा रहा है। संस्थान के प्रमाण पत्र की मान्यता भारत ही नहीं वैश्विक स्तर पर है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए नाइलेट संस्थान द्वारा सूचना और प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिकी के विभिन्न कार्यक्रम बहुत उपयोगी हैं। छात्र इन कार्यक्रमों को अपने मूल पढ़ाई के साथ कर सकते हैं। विज्ञान और प्रबंधन के छात्रों के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। विश्वविद्यालय में नाइलेट संस्थान छात्रों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण एवं सक्रियता के साथ कार्य करेगा।
विज्ञापन
अभिनव मिश्रा ने कहा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की जानकारी रखना जितना महत्वपूर्ण है उससे अधिक साइबर सुरक्षा है। क्योंकि जिस तरह से आधुनिक समय में तकनीक का उपयोग और उसे पर निर्भरता बढ़ी है उसी मात्रा में साइबर सिक्योरिटी की भी आवश्यकता बढ़ी है। आज डाटा प्रोटेक्शन से लेकर फाइनेंस प्रोडक्शन तक की आवश्यकता महसूस की जा रही है। भविष्य में रोजगार का एक बहुत बड़ा अवसर साइबर सिक्योरिटी में दक्ष लोगों की होगी। इस दौरान अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रोफेसर प्रकृति राय, प्रो. सुनील श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश प्रसाद, डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. विमल चंद वर्मा, डॉ. सुनीता त्रिपाठी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
नाइलिट प्रोग्राम के निदेशक एवं वाणिज्य विभाग के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर सौरभ ने कहा की वर्तमान परिदृश्य में सूचना एवं प्रौद्योगिकी का ज्ञान सबके लिए आवश्यक हो गया है। छात्रों व शिक्षकों के लिए तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी में दक्षता को अनिवार्य माना जा रहा है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से ही आज के समय में कोई भी छात्र अपना चौमुखी विकास कर सकता है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय ने छात्रों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कौशल युक्त बनाने के लिए भारत सरकार की योजना राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नाइलिट के साथ विगत दिनों में समझौता किया था। उसी के तहत आज यह कार्यशाला आयोजित है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रमों की जानकारी तथा उसके माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करना है। नाइलेट के प्रभारी प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नाइलेट के माध्यम से आज लाखों विद्यार्थियों को सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कौशल युक्त बनाया गया है। विभिन्न विभागों में नाइलेट के प्रमाण पत्र को पूरी मान्यता के साथ स्वीकार किया जा रहा है। संस्थान के प्रमाण पत्र की मान्यता भारत ही नहीं वैश्विक स्तर पर है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए नाइलेट संस्थान द्वारा सूचना और प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिकी के विभिन्न कार्यक्रम बहुत उपयोगी हैं। छात्र इन कार्यक्रमों को अपने मूल पढ़ाई के साथ कर सकते हैं। विज्ञान और प्रबंधन के छात्रों के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। विश्वविद्यालय में नाइलेट संस्थान छात्रों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण एवं सक्रियता के साथ कार्य करेगा।
विज्ञापन
अभिनव मिश्रा ने कहा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की जानकारी रखना जितना महत्वपूर्ण है उससे अधिक साइबर सुरक्षा है। क्योंकि जिस तरह से आधुनिक समय में तकनीक का उपयोग और उसे पर निर्भरता बढ़ी है उसी मात्रा में साइबर सिक्योरिटी की भी आवश्यकता बढ़ी है। आज डाटा प्रोटेक्शन से लेकर फाइनेंस प्रोडक्शन तक की आवश्यकता महसूस की जा रही है। भविष्य में रोजगार का एक बहुत बड़ा अवसर साइबर सिक्योरिटी में दक्ष लोगों की होगी। इस दौरान अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रोफेसर प्रकृति राय, प्रो. सुनील श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश प्रसाद, डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. विमल चंद वर्मा, डॉ. सुनीता त्रिपाठी उपस्थित रहे।