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Siddharthnagar News: हैंडओवर के पेच में अटकी तकनीकी शिक्षा
Mon, 06 Jul 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:41 AM IST
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तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के मनिकौरा गांव में सवा छह करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय आईटीआई काॅलेज के हैंडओवर न होने से विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा से दूर हैं। मजबूरी में उन्हें दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि मुख्य भवन बन चुका है और उसमें कक्षाएं शुरु होनी हैं लेकिन कुछ अतिरिक्त भवन के चक्कर में शुरुआत नहीं कर रहे हैं। वहीं, अधिकारियों के मुताबिक काॅलेज बन कर तैयार हो गया है। शीघ्र ही हैंडओवर हो जाएगा और उसके बाद शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।
बढ़नी ब्लॉक शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है। यहां पर बड़े शैक्षिक संस्थान न होने के कारण बच्चों को अन्य शहरों में जाना पड़ता है। खास करके टेक्निकल डिग्री हासिल करने के लिए यहां कोई विकल्प नहीं है।
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सीमावर्ती इलाके के विद्यार्थियों की परेशानियों को देखते हुए 2016 में तत्कालीन विधायक लालमुन्नी सिंह ने प्रयास कर मनिकौरा में आईटीआई कॉलेज के लिए 6.27 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत करवाए।
खबर सुनकर क्षेत्रवासियों में प्रसन्नता की एक लहर दौड़ गई कि अब उनके बच्चों को आईटीआई के लिए गोरखपुर व अन्य शहरों में नहीं जाना होगा। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस की ओर से निर्माण कार्य करवाया जा रहा था लेकिन कार्य में लापरवाही के कारण शासन ने अधूरे काम को पूरा करने की जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंप दी।
मौजूदा समय में शिक्षकों के लिए आवास और वर्कशाॅप का काम हो रहा है। इसके अलावा पानी की टंकी भी बन रही है। ठेकेदार ने बताया कि मिट्टी पटाई का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा वहां काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या वहां जाने के लिए रास्ता नहीं है।
बरसात में तो पैदल के अलावा किसी भी प्रकार से नहीं जाया जा सकता है। इसको लेकर शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने गत दिसंबर 2024 में व्यवसायिक शिक्षा और कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल से मिलकर इस मामले को उठाया था।
अधिकारियों के मुताबिक आईटीआई काॅलेज का निर्माण पूरा हो चुका है। आखिरी काम चल रहा है। शीघ्र ही काॅलेज हैंडओवर हो जाएगा और शिक्षण कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
क्षेत्र के राकेश मिश्र, ओमप्रकाश, रियाज अहमद, सिद्धार्थ यादव ने बताया कि करीब नौ साल हो रहे हैं, अभी तक काम पूरा नहीं कर हो पाया है।
मुख्य भवन तैयार है, अगर चाहते तो कक्षाएं शुरू हो जातीं लेकिन अन्य अतिरिक्त भवन के कारण उसे भी लटकाए हुए हैं। इस साल भी संचालन की उम्मीद नहीं है। इस पर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
इस संबंध में उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड के जेई ओमप्रकाश यादव ने बताया कि काॅलेज का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही काॅलेज का हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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लोगों का कहना है कि मुख्य भवन बन चुका है और उसमें कक्षाएं शुरु होनी हैं लेकिन कुछ अतिरिक्त भवन के चक्कर में शुरुआत नहीं कर रहे हैं। वहीं, अधिकारियों के मुताबिक काॅलेज बन कर तैयार हो गया है। शीघ्र ही हैंडओवर हो जाएगा और उसके बाद शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।
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बढ़नी ब्लॉक शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है। यहां पर बड़े शैक्षिक संस्थान न होने के कारण बच्चों को अन्य शहरों में जाना पड़ता है। खास करके टेक्निकल डिग्री हासिल करने के लिए यहां कोई विकल्प नहीं है।
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सीमावर्ती इलाके के विद्यार्थियों की परेशानियों को देखते हुए 2016 में तत्कालीन विधायक लालमुन्नी सिंह ने प्रयास कर मनिकौरा में आईटीआई कॉलेज के लिए 6.27 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत करवाए।
खबर सुनकर क्षेत्रवासियों में प्रसन्नता की एक लहर दौड़ गई कि अब उनके बच्चों को आईटीआई के लिए गोरखपुर व अन्य शहरों में नहीं जाना होगा। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस की ओर से निर्माण कार्य करवाया जा रहा था लेकिन कार्य में लापरवाही के कारण शासन ने अधूरे काम को पूरा करने की जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंप दी।
मौजूदा समय में शिक्षकों के लिए आवास और वर्कशाॅप का काम हो रहा है। इसके अलावा पानी की टंकी भी बन रही है। ठेकेदार ने बताया कि मिट्टी पटाई का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा वहां काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या वहां जाने के लिए रास्ता नहीं है।
बरसात में तो पैदल के अलावा किसी भी प्रकार से नहीं जाया जा सकता है। इसको लेकर शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने गत दिसंबर 2024 में व्यवसायिक शिक्षा और कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल से मिलकर इस मामले को उठाया था।
अधिकारियों के मुताबिक आईटीआई काॅलेज का निर्माण पूरा हो चुका है। आखिरी काम चल रहा है। शीघ्र ही काॅलेज हैंडओवर हो जाएगा और शिक्षण कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
क्षेत्र के राकेश मिश्र, ओमप्रकाश, रियाज अहमद, सिद्धार्थ यादव ने बताया कि करीब नौ साल हो रहे हैं, अभी तक काम पूरा नहीं कर हो पाया है।
मुख्य भवन तैयार है, अगर चाहते तो कक्षाएं शुरू हो जातीं लेकिन अन्य अतिरिक्त भवन के कारण उसे भी लटकाए हुए हैं। इस साल भी संचालन की उम्मीद नहीं है। इस पर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
इस संबंध में उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड के जेई ओमप्रकाश यादव ने बताया कि काॅलेज का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही काॅलेज का हैंडओवर कर दिया जाएगा।